युद्ध का ख़तरा होते हुए भी यूरोप तैयार नहीं, पोलैंड के पीएम की इस चेतावनी के क्या मायने हैं?

इमेज स्रोत, RDM/Anadolu via Getty Images
- Author, ख़ारकीएव से सारा रेन्सफ़ोर्ड और पॉल किर्बी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनल्ड टस्क ने चेतावनी दी है कि "यूरोप युद्ध से ठीक पहले" की स्थिति में है और पूरे महाद्वीप की भलाई के लिए यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस को किसी भी क़ीमत पर जीतने नहीं देना चाहिए.
उन्होंने कहा, "युद्ध अब अतीत की बात नहीं रही. यह सच्चाई है और हमारे सामने है. ये दो साल पहले शुरू हुआ था."
गुरुवार को रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा केंद्रों पर भारी हमला किया जिसके बाद डोनल्ड टस्क का ये बयान आया है.
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसी हफ़्ते कहा था कि "नेटो देशों के लिए रूस की कोई आक्रामक मंशा नहीं थी."
उन्होंने इस धारणा को "पूरी तरह व्यर्थ" बताया और कहा कि कुछ लोग ये मान रहे हैं कि रूस के पास दुनिया में परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा ज़खीरा है और वह पोलैंड, बाल्टिक देशों और चेक गणराज्य पर हमला करेगा. यूक्रेन को छोड़ दिया जाए तो ये देश नेटो सैन्य गठबंधन के सदस्य हैं.
हालांकि पुतिन ने ये चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन दूसरे देशों की हवाई पट्टियों का इस्तेमाल एफ़-16 युद्धक विमान के लिए करता है कि "वे जहां कहीं भी स्थित हों, वैध टार्गेट बनाए जाएंगे."
फ़रवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ जंग छेड़ दिया जिसके बाद से पश्चिमी मुल्कों के साथ उसके रिश्ते द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे ख़राब स्थिति में पहुंच गए हैं.

इमेज स्रोत, HANNIBAL HANSCHKE/EPA-EFE
यूक्रेन पर ताज़ा हमले में रूस ने लगभग 100 मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से देश का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब गया.
ऐसा हमला एक सप्ताह में दूसरी बार हुआ है जिसमें रूस ने यूक्रेन की रक्षा पंक्ति को तितर-बितर करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में हथियारों का इस्तेमाल किया.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस रणनीति को "मिसाइल टेरर" क़रार दिया है और चेतावनी दी कि हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर प्लांट पर हमला पर्यावरण के विनाश का बड़ा कारण हो सकता है.
बीबीसी से बात करते हुए ख़ारकीएव के मेयर ने ग्रिड को हुए "गंभीर नुक़सान" के बारे में बताया और कहा कि इसे पूरी तरह ठीक होने में दो महीने का समय लगेगा. ब्लैकआउट की वजह से छोटे व्यापारी जेनरेटरों का सहारा ले रहे हैं और भारी उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं.

इमेज स्रोत, Omar Marques/Anadolu
यूरोप की रक्षा मज़बूत करने की अपील
यूक्रेन के लिए आपात सैन्य सहायता की अपील करते हुए पोलैंड के पीएम टस्क ने चेतावनी दी कि अगर ये युद्ध और आगे बढ़ा तो अगले दो साल का युद्ध, भविष्य तय करेगा.
उन्होंने कहा, "द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से हम अब तक के सबसे संकट भरे समय में रह रहे हैं."
यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि रूस ने पहली बार दिन में कीएव पर हाइपरसॉनिक मिसाइल से हमला किया है.
उन्होंने कहा कि रूस में मॉस्को के पास बीते दिनों हुए जिहादी हमले के लिए बिना सबूत यूक्रेन पर आरोप मढ़ने की पुतिन की कोशिश ये दिखाती है कि "वो साफ़ तौर पर यूक्रेन में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना चाहते हैं और इसे सही ठहराना चाहते हैं."
2023 के आख़िर में प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचने के बाद टस्क ने यूरोपीय मीडिया को दिए अपने पहले इंटरव्यू में यूरोप के दूसरे नेताओं से अपनी सुरक्षा को मज़बूत करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि यूरोप को "नेटो के समानांतर ढांचा" खड़ा करने की ज़रूरत नहीं लेकिन अगर महाद्वीप सैन्य क्षमता में खुद सक्षम हो जाए तो यह अमेरिका का पसंदीदा साझीदार बन जाएगा.
पोलैंड अपनी जीडीपी का चार फ़ीसदी रक्षा पर खर्च करता है जबकि अन्य यूरोपीय देश नेटो के दो फ़ीसदी के टार्गेट तक भी नहीं खर्च करते.
'युद्ध वास्तविकता है'

