अमेरिका में पहली बार नाइट्रोजन गैस से दी जाएगी मौत की सज़ा, क्यों हो रहा है विरोध

केनेथ इयूजिन स्मिथ

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इमेज कैप्शन, केनेथ इयूजिन स्मिथ को 1988 में हत्या के एक मामले में मौत की सजा मिली है.
    • Author, टॉम बेटमैन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

केनेथ इयूजीन स्मिथ को जब पहली बार मौत की नींद सुलाना था तो इस काम को अंजाम देने वालों के पास इसके लिए कई घंटों को समय था.

स्मिथ को ‘हॉलमैन करेक्शनल फैसिलिटी’ नाम की जेल के एक कथित ‘डेथ चैम्बर’ में ले जाकर ज़हरीले रसायन के इंजेक्शन लगाए जाने थे, लेकिन वे इसमें नाकाम रहे.

इंजेक्शन देने वालों को उनकी नस नहीं मिल रही थी. स्मिथ के वकीलों का कहना था कि सज़ा देने वालों ने स्मिथ के शरीर में असंख्य जगह इंजेक्शन चुभो दिए थे.

आख़िरकार नस न मिल पाने की वजह से इंजेक्शन नहीं दिया जा सका और उस रोज़ यानी नवंबर 2022 को रात के 12 बजे डेथ वॉरंट निरस्त हो गया. लेकिन अलबामा प्रशासन उन्हें एक बार फिर मौत देने जा रहा है.

लेकिन इस बार एक अलग तरीका अपनाया जाएगा. अमेरिकी प्रशासन ने इस बार ऐसी योजना बनाई, जिसके तहत स्मिथ के चेहरे पर एक एयरटाइट मास्क बांधकर उन्हें ज़बरदस्ती नाइट्रोजन को सांस से अंदर खींचने को कहा जाएगा.

नाइट्रोजन शरीर को निष्क्रिय करने वाली गैस है. जैसे ही ये गैस शरीर के अंदर जाएगी, उनके अंदर ऑक्सीजन ख़त्म हो जाएगी.

मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने पिछले सप्ताह कहा था कि इससे पहले कभी इस्तेमाल न हुआ ये तरीका प्रताड़ना और क्रूरता की श्रेणी में आएगा. उनका कहना था कि यह अमानवीय और मनुष्य की गरिमा के ख़िलाफ़ है. इसे तुरंत रोका जाना चाहिए.

पहले अमेरिकी, जिन्हें दो बार मौत की सज़ा के लिए ले जाया जाएगा

केनेथ स्मिथ
इमेज कैप्शन, इसी जगह केनेथ स्मिथ ने मौत की इंतजार में दशकों बिताए हैं.

इस मामले में एक आख़िरी अपील की गई है. इससे पहले फ़ेडरल कोर्ट ने इस पर रोक लगाने की स्मिथ के वकील की अपील खारिज कर दी थी. स्मिथ को 25 जनवरी को मौत की सज़ा दी जानी है.

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स्मिथ और उनके एक साथी को 1989 में एक धर्म उपदेशक की पत्नी एलिज़ाबेथ सेनेट की हत्या का दोषी ठहराया गया था. इन लोगों ने इस हत्या के लिए पैसे लिए थे.

दोनों ने पहले उन्हें चाकू मारा और फिर पीट-पीटकर मार डाला. स्मिथ और उनके साथी को इसके लिए एक हज़ार डॉलर दिए गए थे.

स्मिथ आधुनिक अमेरिका के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें मौत की सज़ा देने के लिए दो बार ले जाया जा रहा है. वो अमेरिका के ऐसे पहले व्यक्ति होंगे, जिन्हें नाइट्रोजन गैस देकर मारा जाना है.

इयूजीन स्मिथ ने मौत की सज़ा के इंतजार में हॉलमैन सुधारगृह में दशकों बिताए हैं. बीबीसी ने उन्हें एक शख़्स के ज़रिये कुछ प्रश्न भेजे थे. इनके जवाब में उन्होंने लिखा, ''मेरा शरीर अब ख़त्म हो रहा है. मेरा वज़न लगातार घट रहा है.''

अलबामा प्रशासन पत्रकारों और मौत की सज़ा पाए शख्स की आमने-सामने मुलाकात नहीं कराता.

बीबीसी ने पिछले महीने उनसे फ़ोन पर सपंर्क किया, लेकिन उन्होंने इंटरव्यू नहीं दिया. उन्होंने कहा कि वो वाकई गंभीर रूप से बीमार हैं.

उन्होंने लिखा, "मेरा हमेशा जी मिचलाता रहता है. पैनिक अटैक भी आते रहते हैं.आजकल मैं जिन हालात से गुज़ार रहा हूं, ये उसका छोटा सा हिस्सा है. आजकल मैं भारी प्रताड़ना से गुज़र रहा हूं.’’

उन्होंने अलबामा प्रशासन से कहा कि बहुत देर हो जाए, इससे पहले ही उन्हें दी जाने वाली मौत रोक दी जाए.

