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न्यूज़ीलैंड की पारी 279 पर सिमटी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हैमिल्टन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में डेनियल विटोरी और जेसी राइडर के शानदार शतकों के बावजूद न्यूज़ीलैंड की पारी 279 रनों पर सिमट गई है. इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरी है. गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने पारी की शुरुआत की. दिन का खेल ख़त्म होने तक इस जोड़ी ने सात ओवरों में 29 रन बनाए थे. इसमें सहवाग के 22 रन और गंभीर के छह रन शामिल थे. खेल की शुरुआत में भारत के तेज़ गेंदबाज़ों ने जो क़हर बरपाया उसके कारण न्यूज़ीलैंड की पारी लड़खड़ा गई थी और उसके छह खिलाड़ी आउट सिर्फ़ 60 रनों के स्कोर पर आउट हो गए थे. लेकिन बाद में डेनियल विटोरी और जेसी राइडर ने मिलकर पारी को संभाल लिया. विटोरी ने मुनाफ़ पटेल की गेंद पर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को कैच थमाने से पहले 118 रनों की शानदारी पारी खेली. उनका साथ देते हुए राइडर भी धैर्य के साथ खेलते रहे और इशांत शर्मा का शिकार होने से पहले उन्होंने टीम के लिए 102 रन जोड़ लिए थे. इशांत शर्मा ने चार विकेट लिए जबकि मुनाफ़ पटेल ने तीन और ज़हीर ख़ान ने दो विकेट लिए. हरभजन को एक विकेट मिला. टॉस भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. न्यूज़ीलैंड की पारी विटोरी और राइडर ने जब ज़िम्मेदारी संभाली तो टीम की हालत अच्छी नहीं थी और छह खिलाड़ी 60 रनों के स्कोर पर पैवेलियन लौट चुके थे. लेकिन जब विटोरी 118 रन बनाकर लौटे तो टीम एक तरह से संभल गई थी और स्कोर 246 तक पहुँच गया था.
दूसरे छोर पर राइडर जमे रहे और उन्होंने भी अपना शतक पूरा किया. उन्हें इशांत शर्मा की गेंद पर लक्ष्मण ने लपक लिया. लेकिन विटोरी के लौटने के बाद बाक़ी खिलाड़ी सिर्फ़ 33 रन ही जोड़ सके. ज़हीर ख़ान ने मार्टिन गुप्टिल को 14 के निजी स्कोर पर राहुल द्रविड़ के हाथों कैच करा दिया. साथ ही उन्होंने फ्लाइन को बिना खाता खोले ही धोनी के हाथों कैच करा दिया. इसके बाद ईशांत शर्मा ने मैंक्टिंश को सहवाग के हाथों 12 के स्कोर पर कैच आउट करवा दिया, साथ ही टायलर और फ्रैंक्लिन को चलता कर दिया. मुनाफ़ पटेल ने मैक्कुलन को तीन रनों के हाथों वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच करा दिया. इस वक्त कप्तान डेनिएल विटोरी और रायडर मैदान पर हैं. भारत ने पिछले 41 वर्षों से न्यूज़ीलैंड को उनके घर में टेस्ट श्रृंखला में नहीं हराया है. भारत ने अंतिम बार 1967-68 में मंसूर अली ख़ान पटौदी के नेतृत्व में न्यूज़ीलैंड को 3-1 से हराकर न्यूज़ीलैंड में कोई श्रृंखला जीती थी. |
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