एशिया कप फ़ाइनल से पहले विराट कोहली और भारतीय टीम की क्या है चिंता?

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- Author, नितिन श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कोलंबो से
भारत और श्रीलंका की टीमें रविवार को कोलंबो में एशिया कप क्रिकेट प्रतियोगिता के फ़ाइनल में भिड़ने वाली हैं.
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम और विराट कोहली के बीच एक ख़ास लगाव है. शतकीय पारी खेलने का.
पिछले हफ़्ते पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विराट ने इस ग्राउंड पर लगातार अपना चौथा शतक बनाया था और वो भी ख़राब मौसम, भीगी हुई नम पिच पर.
लेकिन श्रीलंका से हुए अगले मैच ने विराट कोहली के सामने एक पुरानी लेकिन जानी-पहचानी चुनौती खड़ी कर दी.
विराट ने बमुश्किल 12 गेंदों पर तीन रन ही बनाए थे कि श्रीलंका के नौजवान स्पिनर दुनिथ वेल्लालागे ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया.
निराशा में अपना सिर हिलकार पवेलियन लौटते समय विराट के मन में बहुत कुछ चल रहा होगा. चिंता की बात भी है.

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क्या इनके सामने असहज हो जाते हैं कोहली?
साल 2023 में खेले गए एकदिवसीय मैचों में कोहली चौथी बार किसी लेफ़्ट-आर्म स्पिनर का शिकार हुए थे.
कोहली की चिंता सिर्फ़ यहीं ख़त्म नहीं होती. मिचेल सैंटनर, शाकिब अल हसन, एश्टन एगर, केशव महाराज और श्रीलंका के वेल्लालागे, ये सभी धीमी गति से लेफ़्ट-आर्म स्पिन फेंकने वाले गेंदबाज़ हैं जिन्होंने 2021 के बाद से विराट कोहली को सस्ते में आउट किया है.
इनमें से सैंटनर, शाकिब अल हसन और महाराज ने तो कोहली को दो-दो बार आउट किया है.
कुल मिलाकर साल 2021 से खेले गए 28 एकदिवसीय मैचों में से विराट कोहली आठ बार लेफ़्ट-आर्म स्पिन गेंदबाज़ी का शिकार हो चुके हैं.
श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ और लेफ़्ट-आर्म गेंद डालने वाले सनथ जयसूर्या को लगता है कि “कोहली को इन आँकड़ों को भूल कर स्पिनर्स को खेलना चाहिए”.
उन्होंने कहा, “कोहली जैसे बड़े प्लेयर कम होते हैं तो ज़ाहिर हैं उनके हर विकेट पर न सिर्फ़ गेंदबाज़ों बल्कि विपक्षी टीम के थिंक-टैंक की नज़र गड़ी रहती है. क्योंकि कोहली एक मैच विनर भी हैं इसलिए उन्हें आउट करना सबसे अहम भी रहता है. अब पिछले कुछ सालों में जब उन्हें स्पिनर्स ने आउट किया है तो हम देखते हैं विपक्षी गेंदबाज़ उनके ख़िलाफ़ स्पिनर्स जल्दी उतार दे रहे हैं. पहले शायद ऐसा नहीं हुआ करता था”.

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घूमती गेंदों के आगे कोहली की चूक
विराट कोहली का स्पिन गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ इस तरह का प्रदर्शन सिर्फ़ एकदिवसीय क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है. पिछले कुछ सालों में खेले गए आईपीएल मैचों पर नज़र दौड़ने से तस्वीर थोड़ी और साफ़ दिखने लगती है.
आईपीएल में तेज गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ विराट कोहली की बल्लेबाज़ी का स्ट्राइक रेट 132.51 रहा है जबकि स्पिनर्स के ख़िलाफ़ यही स्ट्राइक रेट 123.96 रनों का था.
लेकिन साल 2020 के बाद से तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ उनका स्ट्राइक रेट 133.28 रन तो रहा लेकिन स्पिनर्स के ख़िलाफ़ गिर कर 106.68 आ चुका है.
आईपीएल 2023 सीज़न के पहले हाफ़ में कोहली पाँच बार आउट हुए थे जिसमें चार बार उन्हें स्पिनर्स ने निशाना बनाया. ललित यादव, अमित मिश्रा, हरप्रीत बरार और सुनील नरेन ने उनका विकेट सस्ते में लिया था.
इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज़ डॉमिनिक कॉर्क के मुताबिक़, “हर मैच विनर, हर मैच में नहीं चलता और इसे भुलाना नहीं चाहिए. बस बड़े मैच विनर और साधारण प्लेयर में फ़र्क़ इसी बात का होता है कि मैच विनर टीम को गर्त से निकाल कर जिता सकता है और कोहली आज भी मैच विनर हैं.”

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श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने होगी परीक्षा
ज़ाहिर है, भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा को रविवार के फ़ाइनल से ख़ासी उम्मीदें रहेंगी क्योंकि इसके बाद भारतीय टीम किसी एशियाई विरोधी से नहीं भिड़ेगी.
उसका मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा और फिर टीम सीधे भारत में अक्तूबर से शुरू होने वाले विश्व कप में उतरेगी.
शुक्रवार को एशिया कप के आख़िरी सुपर-फ़ोर मैच में बांग्लादेश से हारने के बाद टीम इंडिया को फ़ाइनल में दोबारा अपनी लय तलाशनी पड़ सकती है.
क्योंकि फ़ाइनल श्रीलंका के ख़िलाफ़ है तो भारतीय ख़ेमे में ये याद भी ताज़ा ही होगी कि पिछले मैच में भले ही भारत श्रीलंका से जीत गया था लेकिन श्रीलंकाई स्पिनर्स ने भारत के पूरे 10 विकेट चटकाए थे.
इसमें कोहली के साथ साथ बोल्ड होने वालों में कप्तान रोहित शर्मा भी थे जो बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पिछले मैच में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे थे.
श्रीलंका के सफलतम लेफ़्ट-आर्म स्पिनर्स में से एक रंगना हेरथ के अनुसार, “श्रीलंका में नौजवान स्पिनर्स की खेप दुनिया के किसी भी चोटी के बल्लेबाज़ को मुश्किल में डाल सकती है, चाहे वो कोई भी हो. वेल्लालगे के अलावा महीश तीक्षणा, चरिथ असालांका, दुशन हेमंत और धनंजय डि-सिल्वा भी उतने ही घातक हैं.”
इस एशिया कप फ़ाइनल और भारतीय बल्लेबाज़ों का श्रीलंका के तीन स्पिनर्स को खेलने का तरीक़ा आगे के लिए भी उतना ही अहम है.
भारत में होने वाले विश्व कप मैचों में से टीम इंडिया चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ और मुंबई के धीमे विकट वाले मैदानों पर भी अपने ग्रुप मैच खेलेगी.
इन मैदानों पर टीम के स्पिनर्स का तो इम्तेहान होगा ही, साथ ही बल्लेबाज़ों की भी उनके ख़िलाफ़ परीक्षा देनी होगी.
ज़ाहिर है, सबकी निगाहें एकदिवसीय क्रिकेट में 13,000 रन बना चुके विराट कोहली पर भी रहेगी.
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