|
भारत ने चौथे वनडे के साथ सिरीज़ जीती | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सचिन की शानदार पारी और फिर धोनी और युवराज की अच्छी साझेदारी की बदौलत भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चौथा एकदिवसीय मैच छह विकेट से जीत लिया है. इसके साथ ही भारत ने पाँच मैचों की सिरीज़ भी जीत ली है और चार मैचों के बाद वह 3-1 से आगे हो गया है. भारत ने अपनी ज़मीन पर 1983 के बाद यानी 24 साल बाद पाकिस्तान से सिरीज़ जीती है. ग्वालियर में खेले गए मैच में सचिन एक बार फिर 'नर्वस नाइटीज़' के शिकार हो गए और 97 रन पर आउट हो गए. हालांकि 'मैन ऑफ़ द मैच' का ख़िताब सचिन ने ही जीता. युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अच्छी साझेदारी निभाते हुए भारत को जीत दिलवाई. ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने मोहम्मद यूसुफ़ के नाबाद 99 रन और यूनुस ख़ान (68 रन) के अर्द्धशतक की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए थे. लय में सचिन सचिन तेंदुलकर को आज भारतीय टीम के लिए खेलना शुरु किए ठीक 18 साल हो गए. उन्होंने 15 नवंबर, 1989 को अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था. गुरुवार को भी वे शुरू से ही ज़बरदस्त लय में दिखे. उन्होंने कई शानदार स्ट्रोक लगाए पर एक बार फिर नर्वस नाइंटीज के शिकार हो गए. उन्हें 97 रन पर 30 वें ओवर की पहली गेंद पर उमर गुल ने बोल्ड कर दिया. सचिन ने अपनी इस पारी में 16 चौके लगाए.
इस साल यह छठाँ मौक़ा था जब सचिन 90 रनों से ज़्यादा स्कोर बनाने के बाद भी शतक से चूक गए. सहवाग भी लंबे समय बाद अच्छे फॉर्म में दिखे और उन्होंने अफ़रीदी की गेंद पर छक्का मारकर भारत के स्कोर को 100 रन के पार पहुंचाया था. सहवाग 43 रन बनाकर शोएब मलिक की थ्रो पर दुर्भाग्यशाली तरीक़े से रन आउट हो गए. 256 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम की शुरुआत ख़राब रही और उसके दो विकेट जल्दी-जल्दी गिर गए थे. भारत को तीसरे ओवर में ही पहला झटका लगा. सचिन के साथ पारी की शरुआत करने आए सौरभ गांगुली 5 रन बनाकर शोएब अख़्तर की गेंद पर यूनुस ख़ान को कैच दे बैठे. इसके बाद बल्लेबाज़ी करने आए गौतम गंभीर के ज़बरदस्त फॉर्म से काफ़ी उम्मीदें थीं लेकिन उन्होंने निराश किया और सिर्फ़ 4 रन बनाकर नौवें ओवर में इफ़्तिख़ार अंजुम की गेंद पर सोहेल तनवीर को कैच दे बैठे. उस समय भारत का स्कोर 48 रन था. भारतीय पारी को युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जीत तक पहुँचाया. युवराज सिंह ने 53 रन बनाए और धोनी ने 45 और दोनों ही आख़िरी तक खेलते रहे. युवराज ने अपना 33 वाँ अर्धशतक पूरा किया. धोनी ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलवाई, तब भारत के पास खेलने के लिए 21 गेंदें बची हुई थीं. पाकिस्तान की पारी ग्वालियर में खेले जा रहे इस मैच में पाकिस्तान टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने उतरा और उसका पहला विकेट टीम के खाता खुलने से पहले ही गिर गया. मैच के पहले ही ओवर में आरपी सिंह की दूसरी ही गेंद पर सलमान बट एलबीडब्ल्यू हो गए. टीम को इस झटके से उबारते हुए कप्तान शोएब मलिक और यूनुस ने दूसरे विकेट के लिए 78 रनों की शानदार साझेदारी की. शोएब मलिक 31 रन बनाकर ज़हीर ख़ान की गेंद पर 20 वें ओवर में बोल्ड हो गए. इसके बाद यूनुस ने मोहम्मद यूसुफ़ के साथ मिलकर पाकिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया और दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी हुई.
यूनुस की उम्दा पारी का अंत युवराज सिंह ने किया. 30 वें ओवर की आख़िरी गेंद पर युवराज की घूमती गेंद को यूनुस ढंग से नहीं खेल सके और उन्हें ही आसान-सा कैच दे बैठे. यूनुस ने 68 रनों की पारी में पाँच चौके और एक छक्का लगाए. यूनुस के आउट होने के बाद अभी टीम के स्कोर में पाँच रन ही जुड़े थे कि शाहिद अफ़रीदी को 33 वें ओवर की पहली गेंद पर सौरभ गांगुली ने एलबीडब्ल्यू कर दिया. इसके बाद यूसुफ़ ने पाँचवें विकेट के लिए मिसबाह उल हक़ के साथ 94 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी करके पाकिस्तान के स्कोर को चुनौतीपूर्ण बनाया. मिसबाह 40 रन बनाकर 48 वें ओवर में इरफ़ान पठान की पहली गेंद पर बोल्ड हो गए. इसके बाद यूसुफ़ का साथ देने आए सोहेल तनवीर कुछ ख़ास नहीं कर पाए. तनवीर 6 रन बनाकर ज़हीर खान की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कभी नहीं से अच्छा देर सही'09 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया पाकिस्तान जीता, यूनुस बने मैच के हीरो08 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया सचिन ने कप्तानी से मना किया06 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया स्वीमिंग पूल मामले में धोनी को नोटिस06 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया एवरेस्ट पर क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड!06 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत ने आसान जीत से आगाज़ किया05 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया कोशिश श्रेष्ठता साबित करने की होगी04 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया इमरजेंसी का क्रिकेट दौरे पर असर नहीं04 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||