दिल्ली के सीआर पार्क में मछली बाज़ार पर भिड़े महुआ मोइत्रा और बीजेपी के नेता, जानिए क्या है मामला

अमित मालवीय, महुआ मोइत्रा

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तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया है कि दक्षिणी दिल्ली के चर्चित और बंगाली बहुल चितरंजन पार्क इलाके में बीजेपी से जुड़े लोग मछली की उन दुकानों को बंद करवा रहे हैं, जो मंदिर के आस-पास हैं. हालांकि, बीजेपी ने ये दावा सिरे से ख़ारिज किया है.

महुआ मोइत्रा ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "ये देखिए, भगवा ब्रिगेड के भाजपाई गुंडे दिल्ली के चितरंजन पार्क में मछली खाने वाले बंगालियों को धमका रहे हैं. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि 60 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ था."

हालांकि, महुआ के इस दावे को बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने गलत और मनगढ़ंत बताया है.

महुआ मोइत्रा ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें देखा जा सकता है कि कुछ लोग भगवा कपड़े पहने हुए मछली मार्केट के विक्रेताओं को धमका रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि मंदिर के पास ऐसे मछली बेचना गलत है.

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महुआ ने क्या लिखा और बीजेपी क्या बोली

महुआ और बीजेपी का बयान

वायरल वीडियो में कुछ लोग कह रहे हैं कि मंदिर परिसर शुद्ध रहना चाहिए. वीडियो में ये भी कहा जा रहा है कि मंदिर के साथ जो चीज़ (मछली बाज़ार) हो रही है, वो कहीं न कहीं सभी सनातनियों को ठेस पहुंचा रही है.

इसी वीडियो को शेयर करते हुए महुआ मोइत्रा ने एक के बाद एक एक्स पर कई पोस्ट किए.

उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, "दिल्ली के सीआर पार्क में जिस मंदिर पर बीजेपी के गुंडे दावा कर रहे हैं, वो बाज़ार में नॉन वेज बेचने वालों ने बनवाया था. वो यहां पूजा करते हैं. बड़ी पूजा यहां होती है."

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वो बोलीं, "दिल्ली में बीजेपी सरकार के तीन महीने पूरे हुए हैं. एनवर्सरी का बढ़िया गिफ़्ट."

इसके बाद महुआ मोइत्रा ने बांग्ला भाषा में लिखे गए एक व्हॉट्सऐप मेसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया. उन्होंने साथ में लिखा, "सीआर पार्क के पास रहने वाले एक बंगाली का संदेश जिसमें बताया गया है कि मांस और मछली की दुकानों को जबरन बंद करने से स्थिति कितनी भयावह हो गई है."

महुआ मोइत्रा ने बुधवार को एक और वीडियो शेयर किया है जिसमें वो अपने दावे को दोहराती हुई कह रही हैं कि क्या अब बीजेपी ये बताएगी कि हमें क्या खाना है और क्या नहीं.

उन्होंने ये भी कहा कि जिस मंदिर के पास ये हो रहा है वो वहां के मछली बाज़ार विक्रेताओं ने ही मिलकर बनवाया है.

सीआर पार्क बंगाली बहुल इलाक़ा है. हर साल नवरात्रों के दौरान सीआर पार्क में होने वाली दुर्गा पूजा भी लोगों का ध्यान खींचती है.

हालांकि, बीजेपी ने महुआ मोइत्रा के दावों को झूठा करार दिया है.

अमित मालवीय ने एक्स पोस्ट में लिखा, "टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली के सीआर पार्क का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग मंदिर के बगल में डीडीए-अप्रूव्ड मछली बाज़ार के विक्रेताओं को धमका रहे हैं. ये वीडियो झूठा और मनगढ़ंत है. ऐसा लगता है कि ये यहां रहने वाले अलग-अलग समुदायों के बीच दुर्भावना को बढ़ावा देने के मकसद से शूट किया गया है."

अमित मालवीय ने तंज़ भरे अंदाज़ में ये भी कहा है कि शायद ये वीडियो वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी (महुआ मोइत्रा) से जुड़े विवादों से ध्यान हटाने के लिए है, जिसमें टीएमसी का संसदीय दल खुद को उलझा हुआ महसूस करता है.

उन्होंने लिखा, "टीएमसी को ये सलाह है कि वह अपने सांप्रदायिक ज़हर को सिर्फ़ उसी राज्य तक सीमित रखे, जहाँ इसकी प्रासंगिकता है. संबंधित सांसद को सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने की कोशिश से बचना चाहिए."

