पीएम मोदी से फ़ोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने रूस से तेल ख़रीदने पर फिर किया ये दावा

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया है कि भारत के पीएम मोदी ने उन्हें कहा है कि वे रूस से ज़्यादा तेल नहीं ख़रीदेंगे.
ट्रंप ने मंगलवार रात पीएम मोदी को फ़ोन कर उन्हें दिवाली की शुभकामनाएँ दी हैं.
पीएम मोदी ने भी ट्रंप की शुभकामनाओं के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "फ़ोन करने और दिवाली की शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया राष्ट्रपति ट्रंप. रोशनी के इस त्योहार के मौक़े पर कामना है कि हमारे दो महान लोकतंत्र दुनिया को उम्मीद की किरण दिखाते रहें और हर तरह के आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट रहें."
इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने दिवाली के मौक़े पर व्हाइट हाउस में दिये जलाकर यह त्योहार मनाया.

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ट्रंप ने कहा, "मैं भारत के लोगों से प्यार करता हूँ. हम दोनों देशों के बीच कुछ बेहतरीन समझौतों पर काम कर रहे हैं. मैंने आज प्रधानमंत्री मोदी से बात की और हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं. वे रूस से ज़्यादा तेल नहीं ख़रीदेंगे."
ट्रंप ने आगे कहा, "वे भी मेरी तरह रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को ख़त्म होते देखना चाहते हैं. वे बहुत ज़्यादा तेल नहीं ख़रीदने जा रहे हैं. इसलिए उन्होंने इसमें काफ़ी कटौती कर दी है और वे इसमें लगातार कटौती करते जा रहे हैं..."
उन्होंने कहा, "हमने व्यापार के बारे में बात की, जिसमें उनकी दिलचस्पी है. हालाँकि कुछ समय पहले हमने इस बारे में बात की थी कि पाकिस्तान के साथ कोई युद्ध नहीं होना चाहिए. दोनों देशों के बीच व्यापार की वजह से मैं इस मुद्दे पर बात कर पाया था. हमारी भारत या पाकिस्तान से कोई लड़ाई नहीं है."
ट्रंप ने मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए कहा, "वो एक महान शख्स हैं, और बीते कुछ साल में मेरे बहुत अच्छे मित्र बन गए हैं. कुछ ही देर में, हम अंधकार पर प्रकाश की विजय के भरोसे के प्रतीक के तौर पर दिया जलाएँगे. यह अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत है."
कांग्रेस ने क्या कहा

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कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने टिप्पणी की है.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री ने आख़िरकार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें फ़ोन किया और दोनों ने एक-दूसरे से बात की. लेकिन प्रधानमंत्री ने बस इतना ही कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिवाली की शुभकामनाएँ दीं."
जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि मोदी इसे छिपाते हैं, जबकि ट्रंप इसे उजागर करते हैं.
उन्होंने कहा है, "अपनी ओर से, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि दिवाली की शुभकामनाओं के अलावा, उन्होंने रूस से भारत के तेल आयात के बारे में भी बात की और उन्हें भरोसा दिया गया है कि ये आयात बंद कर दिए जाएँगे. पिछले छह दिनों में यह चौथी बार है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत की नीति की घोषणा की है."
"इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 मई की शाम को मोदी से पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोकने की घोषणा की थी."
ट्रंप पहले भी कर चुके हैं दावा

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रूस कच्चे तेल और गैस का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है, जिनके प्रमुख ख़रीदार चीन, भारत और तुर्की हैं.
ट्रंप ने कुछ दिन पहले भी एक सवाल के जवाब में भारत के बारे में कहा था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे मित्र हैं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं. मैं इस बात से ख़ुश नहीं था कि भारत तेल ख़रीद रहा है और उन्होंने आज मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं ख़रीदेंगे."
ट्रंप ने कहा कि भारत 'तुरंत' तेल आयात बंद नहीं कर सकता, लेकिन यह बदलाव 'एक प्रक्रिया का हिस्सा' है और यह 'जल्द ही पूरा हो जाएगा.'
ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले सामान पर 50 फीसदी तक टैरिफ़ लगाया है. ट्रंप ने इस बड़े टैरिफ़ को रूस से तेल और हथियार ख़रीदने के लिए भारत को दी गई 'सज़ा' बताया है.
ट्रंप के इस दावे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था.
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से डरे हुए हैं. वो ट्रंप को यह फ़ैसला लेने और घोषणा करने देते हैं कि भारत रूसी तेल नहीं ख़रीदेगा. वो बार-बार की गई अनदेखी के बावजूद ट्रंप को बधाई संदेश भेजते रहते हैं."
भारत का जवाब

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पिछले दिनों तेल की ख़रीद से जुड़े मुद्दे पर ट्रंप के दावे के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी थी.
उन्होंने कहा था ,"भारत बड़ी मात्रा में तेल और गैस का आयात करता है. ऊर्जा के लगातार बदलने वाले माहौल में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. ऊर्जा की क़ीमतों को स्थिर बनाए रखना और इसकी सप्लाई सुनिश्चित करना हमारे दो मक़सद रहे हैं."
रणधीर जायसवाल ने कहा, "जहाँ तक अमेरिका का सवाल है, तो हम कई साल से अपनी ऊर्जा ख़रीद का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले एक दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है. अमेरिका के मौजूदा प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाने में रुचि दिखाई है और इस पर बातचीत जारी है."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ़ के बावजूद भारत ने रूस से कच्चा तेल ख़रीदना जारी रखा है.
यूरोपीय थिंक टैंक सेंटर फ़ॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) की रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले महीने यानी सितंबर में भारत ने रूस से 2.5 अरब यूरो यानी 2.91 अरब डॉलर की कच्चे तेल की ख़रीद की.
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है, जबकि सितंबर में चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा ख़रीदार बना रहा.
रूस से तेल ख़रीदने पर अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगाया था.
सीआरईए के मुताबिक़, सितंबर में "भारत ने रूसी जीवाश्म ईंधन की कुल 3.6 अरब यूरो की ख़रीद की."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
















