रोहित शर्मा के शतक पर महेंद्र सिंह धोनी के 20 रन कैसे पड़े भारी

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

चेन्नई सुपरकिंग्स आईपीएल की सबसे बड़ी मानी जाने वाली राइवलरी में मुंबई इंडियंस से एक बार फिर बेहतर साबित हुई. उन्होंने इस मैच को 20 रनों से जीता.

मुंबई इंडियंस भले ही इस राइवलरी में अभी भी 20-17 से आगे है पर पिछले छह मुकाबलों में सीएसके का दबदबा बना रहा है.

उन्होंने इसमें से पांच मुकाबले जीते हैं. मुंबई सिर्फ एक मुकाबला ही जीत सका है.

पथिराना रहे जीत के हीरो

रोहित शर्मा और ईशान किशन ने जिस तरह 207 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पावरप्ले में बिना नुक़सान के 63 रन बनाकर एक समय टीम को जीत की राह पर बढ़ाया. लेकिन इस स्थिति में पथिराना ने अपने पहले ओवर में ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के विकेट निकालकर मुंबई को तगड़ा झटका दिया.

ईशान किशन को शार्दुल ठाकुर के हाथों लपकवाने के बाद सूर्यकुमार यादव का विकेट मुस्तफ़िज़ुर के बेहतरीन कैच का परिणाम रहा.

सूर्यकुमार ने पथिराना की गेंद को थर्डमैन क्षेत्र में गेंद की गति का इस्तेमाल करके छक्के के लिए खेला, पर वहां मौजूद मुस्तफ़िज़ुर ने उछलकर गेंद को पकड़ लिया. पर गेंद पकड़ने के बाद ज़मीन पर आते समय, उन्हें लगा कि पैर बाउंड्री के बाहर जा सकता है तो उन्होंने गेंद को अंदर उछालकर और फिर बाहर से अंदर आकर कैच पकड़कर मुंबई को ऐसा झटका दिया, जिससे वह उबर नहीं सकी.

रोहित शर्मा के साथ अच्छा साथ दे रहे तिलक वर्मा ने मुंबई इंडियंस को एक बार फिर जीत की तरफ आगे बढ़ाया. लेकिन पथिराना ने तिलक वर्मा और इसके बाद रोमारिओ शेफर्ड को बोल्ड करके पारी को फिर से पटरी से उतार दिया.

प्लेयर ऑफ द मैच

पथिराना ने लगातार शानदार गेंदबाज़ी करके चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट निकाले और यह प्रदर्शन उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच बनाने वाला रहा. उन्होंने कहा कि "मैं जब पावरप्ले में गेंदबाज़ी करने आया तो थोड़ा नर्वस था. पर मैंने इस स्थिति में परिणाम पर ध्यान देने के बजाय गेंदबाज़ी पर ध्यान दिया और इसका परिणाम सामने आया है."

कमेंटरी करते समय इरफान पठान ने कहा कि पथिराना की सबसे बड़ी खूबी गेंदों का नपा-तुला होना है और इस पर काम करने पर उनकी गति भी अच्छी बनी रही है. उन्हें मलिंगा से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है. पहले 17 आईपीएल मैच खेलने वाले गेंदबाज़ों में वह विकेट लेने के मामले में जसप्रीत बुमराह और मलिंगा को भी पीछे छोड़ने में सफल रहे हैं.

इरफान पठान का कहना है कि मैदान पर ओस थी और इस स्थिति में 206 रन को बचाना आसान नहीं था. लेकिन पथिराना ने जिस तरह से गेंदबाज़ी की, वही जीत की वजह बनी. वह यॉर्कर डालने के साथ गेंदबाज़ी में लगातार वेरिएशन करते हैं, इसलिए उनके खिलाफ बड़े शॉट लगाना बेहद मुश्किल होता है. यही वजह है कि उनके खिलाफ एक भी छक्का नहीं लगा.

धोनी के रन क्यों ख़ास

महेंद्र सिंह धोनी जब 186 रन के स्कोर पर डेरेल मिचेल का विकेट गिरने पर खेलने आए तब सिर्फ चार गेंद बाकी थीं और चेन्नई का 200 रन तक पहुंचना मुश्किल लग रहा था. पर धानी ने आते ही हार्दिक पांड्या की लगातार तीन गेंदों पर छक्के लगाकर मैच का नक्शा ही बदल दिया.

