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आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की आक्रामकता कैसे सवाल खड़े कर रही है
- Author, विमल कुमार
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
कोलकाता के ईडन गार्डंस में मेज़बान टीम को हराने के लिए सोचना राजस्थान रॉयल्स के लिए शायद एक बेहद मुश्किल चुनौती थी. आईपीएल के इतिहास में जीत के लिए 224 रन का लक्ष्य सिर्फ राजस्थान रॉयल्स ने ही हासिल किया था.
2020 में राजस्थान पंजाब के ख़िलाफ़ 224 रनों का लक्ष्य एक बार हासिल कर चुकी थी लेकिन इस बार ये चुनौती आसान नहीं थी. वो भी तब जब राजस्थान की टीम अपनी पारी के पहले 6 ओवर यानी कि पावरप्ले में महज़ 30 रन के स्कोर पर 3 विकेट खो चुकी थी.
ऐसा लगा कि शाहरुख ख़ान की टीम को मैच जीतने के लिए बस औपचारिकता भर निभानी बच गई है.
ये ठीक था कि राजस्थान के पास जॉस बटलर के तौर पर आईपीएल का एक शानदार खिलाड़ी मौजूद था लेकिन बटलर भी इस पारी के दौरान संघर्ष करते दिख रहे थे. उन्होंने पहली 18 गेंदों पर सिर्फ 25 रन ही बनाये.
13वें ओवर में 121 गेंद पर राजस्थान की टीम अपने 6 विकेट खो चुकी थी और दूसरे छोर पर लगातार विकेट को गिरते देख बटलर का जोश भी शायद थोड़ा ठंडा पड़ रहा होगा.
लेकिन यहीं पर वेस्टइंडीज़ के रोवमन पावेल ने 13 गेंदों पर 26 रनों की छोटी लेकिन आतिशी पारी खेलकर ना सिर्फ अपनी टीम का जोश बढ़ाया बल्कि अपने साथी बटलर को इस टूर्नामेंट में दूसरी बार ये मौका दिया कि वो विरोधी टीम के बल्लेबाज़ की शतकीय पारी को फीका साबित कर दें.
बटलर ने 10 दिन पहले बेंगलुरु में विराट कोहली के शतक की चमक फीकी करते हुए तब भी अपनी टीम को मैच जिताया था.
केकेआर की पारी भी रही शानदार
कोलकाता भले ही मैच हार गया लेकिन उनके ऑलराउंडर सुनील नरेन के शानदार खेल को शायद भुलाना मुश्किल हो. जिस खिलाड़ी को आईपीएल में महज़ पिंच हिटर के तौर पर देखा जाता है उसने अपने करियर में पहली बार किसी मैच में शतक लगाया.
शतक भी ऐसा कि मैन ऑफ द मैच बटलर से भी ज़्यादा बेहतर स्ट्राइक रेट (56 गेंदों पर 109 रन जिसमें 13 चौके और 6 छक्के शामिल रहे). इतना ही नहीं, बाद में गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में 30 रन देकर 2 विकेट भी झटके.
बहरहाल, अपनी पारी के दौरान पहले 13 ओवर में सिर्फ 3 विकेट पर 133 रन बनाने वाली कोलकाता की टम अगर 250 के स्कोर तक पहुंचने में चूकी तो इसके लिए रॉयल्स के तेज़ गेंदबाज़ ट्रैंट बोल्ट (4 ओवर में 31 रन देकर 1 विकेट) और आवेश ख़ान (4 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट) को दिया जा सकता है.
आख़िरी 6 ओवर में रॉयल्स ने पलटा पासा
बटलर ने कोलकाता की बल्लेबाज़ी के दौरान ये देखा था कि किस तरह से रविचंद्रन अश्विन और युज़वेंद्र चहल जैसे वर्ल्ड क्लास स्पिनर की भी (दोनों के 8 ओवर में 103 रन पड़े थे) धुनाई हुई थी इसलिए वो कोलकाता के वरुण चक्रवर्ती के पहले 3 ओवर में कसी हुई गेंदबाज़ी से परेशान नहीं थे.
टीम इंडिया के लिए 2021 में टी20 वर्ल्ड कप खेलने वाले इस स्पिनर के खिलाफ पारी के 15वें ओवर में बटलर ने चार चौके जड़ दिये. और इसी दौरान पहली बार कोलकाता को बटलर के ख़ौफ का एहसास हुआ हो.
आंद्रे रसेल को इसके बाद 17 रन पड़े जिसमें धुनाई उनके कैरेबियाई साथी खिलाड़ी पावेल ने की.
पावेल ने एक और कैरेबियाई गेंदबाज़ और अब तक मैच के सुपर हीरो के खिलाफ़ 4, 6, 6 जड़कर ये दिखाया कि बटलर की इस लड़ाई में अकेले नहीं थे. हालांकि, नरेन ने इसके बाद पावेल को पवेलियन वापस भेजने में कामयाबी हासिल कर ली लेकिन तब तक मेज़बान के लिए काफी देर हो चुकी थी.
आईपीएल के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी मिचेल स्टार्क ने इस टूर्नामेंट के दौरान एक और महंगा ओवर डाला. ऑस्ट्रेलिया के इस तेज़ गेंदबाज को पारी के 18वें ओवर में 18 रन पड़े जिसमें बटलर का एक छक्का भी शामिल रहा.
जब स्टार्क जैसे गेंदबाज़ों की धुनाई में बटलर को परेशानी ही नहीं हो रही थी तो भला युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा क्या ही कर पाते.
विदेशी बल्लेबाज़ों की आक्रामकता कैसे खड़े कर रही है सवाल
इस सीज़न कोलकाता के लिए डेथ ओवर्स में बेहतरीन गेंदबाज़ी करने वाले राणा थोड़े नर्वस दिखे और बटलर ने उनकी गेंदों पर 2 छक्के और एक चौका जड़ा. आख़िरी ओवर में सिर्फ़ 9 रन बटलर के लिए अब एक मामूली सी चुनौती थी.
20वें ओवर की पहली ही गेंद पर बटलर ने छक्का जड़कर मैच पूरी तरह से राजस्थान के पाले में डाल दिया. इसके बाद अगली तीन गेंदों पर भले ही वरुण ने कोई रन नहीं दिये लेकिन इसके बावजूद शायद ही किसी को इस बात का शक रहा हो कि मैच कोलकाता के हाथ से पूरी तरह से निकल चुका था.
इस जीत के साथ ही राजस्थान अंक तालिका में टॉप पर बना हुआ है. पहले 7 मैचों के बाद 6 में से जीत हासिल करने के बाद वो अब 12 अंकों के साथ प्ले-ऑफ की दौड़ में गंभीर तरीके से नज़दीक आने वाली पहली टीम बन चुकी है.
पिछले मैच में सनराइज़र्स हैदराबाद के लिए ट्रेविस हेड का शतक और उसके बाद मंगलवार को वेस्टइंडीज़ के नरेन और नरेन के ठीक बाद फिर से इंग्लैंड के बटलर ने इस आईपीएल में ओपनर के तौर पर धुआंधार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते हुए टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले अब भारतीय क्रिकेट में भी एक नई बहस को भी छेड़ दिया है.
आखिर क्या वजह है कि इस आईपीएल में विदेशी बल्लेबाज़ जिस बेफिक्री और आक्रामकता से खेल रहे हैं उनके करीब कोई भी भारतीय युवा या फिर कोई दिग्गज खिलाड़ी क्यों नहीं ऐसा कर पा रहा है?
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