हांगकांग में ख़त्म हुए ‘गे ओलंपिक्स’ को लेकर क्यों है विवाद

    • Author, फ्रांसिस माओ और कोए ली
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

हांगकांग में आयोजित 11वें गे गेम्स (समलैंगिक खेलों) का समापन हो गया. इसकी शुरुआत चार नवंबर को हुई थी. इसके साथ ही आयोजकों ने राहत की सांस ली है.

इस प्रतियोगिता को कभी 'गे ओलंपिक्स' के नाम से जाना जाता था. सैन फ्रांसिस्को में 1980 के दशक में शुरू होने के बाद से ही यह प्रतियोगिता विवादों में रही है.

इस प्रतियोगिता का सपना एक अमेरिकी ओलंपिक डिकैथलीट ने देखा था. वो अपने समुदाय के लिए खेलों की भावना को साझा करना चाहते थे.

हांगकांग में यह प्रतियोगिता पहली बार आयोजित की गई. वहां इस प्रतियोगिता को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

एक ऐसा शहर जिसकी राजनीतिक स्वतंत्रता और महानगरीय चरित्र हाल के सालों में महामारी और चीन के कड़े शासन के कारण प्रभावित हुआ है.

एशिया में पहली बार हुआ आयोजन

अपने बड़े बंदरगाहों और पहाड़ों के साथ दुनिया के इस आर्थिक केंद्र ने 2017 में 2023 में होने वाली इस प्रतियोगिता की मेज़बानी हासिल की थी. यह प्रतियोगिता पहली बार एशिया में आयोजित की गई है. हांगकांग से पहले पेरिस, एम्स्टर्डम और सिडनी शह इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर चुके हैं.

साल 2019 में इस शहर में बड़े पैमाने पर हुए लोकतंत्र समर्थक विरोध-प्रदर्शनों के बाद नई शक्तियों के साथ चीन इसके अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में घुस गया. उसने राजनीतिक विरोध या असहमति पर नकेल कसने के लिए एक व्यापक क़ानून बनाया.

पिछले सालों में चीन के समर्थन वाली हांगकांग की सरकार ने किसी भी असहमति से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का इस्तेमाल किया है. उसने करीब 200 लोगों पर मुकदमा चलाया और जेल भेज दिया है.

इस दौरान, हांगकांग के निवासियों ने यह भी देखा कि कैसे मुख्य भूमि चीन में एलजीबीटी वर्ग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कार्रवाई की गई है.

शंघाई में होने वाला देश का सबसे बड़ा प्राइड परेड 2021 से निलंबित है. विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले समलैंगिक छात्रों ने भेदभाव के आरोप लगाए हैं. इस साल की शुरुआत में दशकों से स्थापित बीजिंग के एलजीबीटी केंद्र ने बताया कि केंद्र उन कारणों की वजह से बंद हो जाएगा, जो उसकी नियंत्रण से बाहर हैं.

गे गेम्स में भाग लेने हांगकांग आए 50 साल के एक चीनी नागरिक निनी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें लगता है कि हांगकांग का वातावरण हाल के बदलावों के बावजूद अभी भी कहीं अधिक विविध और समावेशी है.

उन्होंने कहा कि चीन में उन्हें अपने समुदाय का जश्न मनाने के कम अवसर मिलते हैं. इसलिए उन्होंने गे गेम्स में भाग लेने का फैसला किया.

हालांकि हांगकांग की प्रतिष्ठा ने दूसरों को दूर रखा. इस शहर में पिछले साल सितंबर तक विदेशी पर्यटकों का खुलकर स्वागत नहीं होता था. इस वजह से मूल रूप से 2022 के लिए इन खेलों का आयोजन एक साल आगे बढ़ाना पड़ा. इसके अलावा मैक्सिको के ग्वाडलाजारा शहर को इन खेलों को सह-मेज़बान चुना गया.

खेल के आयोजकों ने बीबीसी को बताया कि इस वजह से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बंट गए. हांगकांग में आयोजित खेलों में 2,300 से अधिक प्रतिभागी थे. इनमें से आधे से अधिक स्थानीय थे.

अन्य प्रतिभागी मेक्सिको में आयोजित खेलों में भाग लिया. इनमें ताइवान की टीम भी थी. ताइवान टीम के अधिकारियों ने हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के जोखिमों का हवाला दिया था. उनका कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि उनके एथलीटों पर गिरफ्तारी का खतरा हो.

