मणिशंकर अय्यर की बेटी ने अयोध्या पर की थी टिप्पणी, आरडब्ल्यूए ने जंगपुरा में घर छोड़ने को कहा

सुरन्या अय्यर और मणिशंकर अय्यर

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी सुरन्या अय्यर ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी थी.

19 जनवरी को की गई इस पोस्ट में सुरन्या ने श्रीराम मंदिर कार्यक्रम के वक़्त तीन दिन का उपवास रखने की बात भी कही थी.

दिल्ली के जंगपुरा की जिस सोसाइटी में मणिशंकर अय्यर का घर है, अब वहाँ की रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन यानी आरडबल्यूए इस बात से ख़फ़ा हो गया.

आरडबल्यूए ने अय्यर और उनकी बेटी से माफ़ी मांगने के लिए कहा है.

अय्यर को भेजे नोटिस में कहा गया है, ''अगर श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर किया विरोध आपको सही लगता है तो हम आपसे कहेंगे कि दूसरी कॉलोनी में शिफ्ट हो जाएं.''

अय्यर से बेटी सुरन्या की कही बातों की निंदा करने के लिए कहा गया है.

आरडबल्यूए की ऐसी प्रतिक्रिया का बीजेपी ने समर्थन किया है.

बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा है कि ये सभी के लिए संदेश है.

सुरन्या अय्यर ने अपनी नई पोस्ट में लिखा, ''मैं एक राजनीतिक परिवार से आती हूँ. इसलिए मुझे पता है कि राजनीति हमारे लिए बहुत गंभीर है. यह न केवल विचारधारा या सोच का सवाल है बल्कि भावनाओं और संवेदनाओं का भी है. चाहे आप राजनीतिक मान्यताओं के किसी भी पक्ष से हों.''

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सुरन्या अय्यर

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अय्यर की बेटी ने क्या कहा था?

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सुरन्या अय्यर पेशे से वकील हैं और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं.

इस विवाद के सामने आने के बाद सुरन्या ने टेलीग्राफ अख़बार से कहा, ''मैं उस घर में नहीं रहती हूँ. न मैं उसकी मालिक हूँ और न किराएदार. मुझे ऐसी कोई चिट्ठी नहीं मिली है और मैंने सिर्फ़ रिपोर्टर्स से इस बारे में सुना है.''

सुरन्या की जिस पोस्ट पर आपत्ति जताई जा रही है, वो 22 जनवरी के अयोध्या कार्यक्रम से जुड़ी हुई है.

सुरन्या ने 19 जनवरी को फ़ेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर कहा था, ''अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम से पहले दिल्ली का माहौल, जो पहले से ही प्रदूषित है, अब आध्यात्मिक रूप से ज़हरीला, हिंदू अंधराष्ट्रवाद, द्वेष, बदमाशी के साथ और ज़्यादा दूषित हुआ है. एक भारतीय और हिंदू होने के नाते मैं बहुत व्यथित हूँ. काफ़ी सोचने के बाद मैंने फ़ैसला किया है कि मैं 20 से 23 जनवरी तक अयोध्या में कार्यक्रम ख़त्म होने तक उपवास पर रहूंगी.''

सुरन्या ने कहा था, ''मैं ये उपवास सबसे पहले और महत्वपूर्ण रूप से भारत के अपने साथी मुसलमान नागरिकों के प्रति अपने प्यार और दुख के इज़हार के रूप में कर रही हूँ. मैं इस पल में ज़ोर शोर से ये कहे बिना नहीं रह सकती हूं कि मुसलमान भाइयों और बहनों, मुझे आपसे प्रेम है और हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर जो अयोध्या में हो रहा है, मैं उसकी निंदा और ख़ारिज करती हूँ.''

सुरन्या ने अपने वीडियो में मणिपुर का भी ज़िक्र किया था. सुरन्या ने कहा था, ''जब पुरानी दुश्मनी को भड़काया जाता है, तब क्या होता है ये मणिपुर में देखिए.''

उन्होंने कहा, ''कुछ मस्जिदों को नष्ट करने की ख़ातिर गहरी और स्थायी सामाजिक अशांति फैलाने का कोई मतलब नहीं है. ये कभी ख़त्म नहीं होगा. आपने सुना कि कर्नाटक में बीजेपी सांसद ने मस्जिद ढहाने की बात कही. मंदिर और मस्जिद पर लड़ने की बजाय हम ये क्यों नहीं कह सकते कि हमारे पास करने के लिए बेहतर चीज़ें हैं.''

