शार्क के अंदर यहां मिल रहा है कोकीन, क्या हो सकती है वजह

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- Author, फ़ेलिपे सौज़ा और लिएंद्रो मशादो
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, ब्राज़ील
ब्राज़ील में जीव वैज्ञानिक समुद्र के किनारे शार्कों में कोकीन पाए जाने के पीछे की वजहों का पता लगाने में जुटे हुए हैं.
ओसवाल्डो क्रूज़ फाउंडेशन के वैज्ञानिकों ने रियो डि जेनेरो के समुद्री तटों पर 13 शार्कों की कोकीन की जांच की गई. इन्हें को ब्राज़ीलियन शार्पनोज़ शार्क के नाम से भी जाना जाता है.
इन शार्कों की जांच में इनकी मांसपेशियों और लीवर में बड़ी मात्रा में ड्रग्स पाया गया.
शार्क में पाए जाने वाले कोकीन की मात्रा पता करने के लिए यह पहला अध्ययन है. हालाँकि, जानवरों के शरीर में ड्रग्स को लेकर कई अध्ययन हुए हैं.
कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक़, शार्क के शरीर में कोकीन समुद्र के पानी में कोकीन तैयार करने वाली अवैध प्रयोगशालाओं या ड्रग्स का सेवन करने वालों के मल -मूत्र से पहुँच रही होगी.

समुद्र में ड्रग के फैलने की कई वजहें हो सकती हैं. समुद्र में तस्करों की ओर ड्रग्स ले जाने, फेंकने या खो जाने की वाले कोकीन के पैकेट्स भी हो सकते हैं. हालांकि अध्ययनकर्ता इसकी संभावना बहुत कम आँकते हैं.
जीव वैज्ञानिकों में से एक रेचल डेविस शार्क के अध्ययन दौरान हासिल नतीजों के बारे में कहते हैं,''चूंकि हम मैक्सिको और फ्लोरिडा की तरह यहाँ समुद्र में डंप या खो जाने वाले कोकीन की कई गांठें नहीं देखते हैं. इसलिए हम दोनों परिकल्पनाओं की बात करते हैं.''
शोधकर्ताओं का कहना है कि अन्य समुद्री जीव की तुलना में शार्क के परीक्षण में कोकीन की मात्रा 100 गुना अधिक थी.
चिंता की वजह

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'द जर्नल साइंस' से बात करते हुए पुर्तगाल के लीरिया में सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड मरीन साइंस की सारा नोवैस कहती हैं कि अध्ययन में सामने आई खोज काफ़ी अहम है.
अध्ययन में यह भी पता चला है कि सभी मादा शार्क गर्भवती थीं. हालाँकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनके भ्रूणों पर कोकीन का क्या प्रभाव पड़ा.
क्या ड्रग शार्क के व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं इस बात की पुष्टि के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है.
हालाँकि, पहले के शोध में इस बात की तरफ का इशारा करते हुए कहा गया है कि ड्रग का प्रभाव - जानवरों और इंसानों, दोनों में समान रूप से पड़ता है.
यहाँ अनुसंधानकर्ताओं ने सिर्फ एक ही प्रकार के शार्क पर अध्ययन किया है लेकिन उनका मानना है कि इस इलाक़े में शार्क की अन्य प्रजातियों पर भी कोकीन का इसी तरह का प्रभाव पड़ा होगा.
रेचल डेविस आगे कहती हैं "चूंकि शार्क मांसाहारी हैं और वो अपने भोजन के लिए मछलियों का शिकार करते हैं तो हो सकता है कि वो मछलियाँ रासायनिक प्रदूषकों और कोकीन से दूषित हों. इसके कारण ही इन शार्क में कोकीन आया हो.”

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कोकीन का ट्रांज़िट रूट
डॉक्टर कैमिला नून्स डायस ब्राजील के ही फ़ेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ एबीसी (यूएफ़एबीसी) में प्रोफेसर और साओ पाउलो विश्वविद्यालय (यूएसपी) मे समाजशास्त्र विभाग से जुड़ी हैं.
वो बताती हैं कि ब्राजील की लोकेशन ही ड्रग तस्करों को अपनी ओर आकर्षित करती है. तस्कर अपना सामान आमतौर पर यूरोप और अफ्रीका के बाज़ारों में भेजने के लिए ब्राज़ील का रास्ता ही इस्तेमाल करते हैं.
उनके अनुसार ब्राज़ील की लोकेशन ने इसे अपराधियों के लिए ड्रग्स के कारोबार के लिहाज से ख़ास बना दिया है.
ब्राज़ील का पश्चिमी बॉर्डर जहाँ एक तरफ पेरू, कोलम्बिया और बोलविया जैसे ड्रग उत्पादक देशों से जुड़ता है तो वहीं दूसरी तरफ कई बंदरगाहों से होते हुए अटलांटिक तक ब्राज़ील की पहुँच इसे तस्करों के बीच ख़ास बनाता है
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक़ कोकीन ले जा रहे गोताखोरों की वजह से पानी भी प्रदूषित हो रहा होगा.
गोताखोरों से समुद्र में पहुँच रहा है ड्रग्स ?