हांगकांग में समलैंगिक विवाह

कुछ लोगों का कहना था कि गे गेम्स का आयोजन शहर में समलैंगिक विवाह को वैध बनाने के पक्ष में एक प्रदर्शन था. हांगकांग में एलजीबीटी समुदाय को अभी भी शादी का अधिकार नहीं है. इस साल शहर की अदालतों में एक ऐतिहासिक फैसले ने इसे रेखांकित किया है.

रेजिना आईपी हांगकांग के कुछ सांसदों में से एक हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से इस आयोजन का समर्थन किया. उन्होंने बीबीसी से कहा कि इन खेलों के लिए समर्थन हांगकांग में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी बनाने को बढ़ावा देने के समान नहीं है.

उन्होंने अपने विरोधियों के सुरक्षा संबंधी तर्कों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि खेल हांगकांग के अधिकारियों की पूर्ण मंज़ूरी के साथ आयोजित किए गए.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "अगर इस कार्यक्रम से राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा होता, तो इसे हांगकांग में आयोजित करना असंभव होता. हम समलैंगिक खेलों की मेज़बानी करने वाले एशिया के पहले शहर हैं. यह ऐसी चीज़ है जिस पर हमें गर्व है. कई अन्य शहर ऐसा नहीं कर सकते."

लेकिन उनका तर्क है कि सरकार की मौन स्वीकृति के बाद भी इस आयोजन का सार्वजनिक प्रचार बहुत कम हुआ. उन्होंने कहा कि शहर के पर्यटन बोर्ड और आयोजन से संबंधित सरकारी विभागों- जैसे समानता आयोग ने इसे बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया.

मेक्सिको में आयोजित खेलों की तुलना में, जहां प्रतिभागी इस सप्ताह एक रंगीन परेड में इंद्रधनुषी झंडे लहराते हुए सड़क पर उतरे थे, हांगकांग में घटनाएं अधिक भूमिगत रही हैं, जहां 2020 के बाद से सड़क पर विरोध-प्रदर्शन करीब-करीब ख़त्म हो गया है.

हांगकांग में नहीं हुआ गे गेम्स का प्रचार

गे गेम्स का उद्घाटन समारोह वान चाई के क्वीन एलिज़ाबेथ स्टेडियम में इनडोर आयोजित किया गया. यह इन खेलों में उपयोग किया जाने वाला एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र था.

ड्रैगन बोट रेस में भाग लेने वाली ऑस्ट्रेलिया की एक प्रतिभागी ने कहा कि उसने खेलों का भरपूर आनंद लिया, लेकिन आसपास ब्रांडिंग की कमी से वह आश्चर्यचकित और निराश थीं. उन्होंने इस खेल प्रतियोगिता के लोगो वाली एक या दो बसें और ट्राम देखी थीं, लेकिन शहर में प्रचारित किए जा रहे फूड फेस्टिवल जैसे अन्य आयोजनों की तुलना में यह काफी कम था.

हांगकांग की आधिकारिक टूरिज़्म वेबसाइट के पेज पर कहीं भी गे गेम्स का ज़िक्र नहीं था.

ऑस्ट्रेलिया से आए एक अन्य प्रतियोगी, मार्क टिटजेन ने कहा कि उन्हें इसमें भाग लेने को लेकर संदेह था क्योंकि उन्हें डर था कि कार्यक्रम नहीं होगा और अगर होगा भी तो बहुत छोटा होगा.

वहीं खेल के आयोजकों को इस आयोजन की गैर राजनीतिक प्रकृति पर ज़ोर देने में परेशानी हो रही है.

हांगकांग गेम्स की सह अध्यक्ष लिसा लैम ने खेलों से पहले बीबीसी को बताया था, "हम खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विविधता और समावेशन को बढ़ावा देते हैं. ये चीज़ें पूरी तरह से क़ानूनी और राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के मुताबिक़ हैं. इसमें कोई आपत्ति नहीं है."

वहीं एक स्थानीय समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता कैमी क्वोक ने बीबीसी को बताया कि उन्हें यह निराशाजनक लगा कि आयोजकों ने स्थानीय समलैंगिक अधिकारों को इस साल विवाह और आवास अधिकारों की मांग करने वाले एलजीबीटी समुदाय के संघर्ष का शायद ही कभी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा, लेकिन समुदाय का जश्न मनाने वाले किसी भी कार्यक्रम का स्वागत है, खासकर तब जब हमारे पास इसके अवसर कम हैं.

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