इस शख़्स पर लग रहे हैं भारतीयों को रूस की सेना में भेजने के आरोप – प्रेस रिव्यू

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कई भारतीय को रूस भेजने के तार वीडियो व्लॉगर फ़ैसल ख़ान से जुड़े हैं.
अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ 'बाबा व्लॉग्स' के नाम से चर्चित फ़ैसल ख़ान की उम्र तीस साल के क़रीब है और उन पर पहले भी लोगों को धोखा देने के आरोप लग चुके हैं. वो धर्म परिवर्तन के एक मामले में महाराष्ट्र के एंटी टेरररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के रडार पर भी रहे हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ फ़ैसल ख़ान ने कहा है कि युवाओं के साथ रूस पहुंचने के बाद क्या हुआ ये उनके नियंत्रण से बाहर था.
अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में सितंबर 2023 में शेयर किए गए फ़ैसल ख़ान के एक वीडियो का ज़िक्र किया है.
इस वीडियो में सैंट पीटर्सबर्ग की सड़कों पर घूमते हुए फ़ैसल ख़ान रूस की सेना में शामिल होने के फ़ायदे गिना रहे हैं.
फ़ैसल ख़ान कह रहे हैं कि रूस की सेना में शामिल होने का सबसे बड़ा फ़ायदा ये होगा कि आपको विशेष सरकारी कार्ड मिलेंगे और हर जगह आपको प्राथमिकता दी जाएगी.
अख़बार का कहना है कि इसी तरह की बातें करके फ़ैसल ख़ान ने कई युवाओं को रूस की तरफ़ आकर्षित किया. इनमें तेलंगना के रहने वाले मोहम्मद अफ़सान भी शामिल थे जिनकी मौत हाल के दिनों में रूस की सेना की तरफ़ से लड़ते हुए हो गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ मोहम्मद अफ़सान ने फ़ैसल ख़ान के यूट्यूब चैनल पर वीडियो देखने के बाद उनसे संपर्क किया था.
फ़ैसल ख़ान बाबा व्लॉग्स नाम से एक मैनपॉवर कंसल्टिंग फ़र्म भी चलाते हैं और दुबई, सर्बिया, क्रोएशिया, जर्मनी और सिंगापुर समेत कई देशों में भारतीय नागरिकों को काम करने के लिए भिजवाने का काम करते हैं.
फ़ैसल ख़ान ने ख़ुद को बताया बेकसूर

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फ़ैसल ख़ान ने अख़बार को बताया है कि उन्होंने कुल 35 लोगों को रूस भिजवाया है.
उनका कहना है कि इस मामले में वो भी पीड़ित हैं क्योंकि रूस के दूसरे एजेंटों और हैंडलरों ने उन्हें बताया था कि भारत से भेजे जा रहे युवाओं को युद्ध के मोर्चे पर नहीं भेजा जाएगा.
फ़ैसल दावा करते हैं, “रूस पहुंचने के बाद उनसे क्या करवाया जा रहा है ये मेरे नियंत्रण से बाहर था. जब मुझे पता चला कि कुछ लोगों को मोर्चे पर भेजा गया है तो उन्हें वापस बुलाने के लिए मैंने हर संभव प्रयास किया.”
ख़ान का ये भी कहना है कि भारत से जाने वाले युवा इस काम में आ सकने वालों ख़तरों को लेकर पूरी तरह वाक़िफ थे.
वो कहते हैं, “कांट्रेक्ट में स्पष्ट रूप से ख़तरों के बारे में बताया गया था. हालांकि उन्हें मोर्चे पर तैनात नहीं किया जाना था लेकिन युद्ध क्षेत्र में सेना के साथ काम करने के अपने ख़तरे तो होते ही हैं.”
ख़ान ये दावा करते हैं कि उनका इरादा लोगों को बेवकूफ़ बनाने या झांसा देने का नहीं था.
ख़ान कहते हैं, “अगर मैं लोगों को फंसा रहा होता तो क्या मैं कोई भी सुबूत छोड़ता. मैंने यूट्यूब से कोई वीडियो नहीं हटाया है. मेरे सभी वीडियो मौजूद हैं.”
फ़ैसल ख़ान छठी क्लास तक पढ़े हैं और वो दावा करते हैं कि ग़रीबी की वजह से मुंबई के दादर इलाक़े में कई तरह के काम करने पड़े. फ़ैसल 2008 में दुबई चले गए थे जहां उन्होंने सेल्समैन का काम किया.
2016 में उन्होंने मैनपॉवर कंसलटेंसी शुरू की थी और भारतीयों को खाड़ी देशों में भेजना शुरू किया था.
बीजेपी-बीजेडी की वार्ता अटकी, पटनायक को चाहिए सौ से ज़्यादा सीटें

