दिल्ली से दोगुना बड़ा ये विशाल हिमखंड 30 साल बाद अपनी जगह से खिसक रहा है, क्या कोई ख़तरा है?

इमेज स्रोत, DAVID VAUGHAN
- Author, जोनाथन एमोस
- पदनाम, बीबीसी विज्ञान संवाददाता
दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड क़रीब 30 साल समुद्र तल में अटके रहने के बाद फिर एक बार आगे बढ़ रहा है.
यह 4,000 वर्ग किलोमीटर के आकार का एक हिमखंड है जिसे ए23ए नाम दिया गया है.
इसकी विशालता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह ग्रेटर लंदन और दिल्ली जैसे शहरों के आकार के दोगुने से भी बड़ा है.
1986 में यह अंटार्कटिका के समुद्रतट से टूटा था, लेकिन वहीं वेडेला सागर की तलहटी से टकराकर रुक गया था और एक बर्फीला द्वीप बन गया था.

पिछले साल यह ऊपर उठना शुरू हुआ था और अब यह हिमखंड अंटार्कटिका से बाहर निकलने वाला है.
ए23ए की विशालता का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि यह 400 मीटर मोटा भी है.
इसकी तुलना अगर लंदन स्थित यूरोप की सबसे बड़ी गगनचुंबी इमारत लंदन शार्ड से करें तो उसकी ऊंचाई भी महज 310 मीटर है.
वहीं न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की ऊंचाई 443 मीटर है.

इमेज स्रोत, CPL PHIL DYE RAF / CROWN COPYRIGH
ए23ए हिमखंड अंटार्कटिका के विशालकाय 'फ़िल्चनर आइस शेल्फ़' का हिस्सा था.
जब यह हिमखंड 'फ़िल्चनर आइस शेल्फ़' से अलग हुआ था तब यहां पर एक सोवियत रिसर्च स्टेशन था. ये दिखाता है कि ये कितना पहले अलग हुआ था.

तब मॉस्को ने द्रुझनाया-1 बेस से उपकरणों को हटाने के लिए एक अभियान भेजा था ताकि वे गुम न हो जाएं.
लेकिन यह चपटा हिमखंड 'फ़िल्चनर आइस शेल्फ़' से टूटने के बाद तट से बहुत दूर नहीं गया और इसका निचला हिस्सा वेडेल सागर की तलहटी से जा लगा.
आख़िर 40 साल बाद ए23ए ने अब तैरना शुरू क्यों किया?
ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे से जुड़े रिमोट सेंसिंग एक्पर्ट डॉ. एंड्र्यू ने कहा, “इस बारे में मैंने कई सहकर्मियों से पूछा. संभव है कि शेल्फ़ के पानी के तापमान में कोई बदलाव आया हो उसकी वजह से ये तैरना शुरू किया हो, लेकिन आम सहमति यही थी कि इसका समय आ गया था.”
"यह 1986 से ही वहां रुका हुआ था लेकिन साथ ही यह पिघल भी रहा था जिसकी वजह से आखिरकार तलहटी से इस हिमखंड की पकड़ ढीली हुई और ये तैरने लगा. मैंने इसकी गति को 2020 में ही देख लिया था."

ए23ए हिमखंड ने हाल के महीनों में हवाओं और समुद्री लहरों की वजह से गति पकड़ना शुरू किया और अब यह अंटार्कटिका प्रायद्वीप के उत्तरी छोर से होकर गुज़र रहा है.
वेडेल सेक्टर के अधिकांश हिमखंडों की तरह ही ए23ए भी निश्चित तौर पर अंटार्कटिका सर्कमपोलर करेंट में जाकर मिल जाएगा, जोकि उसे दक्षिणी अलटांलिक की ओर धकेलेगा एक ऐसे रास्ते पर धकेलेगा जिसे ‘आइसबर्ग एले’ (हिमखंड मार्ग) के रूप में जाना जाता है.
यह वही धारा की गति और पछुआ हवाएं हैं जिनका इस्तेमाल प्रसिद्ध खोजकर्ता सर अर्नेस्ट शैक्लेटन ने अपने डूबते जहाज से बच निकलने के लिए किया था.
उनका जहाज एंड्यूरेंस समुद्री बर्फ़ से टकराने के कारण डूब गया था.
शैक्लेटन अपने लाइफ़बोट के सहारे साउथ जॉर्जिया की ओर जाने की कोशिश की.
इस द्वीप पर आपको किनारे बहुत सारे चपटे हिमखंड ठहरे हुए दिख जाएंगे.
क्या कोई ख़तरा है?

ब्लॉक कील का मतलब है कि इनमें ब्रिटिश ओवरसीज टेरेटरी के उथले महाद्वीपीय शेल्फ़ में जुड़ने की प्रवृत्ति है.
हालांकि सभी हिमखंड, ख़ासकर बड़े, पिघल कर ख़त्म हो जाते हैं. वैज्ञानिक ए23ए की स्थिति पर क़रीबी से नज़र बनाए होंगे.
अगर यह हिमखंड साउथ जॉर्जिया में रुकता है, तो यह लाखों सील, पेंग्विन और अन्य समुद्री पक्षियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है, जो इस द्वीप पर प्रजनन करते हैं.
ए23ए इतना विशाल है कि यह समुद्री जीवों के भोजन के सामान्य रास्तों को बाधित कर सकता है.
लेकिन हिमखंड को ख़तरा मानना ग़लत होगा. व्यापक पर्यावरण के लिए उनकी अहमियत को अब अधिक स्वीकार्यता मिलने लगी है.
जब ये हिमखंड पिघलते हैं तो ये अपने अंदर समाहित मिनरल्स को भी मुक्त करते हैं जिन्हें वो अंटार्कटिका की तलहटी में ग्लेशियर के साथ अपने अंदर समेटे रहते हैं.
ये मिनरल उन जीवों के लिए पोषक तत्व होते हैं, जो समुद्री भोजन शृंखला का आधार बनाते हैं.
वुड्स होल ओशिएनोग्राफ़िक इंस्टीट्यूशन से जुड़ी कैथरीन वाकर का जन्म उसी साल हुआ था जब ए23ए अलग हुआ था.
वो कहती हैं, “कई तरह से ये हिमखंड जीवनदायी होते हैं, वे बहुत सारी जैविक गतिविधियों के जन्मदाता होते हैं. इसी से मैं इसको पहचानती हूं, ये मेरे लिए ख़ास मायने रखता है.”
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


















