अमरीका में 17 साल बाद अपराधी को दिया गया ज़हर का इंजेक्शन

लुइस ली को ज़हर का इंजेक्शन दिया गया है

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अमरीका में क़त्ल के अभियुक्त डेनियल लुइस ली को मौत की सज़ा दे दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के मौत की सज़ा देने के अनुमति देने के कुछ घंटे बाद ही डेनियल लुइस को ज़हर का इंजेक्शन लगाया गया. अमरीका में 17 साल बाद किसी संघीय अभियुक्त को मौत दी गई है.

सोमवार को एक जज ने आदेश दिया था कि अभी कई क़ानूनी चुनौतियां बऱकरार हैं, जिसके बाद कई अभियुक्तों की सज़ा टल गई थी.

मौत की सज़ा पाए अभियुक्तों का तर्क था कि ज़हर के इंजेक्शन से सज़ा दिया जाना अमानवीय है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 5-4 के विभाजित मत से तय किया है कि पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत अपराधियों को सज़ाएँ दी जा सकती हैं.

बीते साल ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि संघीय सरकार फिर से मौत की सज़ा को लागू करेगी.

मंगलवार सुबह लुइस ली को इंडियाना के टेरे हॉट में ज़हर का इंजेक्शन दिया गया.

लुइस ली के शिकार बने लोगों के परिजनों ने सज़ा को टालने की मांग की थी क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से वो इसे देखने नहीं आ पा रहे थे.

81 साल की इयरलीन पीटरसन की बेटी, दामाद और नाती की 47 वर्षीय ली ने हत्या कर दी थी. पीटरसन चाहती थीं कि उसे आजीवन कारावास की सज़ा दी जाए. अपराध में ली के साथी रहे अभियुक्त को आजीवन कारावास की सज़ा ही दी गई है.

संघीय और प्रांतीय सज़ा- फ़र्क़ क्या है?

अमरीका की न्याय व्यवस्था के तहत अपराधियों पर राष्ट्रीय स्तर पर संघीय अदालत या प्रांतीय अदालत में मुक़दमे चलाए जाते हैं.

नोटों की जालसाजी या डाक चोरी जैसे मुक़दमे स्वतः ही संघीय अदालत में जाते हैं या वो मुक़दमे जिसमें संघीय सरकार पक्ष होती है वो संघीय अदालत में चलते हैं. इसके अलावा अपराधों की गंभीरता को देखते हुए भी मुक़दमे को संघीय अदालत में भेजा जा सकता है.

संवैधानिक उल्लंघन से जुड़े मामले भी संघीय अदालत में ही चलते हैं. 1972 में अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसले में मौत की सज़ा को ग़ैर क़ानूनी क़रार देते हुए इससे जुड़े सभी क़ानूनों को अवैध घोषित कर दिया था. साथ ही मौत की सज़ा पाए सभी लोगों की सज़ा भी रद्द कर दी थी.

1976 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रांतों को फिर से मौत की सज़ा लागू करने की अनुमति दी और 1988 में संघीय अदालतों को भी मौत की सज़ा देने की अनुमति दे दी गई.

साल 1988 से 2018 के बीच अमरीका में संघीय स्तर पर 78 अपराधियों को मौत की सज़ा सुनाई गई है. इनमें से तीन को ही सज़ा दी गई है. अभी भी 66 मौत की सज़ा दिए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

ली के बाद जल्द ही तीन और अपराधियों को मौत की सज़ा दी जानी है. इन सबने ही नाबालिगों की हत्याएं की हैं.

बलात्कार और हत्या के जुर्म में 2003 में मौत की सज़ा पाने वाले वेस्ली ईरा पर्की को बुधवार को मौत की सज़ा दी जाएगी.

पांच लोगों की हत्या के दोषी डस्टिन ली होंकेन को 2004 में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. उसे शुक्रवार को ज़हर का इंजेक्शन लगाया जाएगा.

2001 में 10 साल की एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या के दोषी कीथ ड्वेन नील्सन को अगले महीने मौत की सज़ा दी जा सकती है.

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