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'मैच का रुख़ कभी भी बदल सकता था' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आईपीएल-2 का ख़िताब अपने नाम करने के बाद डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट ने कहा कि पिछले साल की विफलता के बाद कामयाबी की ये दास्तान लिखना बेहद संषोजनक रहा. उन्होंने जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया लेकिन माना कि पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 140 से ज़्यादा का स्कोर खड़ा कर पाने से टीम को गेंदबाज़ी के दौरान आसानी हुई. उनका कहना था, "मैच का रुख़ कभी भी पलट सकता था. लेकिन शुरु में ही मनीष पांडे और फिर एक ओवर में साइमंड्स के दो विकेट ने निर्णायक भूमिका निभाई." हालाँकि गिली ने विपक्षी टीम की सराहना की और कहा, "हम बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स के जुझारुपन के कायल हैं. पिछले सीज़न में दोनों ही टीमें निचले पायदान पर रही थी लेकिन इस बार हुई ज़बर्दस्त वापसी शानदार रही." रॉयल चैलेंजर्स के कप्तान अनिल कुंबले को मैन ऑफ़ द मैच का पुरस्कार मिला लेकिन यह निर्णायक मुक़ाबले को टीम के हक़ में मोड़ने में काफ़ी साबित नहीं हुआ. उनका कहना था, "हमारे गेंदबाज़ों ने बढ़िया प्रदर्शन किया. इस पिच पर 144 रनों का लक्ष्य हासिल करना कोई मुश्किल काम नहीं था लेकिन ये नहीं हो सका." उन्होंने माना कि एक ही ओवर में रॉस टेलर और विराट कोहली के आउट होने से मैच हाथ से फ़िसल गया. कुंबले ने कहा कि अगर कोई भी दो बल्लेबाज़ विकेट पर टिकने की कोशिश करता तो परिणाम कुछ और होता. हार के बावजूद कुंबले ने इस बात पर खुशी जताई कि उनकी टीम इस बार लड़ते-लड़ते हारी. उनका कहना था, "इस हार से डॉक्टर माल्या को ज़रुर निराशा हुई होगी लेकिन जिस तरह मेरी टीम ने सेमीफ़ाइनल तक लगातार पाँच मैचों में सफलता हासिल की और जानदार प्रदर्शन किया वो सुखद रहा." |
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