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ओडिशा में गठबंधन के लिए चल रही बीजेपी और बीजेडी की बातचीत में गतिरोध आ गया है.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि दोनों ही पक्ष सौदेबाज़ी कर रहे हैं, ख़ासकर विधानसभा सीटों को लेकर.
ओडिशा में लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ओडिशा में 147 विधानसभा सीटें हैं.
अख़बार ने सूत्रों के हवालों से लिखा है कि बीजेडी 100 से कम सीटों पर समझौता नहीं करना चाहती है.
वहीं लोकसभा सीटों को लेकर दोनों पक्षों में लगभग सहमति बन गई है. बीजेपी दो-तिहाई के क़रीब सीटों पर ओडिशा में चुनाव लड़ सकती है.
सीटों के बंटवारे को लेकर वार्ता करने दिल्ली आए बीजेडी के नेता अब वापस ओडिशा पहुंच चुके हैं.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बीजेपी की ओडिशा ईकाई के नेता विधानसभा चुनावों में बीजेडी को इतना बड़ा हिस्सा नहीं देना चाहते हैं.
मणिपुर में अग़वा किए गए सैन्य अधिकारी को छुड़ाया गया

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मणिपुर में अग़वा किए गए एक जूनियर कमिशंड अधिकारी (जेसीओ) को छुड़ा लिया गया है.
मणिपुर में जारी नस्लीय संघर्ष के बीच शुक्रवार को राज्य के थोबल ज़िले में तैनाय भारतीय सेना के एक जेसीओ को अग़वा कर लिया गया था.
अख़बार के मुताबिक़ एक लंबे खोजी अभियान के बाद अधिकारी को छुड़ा लिया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ नायब सुबेदार कोनसम खेड़ा सिंह मूलरूप से थोबल ज़िले के रहने वाले हैं और छुट्टी पर घर आए थे. शुक्रवार सुबह क़रीब 9 बजे उन्हें घर से अग़वा कर लिया गया था. उन्हें शुक्रवार शाम क़रीब साढ़े छह बजे छुड़ा लिया गया.
मणिपुर ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है. भारतीय सेना ने अधिकारी को छुड़ा लिए जाने की पुष्टि भी की है.
मणिपुर में नस्लीय हिंसा शुरू होने के बाद से भारतीय सेना के अधिकारी या उनके परिवार या रिश्तेदारों को निशाना बनाने की ये चौथी घटना है.
भारत के सैन्य मौजूदगी बढ़ाने से नहीं कम होगा तनावः चीन

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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ चीन का ये मानना है कि भारत के विवादित क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने से तनाव कम नहीं होगा.
भारत के चीन के साथ विवादित सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाने की रिपोर्टों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा है, “ये तनाव कम करने के लिए अनुकूल नहीं है.”
भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा पर तैनात क़रीब दस हज़ार सैनिकों को चीन के साथ विवादित सीमा पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए मुक्त किया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ बरेली स्थित उत्तर भारत एरिया को एक कॉर्प में बदला जाएगा जिसके भीतर इंफेंट्री, आर्टलरी, एविएशन, एयर डिफेंस और इंजीनियरिंग की अतिरिक्त ब्रिगेड शामिल की जाएंगी. आमतौर पर ये प्रशासनिक और प्रशिक्षण कार्यों में अधिक शामिल रहती है.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यूपी एरिया को एक ऑपरेशनल कॉर्प में बदला जाएगा जिसे लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के मध्य सेक्टर को सुरक्षित करने का काम दिया जाएगा.
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