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राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर सवालों के बीच बाइडन बोले- सिर्फ़ ईश्वर ही मुझे मना सकते हैं
- Author, माइक वेंडलिंग और मैक्स मात्ज़ा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने फिर कहा है कि वह इस पद की उम्मीदवारी के लिए फिट हैं.
बाइडन ने उन लोगों को जवाब दिया है जो दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की उनकी क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं.
बाइडन ने कहा है कि अब सिर्फ ‘ईश्वर’ ही उन्हें दोबारा राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल न होने के लिए मना सकता है. बाइडन ने एक इंटरव्यू में अपनी उम्मीदवारी को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से जताई जा रही चिंताओं को शांत करने की कोशिश की है.
शुक्रवार को एबीसी न्यूज़ से बात करते हुए बाइडन ने कॉग्निटिव टेस्ट देने और इसका रिज़ल्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.
बाइडन से ये मांग की जा रही है कि वो ये साबित करें कि वह एक और कार्यकाल के लिए बिल्कुल फिट हैं.
एबीसी के लिए इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार जॉर्ज स्टीफनोपॉलस ने जब कॉग्निटिव टेस्ट के बारे में पूछा तो बाइडन ने जवाब दिया, "मैं हर दिन कॉग्निटिव टेस्ट देता हूं. हर चीज़ जो मैं करता हूं वो टेस्ट ही है.’’
81 साल के बाइडन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और पार्टी डोनर्स के उन विचारों को एक बार फिर खारिज किया है कि उन्हें दोबारा राष्ट्रपति पद की दावेदारी छोड़ देनी चाहिए.
पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिबेट में खराब प्रदर्शन के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने ये कहना शुरू कर दिया कि बाइडन को अब किसी युवा उम्मीदवार के लिए रास्ता छोड़ देना चाहिए.
'राष्ट्रपति पद के लिए मुझसे ज़्यादा कोई काबिल नहीं'
बाइडन के साथ पूरे इंटरव्यू में स्टीफनोपॉलस ये पूछते रहे कि क्या दोबारा राष्ट्रपति पद का दायित्व निभाने में वो सक्षम हैं. क्या वो ये मानते हैं कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वो जीत नहीं पाएंगे.
लेकिन बाडडन ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति पद के लिए कोई मुझसे ज़्यादा काबिल है या कोई इस रेस में उन्हें हरा सकता है.''
उन्होंने पिछले सप्ताह ट्रंप के साथ डिबेट में अपने ख़राब प्रदर्शन को थकान और ’बेहद बुरे ज़ुकाम’ का नतीजा बताया.
अपने 22 मिनट के इंटरव्यू में बाइडन ने डेमोक्रेटिक समर्थकों के इस डर को ख़त्म करने की कोशिश की कि डिबेट के बाद वो ट्रंप से बाज़ी हार चुके हैं.
बाइडन ने कहा कि उनकी चुनाव विशेषज्ञों से बात हुई और उनका मानना है कि अभी ये कहना मुश्किल है कि कौन भारी पड़ रहा है.
बाइडन ने उन सुझावों को भी खारिज किया, जिनमें उन्हें राष्ट्रपति पद की रेस से हटने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने वाला.
बाइडन से इंटरव्यू में बार-बार पूछा गया कि आखिर कौन सी चीज़ उन्हें इस रेस को छोड़ने के लिए बाध्य कर सकती है.
इस पर बाइडन ने कहा, ''अब अगर ईश्वर ही नीचे आकर कहें कि जो इस रेस से निकल जाओ तभी मैं बाहर आऊंगा और ईश्वर तो नीचे आएंगे नहीं.''
इंटरव्यू में बाइडन ने प्रेसिडेंशियल डिबेट की तुलना में सवालों के ज्यादा स्पष्ट जवाब दिए. लेकिन उनकी आवाज़ एक बार फिर कमज़ोर लग रही थी. बीच-बीच में ये कर्कश भी हो जाती थी.
उनका ये रुख़ शुक्रवार को हुई मेडिसन, विस्कॉन्सिन की रैली से बिल्कुल अलग था, जिसमें वो ऊर्जा से भरे दिखे थे और माना था कि पिछले सप्ताह की सीएनएन डिबेट में उनका प्रदर्शन काफी ख़राब था.
उस समय उन्होंने कहा था., '' तब से (पिछले डिबेट से) काफी अटकलबाज़ियां चल रही हैं. आख़िर जो अब क्या करने जा रहे हैं. तो मेरा जवाब यही है कि मैं राष्ट्रपति पद के लिए लड़ रहा हूं और मैं जीत कर रहूंगा.''
