पेरिस ओलंपिक: भारत अब तक का बेस्ट देने की तैयारी में

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

दुनिया का सबसे बड़ा खेल मेला यानी ओलंपिक खेलों का इस बार पेरिस में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजन होने जा रहा है. भारतीय खिलाड़ी आजकल इन खेलों की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं.

अभी तक पुरुष हॉकी टीम सहित 83 भारतीय खिलाड़ियों ने इन खेलों में भाग लेने की पात्रता हासिल कर ली है.

पर इन खेलों के लिए 30 जून तक क्वॉलिफाइंग टूर्नामेंटों का आयोजन हो रहा है, इसलिए भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में इजाफा होना लाजिमी है.

इन खेलों का पेरिस के अलावा फ्रांस के 16 अन्य शहरों में आयोजन किया जा रहा है. इन खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या 10,500 निर्धारित की गई है. इनमें 32 खेलों की 329 स्पर्धाओं का आयोजन किया जाना है.

भारत ने चार साल पहले टोक्यो ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके एक स्वर्ण सहित सात पदक जीते थे. भारत इस बार पदकों की संख्या दहाई अंकों में करने का इरादा रखता है.

ओलंपिक नियमों के मुताबिक, कुश्ती और निशानेबाजी को छोड़कर सभी खेलों में खिलाड़ी कोटा हासिल करते हैं. पर कुश्ती और निशानेबाजी में कोटा देश को मिलता है, इसलिए आखिरी समय में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का नाम बदला जा सकता है.

नीरज चोपड़ा से रहेगी फिर गोल्डन उम्मीद

जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा भारत के लिए एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने थे. वह एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने की तैयारी में हैं.

अब तक नीरज सहित 12 पुरुष और सात महिला एथलीटों ने ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया है.

पर इन क्वॉलिफाई करने वाले खिलाड़ियों में शुमार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने चोटिल होने की वजह से ओलंपिक खेलों में भाग नहीं लेने का फैसला किया है.

नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों सहित सभी प्रमुख खेलों में सफलता प्राप्त कर ली है.

अब उनका एक मात्र लक्ष्य है कि 90 मीटर थ्रो की बाधा को पार करना है. वह इसके करीब तो पहुंचे हैं पर अब तक पार नहीं कर सके हैं. पेरिस में वह इस लक्ष्य के साथ स्वर्ण जीतने का इरादा रखते हैं.

किशोर जेना भी चढ़ सकते हैं पोडियम पर

किशोर जेना ने हांग झू एशियाई खेलों में 87.54 मीटर की थ्रो करके रजत पदक जीतकर सभी को हैरत में डाल दिया था. वह भी आजकल जबर्दस्त तैयारियों में हैं और वह नीरज के साथ पदक जीतने के दावेदार हैं.

जेना के कोच समरजीत सिंह माल्ही कहते हैं, "वह ट्रेनिंग के मामले में बहुत ही गंभीर है. हम यदि उसके प्रतियोगिताओं में भाग लेने में लगने वाले समय को छोड़ दें तो सिर्फ तीन-चार दिन ही निकलेंगे, जब उसने अभ्यास नहीं किया हो."

जेना के बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने भुवनेश्वर स्पोर्ट्स हॉस्टल में सिर्फ वॉलीबाल खेलने को भर्ती इसलिए हुए थे कि इसके माध्यम से सेना में नौकरी पा सकें.

इस दौरान ओडीशा के जेवेलिन थ्रोअर लक्ष्मण बराल की उन पर निगाह पड़ी और उनके हाथों की मजबूती को देखकर उन्हें जेवेलिन अपनाने को राजी किया और आज हमारे सामने विश्व स्तरीय जेवेलिन थ्रोअर के रूप में वह खड़े हैं.

साबले शामिल हैं अन्य एथलीटों में

अविनाश साबले और पारूल चौधरी ने पुरुष और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपल चेज रेस के लिए क्वालिफाई किया है.

साबले ने 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर अपना डंका बजाया था.

वहीं, यूपी से ताल्लुक रखने वाली पारूल इस स्पर्धा में नौ मिनट से कम का समय निकालने वाली देश की पहली महिला हैं.

भारतीय पुरुष और महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीमों ने भी पेरिस ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया है. वहीं मैराथन में क्वॉलिफाई करने वालों में शामिल प्रियंका गोस्वामी और आकाशदीप सिंह से अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ही उम्मीद रहेगी.

सात्विक-चिराग रच सकते हैं इतिहास

सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी के अलावा, पुरुष एकल बैडमिंटन में एचएस प्रणय और लक्ष्य सेन, महिला एकल में पीवी सिंधु और महिला डबल्स में अिनी पोनप्पा और मनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने क्वालिफाई किया है.

सात्विक और चिराग की जोड़ी इस समय विश्व की नंबर एक जोड़ी है और उन्होंने पिछले एक-डेढ़ साल में ढेरों सफलताएं पाकर अपनी धाक जमा दी है.

जब ओलंपिक की बात आती है तो चीन और इंडोनेशिया की जोड़ियों के प्रदर्शन में भी जबर्दस्त उछाल आ जाता है. पर इतना जरूर है कि इस जोड़ी से इस बार कोई ना कोई पदक के साथ लौटने की उम्मीद जरूर की जा सकती है.