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समुद्र के पानी में ड्रग्स की मौजूदगी को लेकर नून्स डायस का विचार अध्ययनकर्ताओं से अलग है.
उनके मुताबिक़, इस इलाक़े के प्रयोगशालाओं में रिफाइन की गई कोकीन से पानी दूषित नहीं हुआ था, बल्कि इस बात की संभावना ज़्यादा है कि जहाजों से ले जाने के क्रम में ड्रग्स से पानी दूषित हुआ हो.
साओ पाउलो विश्वविद्यालय के ही 'सेंटर फॉर वॉइलेन्स स्टडीज़' के एक एक्सपर्ट के मुताबिक़ ''गोताखोरों के जरिये जहाजों पर कोकीन रखने की रणनीति का हमने पता लगा लिया है और मुझे लगता है कि नून्स डायस के तर्क में दम है.''
विश्व के ज़्यादातर देशों में कोकीन प्रतिबंधित है और यह बात साबित हो चुकी है कि कोकीन उन लोगों के स्वास्थ्य को नुक़सान पहुँचाता है जो इसका सेवन करते हैं. इसका ओवरडोज़ मौत की वजह भी बनता है.
समाजशास्त्री नून्स डायस का कहना है कि ब्राजील में कोकीन नदियों और सड़कों के रास्ते पहुंचते हैं. फिर यहाँ से कई बंदरगाहों और हवाई अड्डों से यूरोप भेजे जाते हैं.
नून्स डायस कहती हैं, '' हालांकि ब्राज़ील भी एक बहुत बड़ा हब है लेकिन अमेरिका में कोकीन मुख्यत: मेक्सिको और कोलंबिया के तस्कर पहुंचाते हैं. ब्राज़ील के सभी बंदरगाह एक तरह से एक्ज़िट पॉइंट की तरह काम करते हैं. इन बंदरगाहों का नियंत्रण आपराधिक गिरोहों के हाथों मे होता है.”
क्या शार्क के मांस से इंसानों में कोकीन पहुँच सकता है?

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इस अध्ययन के खोज ने एक नई आशंका को जन्म दे दिया है कि क्या शार्क का मांस खानेवाले मनुष्यों के शरीर में कोकीन प्रवेश कर सकता है?
इसपर शोधकर्ता रेचल डेविस का कहना है कि ब्राज़ील में डॉगफिश शार्क का भोजन के रूप में इस्तेमाल करने से ड्रग्स मानव शरीर में प्रवेश कर सकता है.
वो आगे बताती हैं '' ब्राज़ील, यूएस, यूके और कई अन्य देशों में बड़ी तादाद में इंसानों के नियमित रूप से शार्क का मांस खाने से कोकीन पहले से ही उनकी आहार शृंखला में प्रवेश कर चुका है.''
वहाँ के बाज़ारों में इसे मछली, डॉगफिश, चिप्स और कई अन्य नाम से बेचा जाता हैं. शार्क के पंख के सूप कई देशों में काफ़ी मशहूर हैं.
लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन शार्क के मांस के ज़रिए इंसानी शरीरों में प्रवेश पा चुका ड्रग्स लोगों के लिए कितना हानिकारक है.
इस बारे में डेविस कहती हैं कि इस तरह के भोजन से इंसानी शरीर पर पड़ने वाले असर की कोई समय सीमा तय नहीं हैं.
इसलिए फिलहाल पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि इसका इंसानी शरीर पर कितना असर पड़ता है.
चूंकि शार्क और अन्य मछलियाँ अपनी त्वचा और गलफड़ों से पानी को अपने शरीर के अंदर लेती हैं, इसलिए पानी में घुली कोकीन इनके शरीर के अंदर पहुँच बनाने में सफल हो जाती है
वहीं डेविस इस संभावना से इनकार करती हैं कि समुद्री पानी में घुला हुआ कोकीन उस पानी में तैरनेवाले किसी इंसान को प्रभावित करेगा.
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