बिलावल भुट्टो अपनी बहन आसिफ़ा के साथ जापान जाकर क्यों घिर गए?

एक कार्यक्रम के दौरान बिलावल और आसिफ़ा

इमेज स्रोत, @BBhuttoZardari

इमेज कैप्शन, एक कार्यक्रम के दौरान बिलावल और आसिफ़ा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री का अपनी बहन के साथ जापान का आधिकारिक दौरा करना विवाद का विषय बन गया है.

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कई पत्रकारों से लेकर पूर्व राजनयिक तक इसकी आलोचना कर रहे हैं.

इस मामले के सामने आने के बाद विदेश मंत्री की पार्टी को सफ़ाई जारी करनी पड़ी है.

ये भी पढ़ें..

क्या है मामला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को जापान पहुंचे थे. वो जापान सरकार के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा पर गए हैं.

राजधानी टोक्यो पहुँचने के बाद उन्होंने वहाँ पर पाकिस्तानी मूल के लोगों से मुलाक़ात की जिस दौरान उनकी बहन आसिफ़ा भुट्टो ज़रदारी भी उनके साथ थीं.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 1

इस कार्यक्रम की तस्वीरें जैसे ही बिलावल भुट्टो ने ट्वीट कीं वैसे ही आसिफ़ा के उनके साथ होने को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया.

ट्विटर पर लोग सवाल पूछने लगे कि आधिकारिक यात्रा पर आसिफ़ा उनके साथ क्या कर रही हैं. कई लोगों ने आरोप लगाया कि ये देश के करदाताओं के पैसे का ग़लत इस्तेमाल है.

सोशल मीडिया पर क्या कहा गया

पाकिस्तान के मुख्य विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के नेता अली आवान ने ट्वीट करके विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की निंदा की.

अली आवान ने लिखा कि जब ‘देश डिफ़ॉल्ट होने की कगार’ पर है तब बिलावल ‘अपनी बहन को आधिकारिक यात्रा पर लेकर जा रहे हैं.’

उन्होंने ट्वीट में लिखा, “ये हैं एक ऐसे मुल्क के विदेश मंत्री, जिसकी अर्थव्यवस्था डिफ़ॉल्ट होने की कगार पर है और देश के प्रतिनिधि अपनी बहन समेत एक बड़े ग्रुप के साथ दुनियाभर की सैर करते फिर रहे हैं.”

“लोकतांत्रिक मूल्यों का राग अलापने वाले बिलावल बताना पसंद करेंगे कि आसिफ़ा किस हैसियत से विदेश दौरे पर उनके साथ हैं? दिवालियेपन की चिंताओं से दो-चार देश की जनता के टैक्स का पैसा ऐसे ही इस्तेमाल करना ज़ुल्म नहीं है?”

ये भी पढ़ें..
छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 2

जमात-ए-इस्लामी कराची के प्रमुख हाफ़िज़ नईमुर रहमान ने ट्वीट किया है कि ‘इस तस्वीर में नया कुछ भी नहीं है.’

वो लिखते हैं, “बादशाहों/राजवंशों में ये होता है कि ग़ुलाम जनता के नए आक़ाओं को इसी तरह जनता के ख़र्चों पर तैयार किया जाता है.”

“इस देश में दिन-रात लोकतंत्र की हत्या होती है. पीपीपी हो या नून लीग, ख़ानदान हैं, उनकी शहज़ादियां और शहज़ादे हैं, पार्टी के सब लोगों की हैसियत दरबारियों की है. और जनता के ख़ून-पसीने की कमाई पर अय्याशियां हो रही हैं. लेकिन अब ज़माने बदल रहे हैं ये सब कुछ अब बहुत देर तक नहीं रह सकेगा. इंशाअल्लाह.”

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 3

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने भी इस मामले पर ट्वीट किया.

उन्होंने लिखा, “ये अजीब है कि आसिफ़ा जापानी विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भी मौजूद थीं. हम बेवजह के ध्यान भटकाने और विवाद पैदा करने में माहिर हैं. उम्मीद है कि विदेश मंत्रालय ने विदेश मंत्री को उनके साथ जाने और आधिकारिक मीटिंग में बैठने को लेकर उन्हें आगाह किया होगा.”

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 4

वहीं कुछ लोगों ने इस घटना पर अपने हिसाब से तंज़ भी कसा है.

पाकिस्तान के पत्रकार एहतिशाम-उल-हक़ ने ट्वीट करके सवाल किया कि ‘आधिकारिक यात्रा पर आसिफ़ा क्या कर रही हैं?’

इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए जूलरी आर्टिस्ट सारा तासीर ने तंज़ कसा कि ‘वही जो बिलावल भुट्टो ज़रदारी विदेश मंत्रालय में कर रहे हैं.’

छोड़िए X पोस्ट, 5
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 5

पीपीपी ने क्या दी सफ़ाई

इस मामले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है.

हालांकि पीपीपी की सूचना सचिव शाज़िया मरी ने आसिफ़ा भुट्टो ज़रदारी के विदेश मंत्री के साथ जाने को उनका ‘निजी दौरा’ बताया है. उनका कहना है कि आसिफ़ा अपने ख़र्चे पर जापान गई हैं.

मरी ने पाकिस्तान की न्यूज़ वेबसाइट डॉन.कॉम से कहा कि आसिफ़ा ‘अपने ख़र्चों पर निजी दौरे पर गई थीं’ और उन्होंने किसी भी आधिकारिक बैठक में भाग नहीं लिया था.

उन्होंने बताया कि आसिफ़ा ने केवल पाकिस्तानी और व्यापारिक समुदाय वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था.

शाज़िया मरी ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों ने इस मामले को उठाया है लेकिन इसमें कोई दम नहीं है.

बिलावल भुट्टो कौन हैं?

बिलावल भुट्टो ज़रदारी की उम्र महज़ 35 साल है. वह पिछले साल अप्रैल महीने में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बने थे.

27 दिसंबर, 2007 को माँ बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद बिलावल भुट्टो को पाकिस्तान पीपल्स पार्टी का उत्तराधिकारी घोषित किया गया. उस वक्त बिलावल महज़ 19 साल के थे और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के क्राइस्ट कॉलेज में इतिहास में ग्रेजुएशन कर रहे थे.

युवा बिलावल की तुलना उनके नाना ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो से होने लगी है. ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो भी 1963 से 66 तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे थे. बाद में ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो पाकिस्तान के राष्ट्रपति और फिर प्रधानमंत्री रहे.

ग्राफ़िक्स

पाकिस्तान-जापान के बीच क्या हुई बात

विदेश मंत्रियों की बैठक का ब्यौरा दोनों देशों ने जारी किया है. जापान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है कि बिलावल भुट्टो और जापान के विदेश मंत्री हयाशी योशीमासा के बीच तक़रीबन 45 मिनट की बातचीत हुई.

इसके साथ ही दोनों के बीच तक़रीबन एक घंटे के वर्किंग लंच में बातचीत हुई.

छोड़िए X पोस्ट, 6
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट X समाप्त, 6

जापान ने बताया है कि भुट्टो ने बीते साल पाकिस्तान में आई बाढ़ के दौरान मदद के लिए जापान का धन्यवाद किया है. वहीं दोनों देश हर क्षेत्र में अपनी पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

जापान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि जापनी विदेश मंत्री हयाशी ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री के आगे ‘खुले और मुक्त हिंद-प्रशांत’ क्षेत्र का मुद्दा भी उठाया.

दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में सहयोग पर अपने विचार साझा किए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)