उन्होंने 500 की स्ट्राइक रेट से खेलते हुए चार गेंदों में 20 रन बनाए. सही मायनों में धोनी के यह 20 रन ही जीत-हार में मुख्य अंतर बने.

धोनी कहीं भी खेलें, उनकी दीवानगी हर जगह देखने को मिलती है. मुंबई इंडियंस का घर होने पर भी वानखेड़े स्टेडियम में नीली जर्सी से कहीं ज्यादा पीली जर्सियां दिख रही थीं. यही नहीं डेरेल मिचेल के आउट होने पर अफसोस होने के बजाय पूरे स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि धोनी खेलने आ रहे थे. पर धोनी को डेरेल मिचेल से पहले आने की ज़रूरत थी, वह अगर ऐसा करते तो 15-20 रन और ज़्यादा बन सकते थे.

धोनी के खेलने के अंदाज़ से लग ही नहीं रहा है कि वह 42 साल के हो गए हैं. वह अभी भी दशक पहले वाले अंदाज़ से ही खेल रहे हैं.

रोहित शर्मा को नहीं मिला अच्छा साथ

रोहित शर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया. उन्हें पहले ईशान किशन और तिलक वर्मा के रूप में दो अच्छे जोड़ीदार भी मिले. पर महत्वपूर्ण मौकों पर ही दोनों ही उनका साथ छोड़कर चले गए. अगर इनमें से कोई भी दो-तीन ओवर और विकेट पर टिकता तो मुंबई इंडियंस मुकाबला जीत सकती थी.

मुंबई इंडियंस के दूसरे छोर से विकेट मध्य ओवरों में लगातार निकलते रहने से टीम रन गति के दबाव में फंस गई और इस कारण ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

रोहित शर्मा को इस बात का अफसोस ज़रूर रहेगा कि आईपीएल करियर का सिर्फ दूसरा शतक टीम को जीत नहीं दिला सका.

रोहित शर्मा ने 63 गेंदों की लंबी अपनी पारी में 105 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और पांच छक्के शामिल रहे. इसमें उनका स्ट्राइक रेट 166.66 रहा.

ऋतुराज ने खेली कप्तानी के दायित्व वाली पारी

ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में पारी की शुरुआत करने नहीं आए वह तीसरे नंबर पर उतरे. वह आज जिस लय में दिखे, वह सीएसके के लिए बहुत ही अच्छा संकेत है. वह बहुत ही आक्रामक अंदाज़ में खेल रहे थे.

उन्होंने 40 गेंदों में 69 रन की पारी खेलकर पारी को जमाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसमें उन्होंने 172 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से खेलकर पांच चौके और दो छक्के लगाए.

ऋतुराज ने शिवम दुबे के साथ तीसरे विकेट की साझेदारी में 45 गेंदों में 90 रन जोड़कर पारी को पटरी पर डालने में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले उन्होंने रचिन रविंद्र के साथ भी अर्धशतकीय साझेदारी निभाई.

शिवम दुबे तो हैं करिश्माई बल्लेबाज़

शिवम दुबे इस सत्र में जिस तरह से खेल रहे हैं, उससे उन्हें टी-20 विश्व कप की टीम के लिए मज़बूत दावेदार माना जा रहा है.

वह आते ही बड़े शॉट खेलने की महारत रखते हैं और अकेले दम पर मैच का नक्शा बदलने की क्षमता भी रखते हैं. उन्होंने 38 गेंदों में 66 रन की पारी खेली और 10 चौके और दो छक्के लगाए.

शिवम दुबे ने मैच के बाद कहा कि मुझसे कहा गया है कि अच्छी स्ट्राइक रेट से खेलना है. उन्होंने कहा कि 'मैंने ऑफ सीजन में इस तरह खेलने के लिए कड़ी मेहनत की है.'

उन्होंने कहा कि 'मेरे बारे में पहले माना जाता था कि मैं स्पिन गेंदबाज़ों के खिलाफ बड़े शॉट खेलता हूं. पर अब इस सीज़न से पेस गेंदबाज़ों को एक ओवर में दो बाउंसर फेंकने की छूट मिली है. इसलिए मैंने पेस गेंदबाजों पर बड़े शॉट खेलने के लिए बहुत काम किया है. इसका परिणाम अब दिखने लगा है.'

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)

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