इमेज स्रोत, EPA-EFE/Jakub Szymczuk/KPRP
यूरोपीयन काउंसिल के अध्यक्ष रह चुके डोनल्ड टस्क ने चेताया है कि यूरोप को युद्ध से पहले तैयारी कर लेनी चाहिए.
उन्होंने बताया कि स्पेन के प्रधानंत्री पेद्रो सांचेज़ ने यूरोपीय संघ के नेताओं से सम्मेलन के बयान में "युद्ध" शब्द का इस्तेमाल न करने को कहा था क्योंकि लोग ख़तरे से डरना नहीं चाहते.
टस्क के मुताबिक़, उन्होंने जवाब दिया था कि यूरोप के उनके हिस्से में युद्ध काल्पना की चीज़ नहीं रही. उन्होंने चेतावनी दी थी कि "कुछ भी हो सकता है."
उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि यह दहलाने वाला है, ख़ासकर युवा पीढ़ी के लिए, लेकिन हमें एक नये युग के आने को लेकर सहज होना होगा. यह युद्ध पूर्व का समय है."
टस्क पहली बार 2007 से 2014 के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि जब वो प्रधानमंत्री थे तो पोलैंड और बाल्टिक देशों के अलावा बहुत कम यूरोपीय नेताओं ने रूस को एक संभावित ख़तरे के रूप में महसूस किया.
टस्क ने पूरे यूरोप में फैली इस मानसकिता को लेकर कहा कि युद्ध सच्चाई बन चुकी है जिससे इनकार नहीं करना चाहिए.
इस बीच यूक्रेन के नव नियुक्त कमांडर इन चीफ़ जनरल अलेक्ज़ेंडर सिर्स्की ने एक साक्षात्कार में स्वीकार किया है कि यूक्रेन को सैन्य मामलों में रूस "छह के मुक़ाबले एक" से पछाड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि अगर पर्याप्त मात्रा में हथियार, गोला बारूद और एयर डिफ़ेंस सिस्टम की आपूर्ति होती तो यूक्रेन ने जो इलाक़े खो दिए हैं, उन्हें वो जाने नहीं देता.
उन्होंने युद्ध के कई क्षेत्रों की हालत "बहुत तनावपूर्ण" बताई.
रूस पर कौन भरोसा करे?
बीबीसी के रक्षा संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर का विश्लेषण-
पोलैंड के प्रधानमंत्री की ओर से जारी ताज़ा चेतावनी, बाल्टिक देशों की चिंताओं को ही ज़ाहिर करती है.
वो पिछले कुछ समय से इस तरह की चेतावनी दे रहे थे कि अगर रूस हमला कर के यूक्रेन के एक पूरे प्रांत को अपनी सीमा में मिला लेता है तो दूसरे देश इस डर से कब तक बचेंगे कि किसी दिन रूस उन पर भी हमला कर सकता है जो पहले कभी उसके मातहत हुआ करते थे.
रूस से सटे नेटो देशों का प्रति व्यक्ति रक्षा खर्च बाकी पश्चिमी यूरोपीय देशों के मुक़ाबले अधिक है.
हाल ही में पांचवीं बार राष्ट्रपति बने पुतिन ने कहा था कि नेटो देशों पर हमले की उनकी कोई मंशा नहीं है. लेकिन इस्टोनिया के पीएम काजा कलासा जैसे नेताओं का कहना है कि रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.
फ़रवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले से पहले रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने हमले की पश्चिमी देशों की चेतावनी को "प्रोपेगैंडा" और "पश्चिम की अतिशयोक्ति" करार दिया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


















