कलकत्ता हाई कोर्ट का सवाल: संदेशखाली मामले के मुख्य अभियुक्त शाहजहां शेख अब तक पद पर कैसे?,

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल किया है कि संदेशखाली मामले के मुख्य अभियुक्त शाहजहां शेख सीबीआई की हिरासत में होने के बावजूद अब तक उत्तर 24-परगना ज़िला परिषद में अपने पद पर कैसे बने हुए हैं? क्या ऐसा संभव है?
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में शाहजहां शेख समेत तृणमूल कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं पर महिलाओं के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं.
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया कि इस मामले की अगली सुनवाई तक यह सुनिश्चित करें कि वह अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके.
इस मामले की अगली सुनवाई चार अप्रैल को होगी.
तृणमूल कांग्रेस ने शाहजहां शेख को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है. इसके बावजूद वो ज़िला परिषद में अपने पद पर बने हुए हैं. पश्चिम बंगाल की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और ज़िला परिषद शामिल हैं.

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इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अशोक चक्रवर्ती ने खंडपीठ को बताया, "शाहजहां शेख अब भी राज्य सरकार के मंत्रिमंडल के किसी सदस्य की तरह सत्ता का सुख भोग रहा है. इसलिए उसे तुरंत उसके पद से हटाया जाना चाहिए."
अदालत को ये भी बताया गया कि इस मामले में संदेशखाली की 80 महिलाएं भी वादी बनने की इच्छुक हैं.
अदालत ने राज्य के एडवोकेट जनरल से सवाल किया कि क्या शाहजहां अब भी जिला परिषद के सदस्य बने रहेंगे?
इस पर उन्होंने भरोसा दिया कि उनको पद से हटाने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
इस बीच, सीबीआई की एक टीम आज शाम संदेशखाली स्थित शाहजहां के घर गए और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की.
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच का जिम्मा मिलने के बाद सीबीआई ने तीन एफ़आईआर दर्ज की हैं.


















