नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में जीता गोल्ड, पाकिस्तान के अरशद नदीम को सिल्वर

जैवलिन थ्रो में ओलंपिक चैंपियन भारत के नीरज चोपड़ा ने अब वर्ल्ड चैंपियनशिप को भी अपने नाम कर लिया है.

उन्होंने एथलेटिक्स में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता है.

नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था.

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 88.17 मीटर की थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता.

हंगरी में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पहुँचने से पहले उन्होंने हर वो मेडल जीत लिया था, जो वो जीत सकते थे.

रविवार रात 24 वर्षीय चोपड़ा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल भी अपने नाम कर लिया.

पिछले साल उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था.

चोपड़ा ने इस मुक़ाबले में 88.17 मीटर दूर जैवलिन फेंका. ये उनके पाँच सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में भी शामिल नहीं है.

अब ओलंपिक में गोल्ड मेडल के साथ-साथ चोपड़ा के पास वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल भी हो गया है.

वहीं कॉमनवेल्थ खेलों में 90 मीटर से आगे भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीतने वाले पाकिस्तान के अरशद नदीम 87.82 मीटर की दूरी के साथ दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने सिल्वर मेडल जीत लिया.

वहीं चेक गणराज्य के याकूब वाडलेच ने 86.67 मीटर दूरी के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता. भारत के ही किशोर जेना पांचवे जबकि डीपी मानू छठे नंबर पर रहे.

पहले राउंड में पिछड़ रहे नीरज चोपड़ा ने दूसरे राउंड में ज़बर्दस्त वापसी की. अपने लंबे बालों को सफ़ेद बैंड से बांधने वाले चोपड़ा की चाल में ही आत्मविश्वास नज़र आ रहा था.

नीरज ने जीत के बाद क्या कहा?

जैवलिन फेंकने से पहले उन्होंने दर्शकों की तरफ़ देखा और अपना हाथ ऊपर उठा दिया. मानों वो आश्वस्त थे कि मेडल उनका ही है.

गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा, “मैं सोच रहा था कि लंबा जाऊंगा. पहली थ्रो के साथ, लेकिन इस प्रयास में कुछ तकनीकी दिक्क़तें रहीं. पहला थ्रो ख़राब रहा, ऐसा होता है. लेकिन मैंने और ज़ोर लगाया. मैं अपनी चोट के बारे में भी सोच रहा था. मैं सावधानी बरत रहा था और मेरी गति सौ प्रतिशत नहीं थी. जब मेरी रफ़्तार मेरे साथ नहीं होती है तो मैं गिरावट महसूस करता हूँ और मेरे लिए 100 प्रतिशत फिट होना ही प्राथमिकता है.”

नीरज चोपड़ा ने कहा, “मैं सभी भारतीयों का इतनी देरी तक जाग कर मेरा मुक़ाबला देखने के लिए शुक्रिया करता हूँ. ये मेडल पूरे भारत के लिए है. मैं ओलंपिक चैंपियन बना, अब मैं वर्ल्ड चैंपियन हूँ. जो बताया है कि हम (भारतीय) कुछ भी कर सकते हैं. आप भी इसी तरह अलग-अलग क्षेत्रों में मेहनत करना जारी रखो.”

निरंतरता बनाती है चोपड़ा को ख़ास

नीरज चोपड़ा ने दबाव को दरकिनार किया और बेहतरीन प्रदर्शन किया.

हाल के सालों में नीरज चोपड़ा ने इस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया है कि जब वो मैदान में उतरते हैं, भारतीय प्रसंशक उनकी जीत को लेकर लगभग आश्वस्त होते हैं.

एथलेटिक्स में चोपड़ा भारत के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करते जा रहे हैं.

हर जीत के बाद चोपड़ा महानता की तरफ़ बढ़ रहे हैं. नीरज चोपड़ा की एक और ख़ास बात ये है कि वो अपने किसी भी प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होते हैं और बेहतर करने का प्रयास करते रहते हैं.

उदाहरण के लिए उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर दूरी के साथ गोल्ड मेडल जीता था. हालांकि ये उनकी सर्वश्रेष्ठ दस थ्रो में भी शामिल नहीं है.

ओलंपिक खेलों के बाद उनका प्रदर्शन और बेहतर हुआ है. उनके दस में से 9 सबसे बेहतर थ्रो टोक्यो ओलंपिक खेलों के बाद आए हैं.

अपने करियर में चोपड़ा 88 मीटर की दूरी को दस बार पार कर चुके हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर का है. हालांकि अभी तक वो 90 मीटर की दूरी को पार नहीं कर चुके हैं.

पाकिस्तान के अरशद नदीम ने देश के लिए पहला मेडल जीता

इस मुक़ाबले में पाकिस्तान के अरशद नदीम दूसरे नंबर पर रहे जो कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान 90 मीटर की दूरी को भी पार कर चुके हैं. इस आँकड़े को अभी चोपड़ा छू नहीं सके हैं.

अरशद नदीम ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फ़ाइनल में सिल्वर मेडल जीता. ये पाकिस्तान के लिए वर्ल्ड एथलेटिक्स में पहला मेडल भी है.

हालांकि अरशद नदीम शुरुआत में संघर्ष कर रहे थे. पहले राउंड में वो सिर्फ़ 74.80 मीटर तक ही पहुंच सके थे.

दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.81 मीटर भाला फेंका और मुक़ाबले में वापसी की.

तीसरे प्रयास में उन्होंने 87.82 मीटर की दूरी को पार किया. ये इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है.

अरशद नदीम इस मुक़ाबले में संघर्ष कर रहे थे. पांचवें प्रयास में वो 80 मीटर की दूरी भी पार नहीं कर सके. छठें प्रयास में उन्होंने 81.86 मीटर की दूरी पार की.

हालांकि जर्मन खिलाड़ी जूलियन वेबर अपने 86.79 मीटर की दूरी के सर्वश्रेष्ठ थ्रो को अंतिम थ्रो तक पार नहीं कर सके और अरशद नदीम का सिल्वर मेडल पक्का हो गया.

अरशद नदीम टोक्यो ओलंपिक में पांचवें नंबर पर रहे थे. वो मेडल तो नहीं जीत सके थे लेकिन अपने प्रदर्शन से उन्हें चर्चा ख़ूब मिली थी.

अरशद नदीम पिछले साल अमेरिका में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी पांचवें नंबर पर ही रहे थे.

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