जबकि अमेरिकी सरकार का कहना है कि नाइट्रोजन गैस उन्हें तुरंत बेहोश कर देगी. लेकिन उसने इसका कोई ठोस सुबूत पेश नहीं किया है.

नाइट्रोजन से मौत कितनी भयावह

केनेथ स्मिथ

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मेडिकल विशेषज्ञों और इस तरह सज़ा का विरोध करने वालों ने चेतावनी दी है कि इससे शरीर में भारी मरोड़ उठ सकते हैं और व्यक्ति निष्क्रिय स्थिति में जा सकता है.

हो सकता है कि गैस लीक हो जाए और कमरे में मौजूद लोगों को भी मार दे. स्मिथ के वकील भी चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि वो भी उस समय मौजूद रहेंगे.

स्मिथ को आध्यात्मिक सलाह देने वाले रेवरेंड डॉ. जेफ़ हूड ने कहा, "मैं इस बात को पूरे यक़ीन के साथ कह सकता हूं कि केनेथ मरने से नहीं डरते. उन्होंने अपनी ओर इस बात को साफ़ कर दिया है.

लेकिन उन्हें इस बात का डर है कि उन्हें इस प्रक्रिया में अभी और प्रताड़ित किया जाएगा.

डॉ. हूड ने बीबीसी से कहा,'' मैं स्मिथ से कुछ फुट की दूरी पर रहूंगा. मुझे कई बार मेडिकल विशेषज्ञों ने चेताया है कि ऐसा करके मैं अपनी जान जोखिम में डाल रहा हूं. अगर नाइट्रोजन पाइप से गैस लीक हुई या फिर ये मास्क से रिस गई तो पूरे कमरे में नाइट्रोजन फैल सकती है.''

इस बारे में यूएन को जांच रिपोर्ट भेजने वाले जोएल ज़िवोट ने अलबामा प्रशासन पर क्रूरता से लोगों को मौत की सज़ा देने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा है कि इस मामले में अलबामा प्रशासन का रिकॉर्ड भयानक है. जोएल एमोरी यूनिवर्सिटी के मेडिसिन स्कूल एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं.

उन्होंने कहा, ''ज़रा इसकी कल्पना की कल्पना करें कि आप सब उस शख्स के बगल में खड़े हैं, जिसे गोली मारी जानी है. लेकिन पता चलता है कि जिसे गोली मारनी है उसे छोड़ कर वहां खड़े लोगों को गोली लग जाती है. तो ऐसा हो सकता है कि नाइट्रोजन गैस से मौत देने के मामले में आसपास खड़े लोग मारे जाएं.''

उन्होंने कहा,''नाइट्रोजन गैस के मामले में हमें यही पता है कि जब इसका इस्तेमाल स्वस्थ लोगों पर किया गया तो 15 से 20 सेकेंड तक सांस लेने में उन्हें दौरे पड़ने लगे थे.

स्मिथ को नाइट्रोजन गैस देते समय ऐसा ही हो सकता है.

अलबामा प्रशासन क्या बोला

सांकेतिक तस्वीर

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अलबामा 2018 में ज़हरीले इंजेक्शन से मौत की सज़ा देने की तीन नाकाम कोशिशों के लिए ज़िम्मेदार रहा है.

इन तीनों मामलों में मौत की सज़ा पाए शख़्स बच गए थे. इन नाकामियों की समीक्षा की गई और इन नाकामियों का दोष भी इन दोषियों को ही दिया गया.

कहा जाता है कि वकीलों ने आख़िरी वक्त में रात-दिन एक करके कोर्ट से मौतों के मामले में स्टे लेने की कोशिश की थी. इसमें कहा गया कि इससे मौत की सज़ा देने वालों पर डेडलाइन का अनावश्यक दबाव बन गया था.

लेकिन इस बार टीम को स्मिथ की जान लेने के लिए आधी रात की समय सीमा के बजाय लंबी 'समय सीमा' मिलेगी.

अलबामा के गवर्नर के. आइवी ने एक्सपर्ट्स की चेतावनी और राज्य पर लगे आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. वहीं, अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र की चिंता का कोई आधार नहीं है.

उनके दफ़्तर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बार 25 जनवरी को हम मौत की सजा देने के लिए तैयार हैं.

रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ने रीड इनग्राम ने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना को ख़ारिज कर दिया है.

उन्होंने इस मौत की सजा के पक्ष में मतदान किया था.

बीबीसी ने इस मामले में एलिज़ाबेथ सेनेट के परिवार से संपर्क किया था. सेनेट की हत्या के लिए ही स्मिथ को सज़ा मिली थी.

सेनेट के परिवार वालों ने कहा कि वो गुरुवार तक कोई बयान जारी नहीं करेंगे.

मुक़दमे के दौरान स्मिथ ने कहा था कि जिस समय एलिज़ाबेथ को मारा गया, उस समय वह मौजूद थे मगर उन्होंने हमला नहीं किया था.

1996 में एक ज्यूरी ने स्मिथ को बिना परोल उम्रकैद की सज़ा दी थी, लेकिन जज ने इस फैसले को पलटते उन्हें मौत की सज़ा दे दी थी.

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