आईपीएलः सुपर संडे को गरजा धुरंधरों का बल्ला, धोनी के खेमे में तूफ़ानी युवा बैटर की एंट्री

सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा

इमेज स्रोत, INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, चेन्नई के ख़िलाफ़ सूर्यकुमार यादव ने 68 और रोहित शर्मा 76 रन बनाए
    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

आईपीएल में सुपर संडे को खेले गए दो बड़े मुक़ाबलों में कई धुरंधर क्रिकेट प्लेयर्स ने धूम मचाई.

रविवार की शाम पाँच बार की चैंपियन दो टीमें मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुक़ाबले में पहले शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा का बल्ला गरजा.

जब मुंबई की बारी आई तो रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने एक ऐसी अविस्मरणीय पारी खेली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा.

हिट मैन रोहित ने की बोलती बंद

रोहित शर्मा रविवार को अच्छे फॉर्म में दिखे

इमेज स्रोत, INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, रोहित शर्मा रविवार को अच्छे फॉर्म में दिखे

चेन्नई के ख़िलाफ़ शून्य से इस सीज़न की शुरुआत करने वाले रोहित शर्मा ने उसके बाद से 8, 13, 17, 18 और 26 के स्कोर किए थे.

उनके फ़ॉर्म के साथ-साथ बतौर इम्पैक्ट प्लेयर उतारे जाने की भी आलोचना हो रही थी.

लेकिन वानखेड़े में रोहित का बल्ला इस कदर रन बरसाया (नाबाद 76 रन) कि उनके आलोचकों की बोलती बंद हो गई.

रोहित छह साल बाद आईपीएल में पारी की शुरुआत करने से अंत तक पिच पर डटे रहे. 2019 में कोलकाता के ख़िलाफ़ भी मुंबई ने ऐसी ही जीत दर्ज की थी.

उस दिन भी रोहित और सूर्यकुमार ने दूसरे विकेट की नाबाद साझेदारी से टीम को जीत दिलाई थी.

रविवार के इस मुक़ाबले में रोहित 75 मिनटों तक पिच पर छक्के, चौके जमाते रहे.

ख़ुद रोहित को भी इस फ़ॉर्म की तलाश थी.

रोहित 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' पाने का बाद बोले, "ख़ुद पर भरोसा खोना और संदेह करना आसान होता है लेकिन मैंने ख़ुद को बैक किया. मुझे पता है कि यह पारी काफ़ी समय बाद आई है. मैं लगातार प्रदर्शन नहीं कर रहा हूं लेकिन ख़ुद के ऊपर शंका भी नहीं शुरू करना चाहता."

'स्काई' की गरज से फटा रनों का बादल

ये इस वर्ष के आईपीएल में सूर्यकुमार यादव की पहली हाफ़ सेंचुरी है

इमेज स्रोत, Prakash Singh/Getty Images

इमेज कैप्शन, ये इस वर्ष के आईपीएल में सूर्यकुमार यादव की पहली हाफ़ सेंचुरी है

चेन्नई के गेंदबाज़ों की गेंदों पर एक ओर हिट मैन का प्रहार चल रहा था तो दूसरी तरफ 360 डिग्री स्काई (सूर्यकुमार) गरज रहे थे.

सूर्या जिस लय के साथ रन बरसा रहे थे, उसने चेन्नई के गेंदबाज़ों को बेबस कर दिया.

7वें ओवर में मुंबई का पहला विकेट गिरने के साथ ही सूर्यकुमार पिच पर आए और शुरुआती चार गेंदों पर तीन रन बनाए.

फिर उन्होंने अचानक गियर बदला और दनादन हर दिशा में गेंद बाउंड्री के बाहर जाने लगी.

जडेजा की गेंदों पर क़रीब दस की औसत से, नूर अहमद की बारह, तो पाथीराना की गेंदों पर 20.40 की औसत से रन पड़े.

सूर्यकुमार ने केवल 30 गेंदों पर 226.66 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 68 रन बनाए. इस दौरान कुल पांच छक्के, छह चौके भी लगाए. हालांकि रोहित शर्मा ने उनसे भी अधिक 6 छक्के जमाए.

इन दोनों की पारी के आगे चेन्नई की गेंदबाज़ी बेदम हो गई और मुंबई तीन साल बाद चेन्नई पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई.

मुंबई की टीम ने इससे पहले 2022 में चेन्नई को हराया था. उसके बाद दोनों टीमों के बीच हुए इस सीज़न के पहले मुक़ाबले तक, चेन्नई ने लगातार चार बार मुंबई को हराया.