इस एलान के दौरान समर्थक बाइडन के समर्थन में नारे लगा रहे थे और उनका जोश बढ़ा रहे थे.
बाइडन का ये इंटरव्यू और उनकी रैली का समय ऐसा है जब डेमोक्रेटिक पार्ट के डोनर्स और सहयोगी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि उनका साथ दिया जाए या किसी और उम्मीदवार को आगे बढ़ाया जाए.
डिबेट में खराब प्रदर्शन के बाद वापसी की कोशिश
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ अगले कुछ दिन बाइडन के चुनाव अभियान के लिए ‘करो या मरो’ जैसे हो सकते हैं. आने वाले दिनों में बाइडन को डिबेट में खराब प्रदर्शन की वजह से अपनी खोई ज़मीन वापस पाने की कोशिश करनी होगी.
शुक्रवार की रैली में बाइडन एक वोटर के पास से जो गुज़रे जो एक पोस्टर लिए हुए थे. पोस्टर पर लिखा था- ‘मशाल किसी और को दे दो जो’. वहीं रैली स्थल के बाहर दूसरे वोटर के हाथ में जो पोस्टर था, उसपर लिखा था, "अपनी विरासत बचाओ, रेस छोड़ दो."
बाइडन ने रैली में कहा, ''मैं इधर कुछ स्टोरीज़ देख रहा हूं कि मैं बहुत बूढ़ा हूं.''
उन्होंने कहा, ''क्या मैं इतना बूढ़ा हूं कि डेढ़ करोड़ नौकरियां पैदा कर दी. क्या इतना बूढ़ा हूं कि पचास लाख अमेरीकियों का स्टूडेंट लोन खत्म कर दिया?’’
''क्या मैं इतना बूढ़ा हूं कि डोनाल्ड ट्रंप को हरा ना सकूं.''
उन्होंने ट्रंप के आपराधिक मुक़दमे में दोषी करार दिए जाने और उनपर लगे दूसरे आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि वह ''वन मैन क्राइम वेव'' हैं.
डिबेट में ख़राब प्रदर्शन के बाद बाइडन अब वापसी की कोशिश कर रहे हैं. उनकी पत्नी जिल बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस एक आक्रामक अभियान की योजना बना रहे हैं, जिसमें इस महीने हर स्विंग स्टेट की यात्रा शामिल है.
बाइडन रविवार को पेनसिल्वेनिया में एक और रैली को संबोधित करने वाले हैं. उन्होंने कमला हैरिस को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
दरअसल बाइडन के राष्ट्रपति चुनाव न लड़ने की स्थिति में कमला हैरिस को उनका विकल्प माना जा रहा है. हाल के कुछ दिनों में वो बाइडन की जगह लेने वाली सबसे मज़बूत उम्मीदवार के तौर पर उभरी हैं.
बाइडन की उम्मीदवारी को लेकर क्या सोच रहे हैं डेमोक्रेट्स
'वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइडन की सीनियर टीम को पता है कि उनके ऊपर अगले कुछ सप्ताह में डेमोक्रेटिक पार्टी के भविष्य का उम्मीदवार तय करने का दबाव है.
शुक्रवार को ऐसी ख़बरें थीं कि संसद के अल्पसंख्यक नेता हरीम जैफ्रीज बाइडन की उम्मीदवारी पर बात करने के लिए सदन के सीनियर डेमोक्रेट नेताओं के साथ रविवार को बैठक करने जा रहे हैं.
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के चार डेमोक्रेट नेताओं ने बाइडन से उम्मीदवारी की रेस से नाम वापस लेने की अपील कर दी है.
शुक्रवार को ख़बर आई कि सीनेटर मार्क वॉर्नर साथी डेमोक्रेटिक सीनेटरों के साथ एक ग्रुप बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो बाइडन से कहे कि वो रेस से हट जाएं.
'वॉशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सीएनएन डिबेट के बाद बाइडन को लेकर वॉर्नर की चिंता और बढ़ गई है.
शुक्रवार को बाइडन के सहयोगी मेसाचुसेट्स की डेमोक्रेट गवर्नर मॉरो हिली ने एक बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति इस बात का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करें कि क्या वो डेमोक्रेटिक नॉमिनी बने रहेंगे.
उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति बाइडन जो भी फैसला लें, मैं डोनाल्ड ट्रंप को हरवाने के लिए अपनी पूरी ताकत के साथ कोशिश करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.''