सुरन्या ने कहा, ''अगर इस मंदिर को बनाने में बदला लेने की भावना थी तो हिंदू धर्म में ये कैसे उचित है? अयोध्या में जो हो रहा है, वो झूठ का उत्सव और हिंदू धर्म का अपमान है. मैं इसके विरोध और दुख के तौर पर उपवास रख रही हूँ.''

मणिशंकर अय्यर

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आरडब्ल्यूए ने क्या कहा?

जंगपुरा की जिस वेल्यफेयर सोसाइटी ने विरोध जताया है, उन्होंने अय्यर और उनकी बेटी को भेजे नोटिस में आपत्ति जताई है.

नोटिस में कहा गया है, ''आपकी ओर से हेट स्पीच और तीन दिन के उपवास रखने की बात की गई. वो भी ऐसी शांतिप्रिय सोसाइटी में जहाँ रहने वाले ज़्यादातर लोग बँटवारे के दौरान पाकिस्तान में अपना सब कुछ गँवाने के बाद आकर बसे थे. ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.''

आरडब्ल्यू सोसाइटी के प्रेजिडेंट कपिल कक्कड़ ने कहा, ''मणि शंकर अय्यर साहब मैं आपसे कहूंगा कि आप अपनी बेटी सुरन्या की हरकत की निंदा करें. ये सही क़दम होगा. जैसा कि पहले बताया गया कि जो बात कही गई वो सोसाइटी या कॉलोनी के लिए सही नहीं थी.''

इस नोटिस में कहा गया, ''अगर आपको अब भी लगता है कि राम मंदिर के ख़िलाफ़ किया विरोध सही है तो हम आपसे कहेंगे कि आप किसी दूसरी कॉलोनी में चले जाएं. जहाँ सोसाइटी के लोग ऐसी नफ़रत पर आंख मूंदें रहें.''

कई मीडिया संस्थानों ने मणि शंकर अय्यर से संपर्क करने की कोशिश की मगर बात नहीं हो पाई.

आरडब्ल्यूए के नोटिस में जो पता लिखा है, वो अय्यर के 2014 चुनाव के हलफ़नामे में उनकी संपत्ति के तौर पर दर्ज है.

कक्कड़ ने टेलीग्राफ अख़बार से कहा कि रजिस्टर्ड पोस्ट के ज़रिए ये नोटिस भेजा गया है.

उन्होंने कहा, ''हमारी जानकारी के मुताबिक अय्यर परिवार इसी पते पर रहता है. हमने उनसे माफ़ी मांगने के लिए कहा है. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो हमने उनसे गुज़ारिश की है कि वो ऐसी किसी जगह चले जाएं जहाँ ऐसी नफ़रत बर्दाश्त की जा सके. हमने जो भेजा वो ख़ाली करने का नोटिस नहीं है बल्कि एक गुज़ारिश है.''

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विवाद सामने आने के बाद सुरन्या क्या बोलीं?

सुरन्या ने इस विवाद के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी है.

सुरन्या बोलीं, ''मैंने फ़ैसला किया है कि मैं मीडिया से बात नहीं करूंगी क्योंकि इस वक़्त भारत का मीडिया सिर्फ नफ़रत और असमंजस फैला रहा है. आप सब मुझे जानते हैं. मैंने पढ़ाई की है, काम किया है और सभी राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के साथ सालों तक काम किया है. मैं अपना काम यहां सोशल मीडिया पर छोड़ देती हूं ताकि आप अपने बारे में सोच सकें.''

कुछ दिन पहले मणिशंकर अय्यर की दूसरी बेटी यामिनी अय्यर की चर्चा में रही थीं.

यामिनी थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च की प्रमुख हैं. हाल ही में इस संस्था का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया था.

ऐसा होने पर संस्था को विदेशों से मिलने वाले फंड पर रोक लग गई थी.

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन क़ानून यानी एफसीआरए के तहत लाइसेंस पाने के बाद ही कोई संस्था या व्यक्ति विदेशों से आर्थिक मदद ले सकते हैं.

मणिशंकर अय्यर पीएम मोदी के आलोचक रहे हैं और पीएम मोदी पर दिए उनके कुछ बयान काफी चर्चा में रहे थे.

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