म्हात्रे जिनकी हो रही है चर्चा

आयुष म्हात्रे

इमेज स्रोत, INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए डेब्यू करने वाले आयुष म्हात्रे की खूब चर्चा हो रही है
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

बेशक चेन्नई सुपर किंग्स मुक़ाबला हार गई है पर उसकी ओर से सबसे युवा क्रिकेटर के तौर पर अपना पहला मैच खेलने उतरे आयुष म्हात्रे की ख़ूब चर्चा हो रही है.

अभी एक दिन पहले (शनिवार को) वैभव सूर्यवंशी आईपीएल के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे.

रविवार को आयुष म्हात्रे ने चेन्नई के लिए सबसे कम उम्र में खेलने वाले क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया.

घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए खेलने वाले म्हात्रे ने पांच साल की उम्र में बैट पकड़ा था लेकिन पेशेवर क्रिकेट के बारे में 15 साल की उम्र में सोचना शुरू किया.

अपने सपने को पूरा करने के लिए म्हात्रे, विरार से चर्चगेट तक 80 किलोमीटर का सफ़र तय कर खेलने पहुंचा करते थे.

17 साल की उम्र में पिछले साल ही उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना शुरू किया और रणजी ट्रॉफ़ी के चौथे मैच में ही शतक जड़ दिया.

म्हात्रे दिसंबर 2024 में दिलीप ट्रॉफ़ी के मुक़ाबले में 117 गेंदों पर 181 रन बनाकर 150 से बड़ा स्कोर करने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बने.

50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के अपने पहले ही सीज़न में 65.42 की औसत और 135.5 की स्ट्राइक रेट से 458 रन बनाकर म्हात्रे ने ध्यान अपनी ओर खींचा.

हालांकि म्हात्रे आईपीएल 2025 की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे, लेकिन चेन्नई के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद उन्हें इस टूर्नामेंट के बीच में ही बुलावा आया और फ़ौरन ही प्लेइंग इलेवन में शामिल कर लिया गया.

यह भी एक संयोग ही है कि यह उनके करियर का पहला टी20 मैच भी था और वो भी उनके घरेलू मैदान पर मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़.

यह म्हात्रे के लिए एक यादगार शाम थी क्योंकि उन्होंने सीएसके सबसे युवा क्रिकेटर के तौर पर न केवल 15 गेंदों में 32 रनों की बहुत आकर्षक पारी खेली बल्कि इस दौरान कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

म्हात्रे ने अपनी पारी के दौरान दो लगातार छक्के और चार चौके भी जड़े.

रविवार को आयुष म्हात्रे ने अपनी फ़ील्डिंग की काबिलियत से भी क्रिकेट के दिग्गज़ों को प्रभावित किया.

मैच के सातवें ओवर में उन्होंने सिर के ऊपर से जा रही गेंद को लपक कर मुंबई को उनकी पारी का एकमात्र झटका देने में योगदान दिया.

तो मैच के 12वें ओवर में उन्होंने बाउंड्री पर छक्के के लिए जा रही गेंद को जिस बुद्धिमानी से रोका, दिग्गज सुनील गावसकर भी उनकी सराहना करने से ख़ुद को नहीं रोक पाए.

मैच के बाद धोनी ने भी आयुष की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, "आयुष ने बतौर युवा खिलाड़ी बहुत प्रभावित किया है. मैंने ख़ुद उन्हें ज़्यादा खेलते नहीं देखा था लेकिन जिस तरह से उन्होंने बैटिंग की वो हमारे लिए बहुत सकारात्मक हैं."

आरसीबी ने लिया हार का बदला

जीत के बाद विराट कोहली को बधाई देते पंजाब के खिलाड़ी

इमेज स्रोत, SHAMMI MEHRA/AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, जीत के बाद विराट कोहली को बधाई देते पंजाब के खिलाड़ी

म्हात्रे का साथ ही मुंबई के ख़िलाफ़ मैच में शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा के बल्ले से रन निकलना भी चेन्नई के लिए प्लस पॉइंट रहा.

हालांकि 9 विकेट से मिली इस हार के बाद चेन्नई की आईपीएल 2025 के प्लेऑफ़ में पहुंचने की संभावना बहुत मुश्किल दिख रही है.

चार अंकों के साथ सीएसके पॉइंट टेबल में लगातार सबसे निचले पायदान पर बरकरार है.

