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फ़ेडरर और नडाल के बीच ख़िताबी जंग | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विंबलडन में रविवार को पुरुषों के फ़ाइनल मुक़ाबले में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फ़ेडरर और रफ़ाएल नडाल की ख़िताबी जंग होने वाली है. ये लगातार तीसरा साल है जब दोनों खिलाड़ी विंबलडन में फ़ाइनल के लिए एक दूसरे के आमने-सामने हैं. पिछले दो वर्षों से विंबलडन के ख़िताबी मुक़ाबले में रोजर फ़ेडरर नडाल को हरा रहे हैं और अगर उन्हें लगातार छठी बार पुरुषों के विंबलडन फ़ाइनल पर कब्ज़ा जमाना है तो एक बार फिर रफ़ाएल नडाल को हराना होगा. लेकिन इस बार का मुक़ाबला बेहद तगड़ा होने की उम्मीद है. विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर नडाल उन्हें ज़बरदस्त चुनौती दे सकते हैं क्योंकि पिछले दिनों उन्होंने 'ग्रास कोर्ट' यानी घास पर अपने खेल में काफ़ी सुधार किया है. वैसे भी पिछले महीने ही नडाल ने 'फ्रेंच ओपन' के फ़ाइनल में फ़ेडरर को हराकर ख़िताब जीता था और इस जीत के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है. तगड़ा होगा मुक़ाबला ये मुक़ाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है लेकिन मैच में मौसम कुछ मुश्किल ज़रूर खड़ी कर सकता है. मौसम विभाग ने रविवार को बारिश की चेतावनी दी है.
फ़ेडरर इस फ़ाइनल को लेकर काफ़ी रोमांचित हैं. उन्होंने कहा, "फ़्रेंच ओपन का फ़ाइनल मेरे ज़हन में कहीं नहीं है. वो मुक़ाबला मायूस करने वाला था, लेकिन ऐसा होता है. उस हार ने मेरे जोश को और बढ़ा दिया है और मैं मैच में वापसी करूँगा." उनका कहना था, "वो बेसलाइन के इतना क़रीब खेलते हैं कि मुझे अपने पिछले दोनों विंबलडन फ़ाइनलों से अनुभव लेना होगा." वहीं अपनी हाल की क़ामयाबी के बाद स्पेन के रफ़ाएल नडाल भी काफ़ी उत्साहित हैं. नडाल का कहना था, "मुझे लगता है 'रोला गैरों' और 'विंबलडन' दोनों बिल्कुल अलग ही कोर्ट हैं. मैं चाहूँगा कि मैच मैं ही जीतूँ." फ़ेडरर का पलड़ा भारी वैसे फ़ेडरर के लिए ये साल अच्छा नहीं रहा है. पिछला सीज़न ख़त्म होते-होते वो बीमार हो गए थे जिसके बाद वो जनवरी में नोवाक जोकोविक के हाथों ऑस्ट्रेलियन ओपन का फ़ाइनल हार गए थे.
इस साल अब तक उनकी झोली में दो छोटे ख़िताब ही आ सके हैं. लेकिन रोजर फ़ेडरर इस बार विंबलडन का ख़िताब जीतकर टेनिस के महान खिलाड़ी ब्योर्न बोर्ग का रिकॉर्ड तोड़ने से एक क़दम दूर हैं. बोर्ग ने लगातार पाँच बार विंबलडन का ख़िताब जीता था. फ़ेडरर ने पिछले साल ही बोर्ग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी. दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड पर अगर नज़र डाली जाए तो रोजर फ़ेडरर का पलड़ा भारी नज़र आता है. फ़ेडरर पाँच बार विंबलडन ख़िताब जीत चुके हैं जबकि नडाल ने अब तक एक बार भी विंबलडन नहीं जीता है. फ़ेडरर और नडाल के बीच जितने भी मुक़ाबले हुए हैं उनमें नडाल ने 11 और फ़ेडरर ने छह जीते हैं. नडाल ने फ़ेडरर को लाल बजरी पर दस मुक़ाबलों में से 9 में हराया है लेकिन वो फ़ेडरर से ग्रास कोर्ट पर हुए दोनों मुक़ाबले हार चुके हैं. 2002 के बाद फ़ेडरर ने ग्रास कोर्ट पर 65 सीधे मुक़ाबले जीते हैं. |
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