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पोंटिंग ने लगाए गंभीर आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एडम गिलक्रिस्ट के बाद अब रिकी पोंटिंग ने भी अपनी किताब में सिडनी के विवादित टेस्ट का ज़िक्र किया है और कहा है कि एक वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी ने मामला रफ़ा-दफ़ा करने को कहा था. रिकी पोंटिंग ने अपनी नई किताब 'कैप्टेन्स डायरी 2008' में लिखा है कि विवादित सिडनी टेस्ट के दौरान एक वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी ने उन्हें फ़ोन पर कहा था कि वे भज्जी के ख़िलाफ़ नस्लभेदी टिप्पणी की शिकायत वापस ले ले. पोंटिंग की किताब के कुछ अंश 'द ऑस्ट्रेलियन' अख़बार में छपे हैं. एंड्रयू साइमंड्स ने भी अपनी किताब में भज्जी-साइमंड्स विवाद का ज़िक्र किया था और लिखा था कि सचिन इस मामले पर अपने बयान से पलट गए थे. इसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. अब रिकी पोंटिंग ने भी इस विवाद का ज़िक्र किया है. पोंटिंग ने लिखा है- जिस दिन हमने भज्जी के ख़िलाफ़ शिकायत की थी, उसी दिन रात को मेरी भारतीय क्रिकेट टीम के एक वरिष्ठ सदस्य से फ़ोन पर बात हुई थी. जिसने मुझे सीधे-सीधे भज्जी के ख़िलाफ़ शिकायत वापस लेने को कहा था. आरोप हरभजन सिंह पर आरोप लगा था कि सिडनी टेस्ट के दौरान उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लभेदी टिप्पणी की है. बाद में इस मामले पर काफ़ी विवाद बढ़ा. पहले हरभजन पर पाबंदी लगी और फिर अपील के बाद पाबंदी वापस ले ली गई. रिकी पोंटिंग ने अपनी किताब में उस वरिष्ठ भारतीय क्रिकेटर का नाम नहीं लिया है लेकिन इतना ज़रूर लिखा है कि उस क्रिकेटर ने यह बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी कि इस मामले से कुछ हासिल नहीं होगा और लंबी क़ानूनी लड़ाई होगी. पोंटिंग ने अपनी किताब में लिखा है- मैंने कहा कि हमें इस मुद्दे पर चुप रहने की आवश्यकता क्यों हैं? तो इस पर उस खिलाड़ी ने जो भी जवाब दिया उसका हरभजन के दोषी होने या निर्दोष होने से कोई ताल्लुक नहीं था. यह खिलाड़ी इस बात को लेकर ज़्यादा चिंतित था कि घटनाक्रम कैसे बदलने जा रहे हैं और इस मामले को आगे ले जाना शायद बेकार हो और क़ानूनी लड़ाई भी लंबी हो. पोंटिंग का आरोप है कि एक बार जब उन्होंने फ़ोन पर हुई बातचीत की अनदेखी की, उसके बाद भारतीय कैंप में गतिविधि तेज़ हो गई और आरोप को कम करने की कोशिश होने लगी. धमकी भारतीय टीम ने इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया का दौरा रद्द करने की धमकी तक दे डाली थी. रिकी पोंटिंग ने अपनी किताब में लिखा है कि वे इस बात को लेकर प्रतिबद्ध थे कि न्याय होना चाहिए लेकिन फ़ोन वाली घटना के बाद उनकी ये उम्मीद कम हुई थी.
पोंटिंग ने आगे लिखा है- भारतीय क्रिकेट के लिए यह अच्छा नहीं दिखता कि उनका एक वरिष्ठ खिलाड़ी नस्लभेदी टिप्पणी के लिए दोषी ठहराया जाता. जिस समय भारतीय अधिकारियों को ये पता चला कि हम इस मामले में कोई ढील देने को तैयार नहीं, उसी समय से वे यह निश्चित करने की कोशिश करने लगे कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था. पोंटिंग को इस बात पर भी अफ़सोस है कि इस विवाद के कारण सिडनी टेस्ट के दौरान उनकी टीम ने लगातार 16 टेस्ट जीत के रिकॉर्ड की बराबरी की चमक फीकी पड़ गई. रिकी पोंटिंग ने तत्कालीन भारतीय कप्तान अनिल कुंबले के उस बयान को भी ख़ारिज किया है जिसमें कुंबले ने कहा था कि सिडनी टेस्ट के दौरान एक ही टीम ने खेल भावना दिखाई. सिडनी टेस्ट के दौरान भज्जी विवाद के अलावा अंपायरिंग को लेकर भी काफ़ी बवाल मचा था. |
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