अमित मालवीय ने शिवम प्रताप सिंह नाम के एक पत्रकार का हवाला देते हुए ये भी लिखा कि महुआ के दावों की सच्चाई उन्होंने सामने लाई है. रोज़ाना मंदिर जाने वाले लोग और मछली मार्केट के विक्रेताओं ने इस तरह की धमकियां मिलने से साफ़ इनकार किया है.

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वीडियो कैप्शन, महुआ मोइत्रा के साथ ख़ास बातचीत

आम आदमी पार्टी की क्या रही प्रतिक्रिया?

सौरभ भारद्वाज

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इमेज कैप्शन, आम आदमी पार्टी के दिल्ली चीफ़ सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में बीजेपी को घेरा है और कहा है कि पार्टी को बंगाली संस्कृति की समझ नहीं है

अमित मालवीय ने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की ओर से इस मामले में जारी एक बयान को भी साझा किया है.

इसके अनुसार, "वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सभी को मंदिरों की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए और यहां सीआर पार्क में मछली बाज़ार के विक्रेताओं ने हमेशा मंदिरों का सम्मान किया है. मछली बाज़ार कानूनी रूप से आवंटित किए गए हैं और ये इस इलाके की ज़रूरत हैं. मछली विक्रेता इलाके में अत्याधिक सफाई बनाए रखते हैं और सीआर पार्क की सामाजिक धार्मिक गतिविधियों में नियमित रूप से शामिल होते हैं."

वीरेंद्र सचदेवा की ओर से जारी मीडिया रिलीज़ के मुताबिक, "ऐसा लगता है कि महुआ मोइत्रा का सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया वीडियो, सीआर पार्क में सामुदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए निहित राजनीतिक स्वार्थ वाले लोगों की ओर से बनाया गया है. हम इस घटना की निंदा करते हैं और दिल्ली पुलिस से सख़्त कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं."

हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है. मगर अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ये जानकारी दी है कि, "स्थानीय पुलिस थाने को इस बाबत कोई शिकायत नहीं मिली है. हालांकि, मामले की जांच की जा रही है."

इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है.

दिल्ली में पार्टी के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी को भारत की संस्कृति के बारे में कुछ नहीं पता. व्हाट्सऐप पर जो देख लेते हैं, उसको सच मान लेते हैं. चितरंजन पार्क के अंदर जो बंगाली कम्युनिटी है, मैं मानता हूं कि वो सबसे पढ़े लिखे और बुद्धिजीवी लोग हैं. बंगाल की संस्कृति की नासमझी, भारतीय जनता पार्टी को भारी पड़ेगी."

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जिस हर्षोल्लास से दुर्गा पूजा चितरंजन पार्क में मनती होगी, उससे ज़्यादा उपासना कहीं नहीं होती होगी. जहां पर मां दुर्गा की पूजा होती है, उसी दुर्गा के प्रांगण के अंदर मच्छी भी मिलती है, नॉन वेजिटेरियन मिलता है. उनका वो कल्चर है. वो लोग नवरात्र में नॉन वेजिटेरियन खाते हैं. आप चुनावों के बाद, वहां पर पहुंच जाए और जो लीगल मार्केट हैं, उन्हें दादागिरी करके धमकाएं...वो ठीक नहीं है."

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ये रेहड़ी-पटरी वाले लोगों को ही धमकाती है, दिल्ली के अंदर इतने सारे फ़ाइव स्टार होटल हैं. अगर भारतीय जनता पार्टी में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन होटलों के अंदर भी तो जाए.

चितरंजन पार्क और बंगालियों का नाता

सीआर पार्क की दुर्गा पूजा पूरी दिल्ली में मशहूर है

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इमेज कैप्शन, हर साल सीआर पार्क की दुर्गा पूजा पूरी दिल्ली का ध्यान खींचती है

चितरंजन पार्क इलाके की परिकल्पना 1947 में भारत के विभाजन के बाद पूर्वी पाकिस्तान, (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होने वाले लोगों के लिए की गई थी.

स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास के नाम पर साल 1972 में इस इलाके का नाम चितरंजन पार्क पड़ा.

यहां रहने वाले बंगालियों की सटीक संख्या बता पाना मुश्किल है लेकिन बंगालियों की आबादी का अंदाज़ा इससे ज़रूर लगाया जा सकता है कि ये इलाका 'मिनी बंगाल' या 'मिनी कोलकाता' के नाम से भी जाना जाता है.

वैसे तो दिल्ली में कई मशहूर दुर्गा पंडाल हर साल सजते हैं लेकिन चितरंजन पार्क के पंडालों की अलग ही रौनक होती है.

ये जगह मछली बाज़ारों, संदेश और चमचम जैसी मिठाइयां बेचने वाली पुरानी छोटी-छोटी दुकानों के लिए मशहूर है. बंगाली व्यंजनों के लिए यहां कई ख़ास दुकानें हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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