ट्रंप की सुरक्षा में चूक के बाद अमेरिका की सीक्रेट सर्विस पर उठते गंभीर सवाल

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- Author, फ़्रैंक गार्डनर
- पदनाम, सुरक्षा संवाददाता, बीबीसी
अमेरिका में मौजूदा और पूर्व राष्ट्रपतियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी देश की सीक्रेट सर्विस की होती है. लेकिन बीते शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप पर हमले ने बता दिया वो अपने इस प्राथमिक काम में ही नाकाम रहे हैं.
43 साल पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को एक हमलावर ने गोली मारी थी, जो उनके फेफड़ों में लगी थी, लेकिन इस हमले में उनकी जान बच गई थी.
आज अमेरिकी सियासतदान और अवाम, दोनों ही ये पूछ रहे हैं कि एक हत्यारा कैसे बंदूक के साथ छत पर पहुँचा और उसने मंच पर खड़े डोनाल्ड ट्रंप पर चार गोलियां चलाईं. ये सब ऐसी जगह पर हुआ, जिसे सिक्योरिटी एजेंसियों ने ट्रंप के लिए ‘महफूज़’ बनाया था.
घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वहाँ मौजूद लोगों की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया या उन पर कार्रवाई नहीं की गई?

इतनी गंभीर चूक कैसे हुई

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चुनाव से चार महीने पहले अमेरिका के अगले संभावित राष्ट्रपति की सुरक्षा में सीक्रेट सर्विस ने इतनी गंभीर चूक कैसे की?
अब इस घटना के बाद जांच में संघीय जांच एजेंसी (एफ़बीआई), सीक्रेट सर्विस और होमलैंड सिक्योरिटी भी शामिल हो गई हैं.
सीक्रेट सर्विस के निदेशक किंब्रली शीटल को 22 जुलाई को अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव में अपना बयान देने के लिए बुलाया गया है.
फ़िलाडेल्फिया इक्वायर्र के मुताबिक रैली में आने वाले हर शख़्स को मेटल डिटेक्टर से गुज़ारा गया था ताकि कोई हथियारों के साथ प्रवेश न कर सके.
चश्मदीदों ने क्या बताया

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एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि उसने गोलियां चलने से पहले छत पर हमलावर को रेंगते हुए देखा था. इस प्रत्यक्षदर्शी ने अपना नाम ग्रेग बताया.
ग्रेग का कहना था कि उसके अलावा और भी कई लोगों ने चेतावनी दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
ग्रेग के मुताबिक, पुलिस हालात का सही आकलन नहीं कर पाई और उसकी नज़र छत पर नहीं थी. संदिग्ध बंदूकधारी (थॉमस मैथ्यू क्रूक्स) को टीएमज़ेड की फुटेज में निशाना साधते हुए भी देखा जा सकता है.
सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को मार दिया था. लेकिन उससे पहले, रैली में आया एक व्यक्ति हमलावर की गोली से मारा जा चुका था और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. ट्रंप के कान में भी चोट लगी थी. पुलिस अब भी कह रही है कि घटनाक्रम पर स्पष्ट बयान देना फ़िलहाल जल्दबाज़ी होगी.
ट्रंप की ट्रेनिंग

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बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डेविड डन कहते हैं कि ट्रंप की जान शायद इसलिए बच गई, क्योंकि वो शुरुआती गोलीबारी के बाद झुक गए. बीबीसी रेडियो से बातचीत में प्रोफ़ेसर डन कहते हैं कि इस लिहाज़ से कहा जा सकता है कि सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप को अच्छी ट्रेनिंग दी है.
ट्रंप को सीक्रेट सर्विस के सुरक्षाकर्मियों ने कार तक पहुंचाया. उससे पहले ट्रंप ने अपना मुक्का भीड़ के सामने हवा में लहराया था.
प्रत्यक्षदर्शी ग्रेग हैरान थे कि सिक्योरिटी एजेंट्स को रैली के आसपास के इलाके में तैनात क्यों नहीं किया गया था.
सीक्रेट सर्विस के एजेंट रहे चार्ल्स मरिनो इस बात से सहमत हैं कि हादसे के बारे में उठे कई सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि रैली के आस-पास के क्षेत्र की सघन तलाशी की ज़िम्मेदारी सीक्रेट सर्विस के एजेंटों की थी.
अमेरिकी नेटवर्क एनबीसी ने जिन विश्लेषकों से बात की, उनका भी कहना था कि बड़ी रैलियां सुरक्षाकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती लेकर आती हैं.
एक पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट इवी पूम्पूराम ने कहा, “एक सवाल हमेशा बना रहता है कि रैली के बाहरी इलाके को कैसे सुरक्षित रखा जाए? इसके लिए क्या-कुछ किया जाए? और क्या आप हर जगह को कवर कर सकते हैं? दिक्कत यही है.”
बीबीसी वेरिफ़ाई के विश्लेषण के अनुसार, हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स, ट्रंप के 130 मीटर तक नजदीक पहुंच चुके थे.
एफ़बीआई करेगी जांच

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अब ये घोषणा हो चुकी है कि इस हादसे की तफ़्तीश की मुख्य ज़िम्मेदारी अमेरिका की संघीय जांच एजेसीं- एफ़बीआई की है. एजेंसी ने घटना को हत्या का प्रयास क़रार दिया है. एफ़बीआई के एक अधिकारी ने कहा है, ‘वो हैरान हैं कि सीक्रेट सर्विस हमलावार को गोली चलाने से पहले नहीं रोक पाई.’
लेकिन ये पूछे जाने पर कि क्या सिक्योरिटी में चूक हुई है, उन्होंने कहा, “जब तक जांच चल रही है, तब तक मैं कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहता.”
जिस प्रेसवार्ता में ये बातें कही जा रही थीं, उसमें सीक्रेट सर्विस की ओर से कोई मौजूद नहीं था. इससे पहले आए एक बयान में कहा गया था कि घटना के बारे में अगर और जानकारी आती है, तो उसके बारे में भी बताया जाएगा.
इसीबीच अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी- होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवारों की सुरक्षा सबसे अहम प्राथमिकता है.
ये साफ़ नहीं है कि इस हमले के बाद पूर्व राष्ट्रपति के सुरक्षा इंतज़ामों पर क्या असर पड़ेगा. हालांकि ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़े एक सलाहकार ने कहा है कि ट्रंप को और अधिक सुरक्षा की ज़रूरत है.
सीक्रेट सर्विस के एक प्रवक्ता ने उन आरोपों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि ट्रंप की टीम ने उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी.
पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट जोसेफ़ लासोर्सा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि “जो भी हो, अब ट्रंप को वही सुरक्षा दी जाएगी, जो वर्तमान राष्ट्रपति को दी जाती है.
उन्होंने रॉयटर्स को बताया, “हालात की समीक्षा होगी और काफ़ी कुछ बदलेगा. जो हुआ है वो दोबारा नहीं हो सकता है.”
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