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'कभी नहीं से अच्छा देर सही' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान चुने जाने पर खुशी जताते हुए अनिल कुंबले ने उम्मीद जताई है कि उन्हें टीम के सभी सदस्यों का सहयोग मिलेगा. भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले कुंबले ने बंगलौर में पत्रकारों से कहा, "मुझे काफ़ी समय तक इंतज़ार करना पड़ा. लेकिन कभी नहीं से देर सही. मैं नई चुनौती के लिए तैयार हूँ." हालाँकि चयनकर्ताओं ने उन्हें सिर्फ़ पाकिस्तान के ख़िलाफ़ घरेलू टेस्ट सिरीज़ के लिए कप्तान बनाया है लेकिन स्टार लेग स्पिनर को उम्मीद है कि वो अपनी कप्तानी पारी लंबा खींचने में सफल रहेंगे. कुंबले का कहना है कि कप्तान के रूप में चयन पर उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि मीडिया में इस तरह की ख़बरें आ रही थीं. उन्होंने स्वीकार किया कि टेस्ट मैचों में कप्तानी बहुत दबाव वाला और चुनौतीपूर्ण काम है और भरोसा जताया कि वह टीम की अगुआई सफलतापूर्वक करेंगे. 118 टेस्ट मैचों में 566 विकेट झटक चुके कुंबले कहते हैं, "पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट बहुत अहम साबित होने वाला है." अनिल कुंबले वनडे मैचों से संन्यास ले चुके हैं. सितंबर में राहुल द्रविड़ के कप्तानी छोड़ने और कुछ दिनों पहले टेस्ट टीम की कप्तानी करने से सचिन तेंदुलकर के इनकार करने के बाद कुंबले को यह ज़िम्मेदारी दी गई है. हालाँकि कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने उनके चयन पर सवाल भी उठाए हैं. नवजोत सिंह सिद्धू ने इसे भारतीय क्रिकेट को पीछे की ओर ले जाना वाला क़दम बताया है. | इससे जुड़ी ख़बरें अनिल कुंबले टेस्ट टीम के कप्तान बने08 नवंबर, 2007 | खेल की दुनिया ओवल टेस्ट सदा ख़ास रहेगा: कुंबले11 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत27 मई, 2007 | खेल की दुनिया कुंबले ने 550 विकेट लेकर रिकॉर्ड बनाया27 मई, 2007 | खेल की दुनिया कुंबले की अस्वस्थता बड़ा झटका: द्रविड़22 मई, 2007 | खेल की दुनिया कुंबले ने वनडे से लिया संन्यास30 मार्च, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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