यहां तक बात दो ओलंपिक खेलों की पदक विजेता पीवी सिंधु के अलावा लक्ष्य सेन और प्रणय की है तो यह सभी पदक जीतने की क्षमता रखते हैं, जरूरत सिर्फ इन खेलों तक पूरी रंगत में खेलने की है.

निकहत की अगुआई में चार बॉक्सर

दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन की अगुआई में अभी तक चार महिला मुक्केबाजों ने ही क्वॉलिफाई किया है. अभी कोई पुरुष मुक्केबाज क्वॉलिफाई नहीं हुआ है. पुरुषों के ओलंपिक क्वॉलिफायर का जल्द ही आयोजन होने पर मुक्केबाजी दल की सही तस्वीर सामने आ सकेगी.

निकहत के अलावा क्वॉलिफाई करने वाली अन्य मुक्केबाज हैं-बेंटमवेट वर्ग में प्रीति पवार, फेदरवेट में परवीन हुडा और बेल्टरवेट वर्ग में लोवलिना बोरगेहन हैं.

लोवलिना टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं. यह सही है कि उन्हें यह पदक चार साल पहले टोक्यो में बेल्टरवेट में जीता था और इस बार वह मिडलवेट वर्ग में भाग लेंगी.

निकहत जरीन से सभी को गोल्डन प्रदर्शन की देशवासियों को उम्मीद रहेगी.

निशानेबाजों का सबसे बड़ा दल

भारत के लिए 20 निशानेबाजों ने अब तक ओलंपिक कोटा हासिल किया है. पलक गुलिया ने 10 मीटर एयर पिस्टल में भाग लेने की पात्रता हासिल की है. इस तरह भारत राइफल और पिस्टल के सभी 16 कोटा स्थान पाने में सफल हो गया है.

भारत ने अब तक शॉटगन में चार कोटा स्थान प्राप्त किए हैं और वह इस माह के आखिर में लोनाटो में आयोजित शॉटगन क्वॉलिफायर में इस संख्या को और बढ़ा सकता है.

भारतीय निशानेबाज आईएसएसएफ विश्व कपों में तो लगातार भारतीय झंडा फहराते रहे हैं. पर भारत पिछले दो ओलंपिक खेलों से खाली हाथ लौटता रहा है.

भारतीय निशानेबाज यदि अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने में सफल रहें तो भारत का ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हो सकता है.

पिस्टल शूटर्स ने पिछले कुछ समय में अपने प्रदर्शन में बेहद सुधार दिखाया है, इस कारण इस बार मनु भाकर, ईशा सिंह से पदक के साथ लौटने की उम्मीद की जा सकती है.

हॉकी में भी हैं पदक के दावेदार

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में चार दशक के बाद पोडियम पर चढ़ने का गौरव हासिल किया था, इसके बाद से भारतीय हॉकी ने निरंतर प्रगति की है और इससे लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक के साथ लौटने की उम्मीद की जा सकती है.

भारत को पेरिस ओलंपिक में बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अर्जेंटीना और आयरलैंड के साथ पूल बी में रखा गया है. ओलंपिक फॉर्मेट के हिसाब से भारत को क्वार्टर फाइनल में स्थान बनाने के लिए पूल में पहली चार टीमों में रहना होगा.

भारत ने पिछले कुछ समय में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

सही मायनों में पूल में आप जितने ऊपर रहेंगे, आपको क्वॉर्टर फाइनल में उतनी ही कमजोर टीम से मुकाबला करना पड़ेगा. पर ओलंपिक में भाग लेने वाली सभी टीमें पूरी तैयारी के साथ आती हैं, इसलिए किसी की चुनौती को कम करके नहीं आंका जा सकता है.

विनेश फोगाट पर रहेंगी निगाहें

विनेश फोगाट पिछले कुछ समय तक कुश्ती के बजाय आंदोलन चलाने के लिए सुर्खियों में थीं. पर उन्होंने पिछले माह ही ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया है.

विनेश के अलावा अब तक तीन अन्य महिला पहलवानों ने अंतिम पंघाल, रीतिका हुडा और अंशु मलिक ने ओलंपिक में भाग लेना पक्का किया है.

विनेश फोगाट कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं.

वह विश्व चैंपियनशिप में भी एक से ज्यादा पदक जीत चुकी हैं. अब ओलंपिक पदक से ही उनकी दूरी बनी हुई है. वह इस बार इस दूरी को क्या खत्म कर पाएंगी, यह देखने वाली बात होगी.

मीराबाई चानू से रहेगी पदक का रंग बदलने की उम्मीद

महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू एक बार फिर ओलंपिक पदक के साथ लौटने का प्रयास करेंगी. वह टोक्यो ओलंपिक में जीते रजत पदक का रंग बदलने का इस बार प्रयास जरूर करेंगी.

इसके अलावा टेबल टेनिस में पहली बार पुरुष और महिला टीमों ने क्वॉलिफाई किया है. इस कारण दोनों वर्ग में दो-दो सिंगल्स खिलाड़ियों को भी भाग लेने की पात्रता हासिल हुई है.

इसके अलावा सेलिंग में विष्णु सर्वनन और नेथ्रा कुमारन, रोइंग में बलराज पवार और घुड़सवारी की ड्रेसाज स्पर्धा में अनुष अगरवाला ने क्वालिफाई किया है.

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