2024 के प्लेऑफ़ की रेस में सीएसके 14 में से 7 मैच जीतने के बावजूद नेट रन रेट के आधार पर आरसीबी से पिछड़ गई थी.

10 टीमों के इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम को प्लेऑफ़ में पहुंचने के लिए कम से कम आठ मैच जीतने की ज़रूरत होती है, ताकि नेट रन रेट पर निर्भरता न बने.

चेन्नई को यहां से छह मैच और खेलने हैं, यानी, अगर उसे आसानी से प्लेऑफ़ में पहुंचना है तो सभी छह मैच जीतने होंगे.

दिन के पहले मुक़ाबले में पंजाब को बल्लेबाज़ी के लिए उतारने के बाद आरसीबी के गेंदबाज़ों ने शायद ही उन्हें कहीं अपने हाथ खोलने का अधिक मौक़ा दिया.

पहले छह ओवरों में 62 रन बना चुकी पंजाब की टीम इसके बाद क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने कसी हुई गेंदबाज़ी के आगे लड़खड़ा गई तो अंतिम चार ओवरों में भुवनेश्वर कुमार और जोश हेज़लवुड ने पंजाब के बल्लेबाज़ों को बांध कर रखा और वो केवल 157 रन ही बना सके.

जब आरसीबी बैटिंग के लिए उतरी तो एक छोर से चेज़मास्टर विराट कोहली तो दूसरे पर 24 वर्षीय देवदत्त पडिक्कल जम गए और दो दिन पहले अपने होमग्राउंड पर पंजाब के हाथों हुई हार का हिसाब चुकता किया.

कोहली के रिकॉर्ड हुए 'विराट' और पडिक्कल ने छोड़ा 'इम्पैक्ट'

आईपीएल

इमेज स्रोत, Pankaj Nangia/Getty Images

इस सीज़न में टीम ने 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में पडिक्कल का इस्तेमाल किया है.

एक मैच के ब्रेक के बाद पडिक्कल ने फिर 'इम्पैक्ट प्लेयर' के रूप में नंबर- 3 पर वापसी की और न केवल इस सीज़न का अपना बेस्ट स्कोर किया बल्कि दो साल बाद आईपीएल में उनके बल्ले से अर्धशतक (35 गेंदों पर 61 रन) भी देखने को मिला.

देवदत्त पडिक्कल ने जिस आक्रामक अंदाज में बल्लेबाज़ी की उसकी तारीफ़ मैच के बाद ख़ुद विराट कोहली ने भी की.

विराट 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' चुने जाने के बाद बोले, "मैंने यह अवार्ड देव- देवदत्त पडिक्कल को दिया होता, जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ दो अपेक्षाकृत शांत सीज़न के बाद आरसीबी में नंबर- 3 पर फ़ॉर्म में वापसी की है."

पडिक्कल ने 2023 में राजस्थान के लिए 11 मैचों में 261 और लखनऊ के लिए 2024 में खेले गए 7 मुक़ाबलों में महज 38 रन बनाए थे.

ख़ुद किंग कोहली ने 73 रनों की पारी खेली. यह सीज़न में उनका चौथा अर्धशतक है. इसके साथ ही कोहली ने डेविड वार्नर को पीछे छोड़ते हुए आईपीएल में सबसे अधिक 50+ स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया और टीम को पांचवी जीत दिलाई. कोहली ऑरेंज कैप की रेस में 322 रनों के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं.

हालांकि जीत के बाद उन्होंने जिस तरह सेलिब्रेट किया उसकी सोशल मीडिया पर आलोचना हुई.

घर में जीत की चुनौती

आरसीबी के फ़ैंस

इमेज स्रोत, Debarchan Chatterjee/NurPhoto via Getty Images

इमेज कैप्शन, आरसीबी के फ़ैंस

चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, राजस्थान के बाद अब पंजाब को उन्हीं के घरों में हरा कर आरसीबी पॉइंट टेबल में तीसरे पायदान पर पहुंच गई है.

अब उसे अगले तीन में से दो मुक़ाबले अपने होमग्राउंड पर खेलने हैं जहां वो इस सीज़न में सभी तीन मैच हार चुकी है.

क्या वो 24 अप्रैल को राजस्थान से होने वाले मुक़ाबले को अपने होमग्राउंड पर जीतने में सफल होगी? यह सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि चिन्नास्वामी में आरसीबी के ख़िलाफ़ राजस्थान की जीत का रिकॉर्ड 4-3 का है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)