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'सीनियर्स पर अपनी ही उम्मीदों का दबाव' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय एक दिवसीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी अपनी ही ऊँची उम्मीदों की वजह से दबाव बना लेते हैं. धोनी ने कहा कि ये दबाव प्रशंसकों की उम्मीदों और खेल विशेषज्ञों की पैनी नज़रों से ज़्यादा अपनी उम्मीदों के कारण होता है जिससे वे मैदान पर आते ही दबाव में आ जाते हैं. एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में धोनी ने कहा कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के पास टीम को देने के लिए बहुत कुछ है. उन्होंने कहा कि इन चारों खिलाड़ियों की सम्मानपूर्वक विदाई होनी चाहिए वो भी जब वे संन्यास लेना चाहें. दबाव धोनी ने कहा, "उन पर बहुत ज़्यादा दबाव इसलिए रहता है क्योंकि उनके प्रदर्शन का स्तर ही ऐसा है. उन्होंने अपने प्रदर्शन से ऐसे मानदंड स्थापित किए हैं जो हमेशा से ऊँचा रहा है. इसलिए उन पर दबाब ख़ुद उनके अंदर से ही आता है." भारतीय वनडे टीम के कप्तान ने कहा कि अभी इन चारों खिलाड़ियों को ख़ारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि उनके पास देने के लिए बहुत कुछ है. लेकिन धोनी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इन सबके बीच भविष्य के लिए भी तैयारी करनी पड़ती है. उन्होंने टेस्ट टीम में वरिष्ठ खिलाड़ियों को जगह दिए जाने के फ़ैसले का स्वागत किया. इस ख़ास इंटरव्यू में धोनी ने कहा, "क्या हमारे पास कोई विकल्प है? यह ज़रूर है कि हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं लेकिन सिर्फ़ प्रतिभा ही सब कुछ नहीं होती. आपकी तैयारी और समय के हिसाब से प्रदर्शन करना ज़्यादा मायने रखता है." ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ के बारे में धोनी ने कहा कि भारतीय टीम ने इसके लिए अच्छी तैयारी की है. |
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