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भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने रविवार को अपने टेस्ट इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जोड़ा और बांग्लादेश को दूसरे टेस्ट में पारी और 239 रन की मात देकर अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. इससे पहले भारत ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया को ईडन गार्डन में पारी और 219 रन से हराया था. मैच में सात विकेट झटकने वाले ज़हीर ख़ान को मैन ऑफ़ द मैच के ख़िताब से नवाजा गया. दोनो टेस्ट मैचों में शतक जड़ने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. ज़हीर का जलवा ज़हीर ख़ान ने पहली पारी में 10 ओवर में 34 रन देकर पाँच विकेट लिए. हालाँकि दूसरी पारी में वे थोड़े महंगे साबित हुए और आठ ओवर में 54 रन देकर दो विकेट झटके. सपाट विकेट पर ज़हीर की शानदार गेंदबाज़ी से भारत ने बांग्लादेश को पहली पारी में 118 रन पर ढ़ेर कर फ़ॉलोऑन के लिए मजबूर किया. दूसरी पारी में भी बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों को कोई राहत नहीं मिली.
मोहम्मद अशरफ़ुल और मशरफ़ी मुर्तज़ा के हल्के-फ़ुल्के प्रतिरोध को छोड़ कोई भी बल्लेबाज़ विकेट पर डटने का साहस नहीं दिखा सका और पूरी टीम 253 रन पर आउट हो गई. ज़हीर ने मैच में कुल सात विकेट झटके, जबकि अनिल कुंबले टेस्ट में 550 विकेटों का पड़ाव हासिल करते हुए टेस्ट इतिहास के चौथे सबसे सफल गेंदबाज़ बन गए. सचिन के शिकार आखिरी दो विकेट सचिन तेंदुलकर के खाते में गए. उन्होंने आतिशी अंदाज़ में खेल रहे मुर्तजा को धोनी के हाथों कैच कराकर मेजबानों की दूसरी पारी समेट दी. मुर्तजा ने 68 गेंदों पर आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 70 रन बनाए. इससे पहले सचिन ने मोहम्मद रफ़ीक़ को पगबाधा आउट किया था. नौवें विकेट के रूप में आउट हुए रफ़ीक़ ने 11 रन बनाए. उनका विकेट 223 रन पर गिरा. बांग्लादेश ने आठवाँ विकेट 208 के स्कोर पर खोया. इस विकेट के लिए मोर्तज़ा और मोहम्मद शरीफ़ के बीच 54 रन की साझेदारी हुई. अनिल कुंबले ने शरीफ़ को अपनी ही गेंद पर कैच किया. उन्होंने 56 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 17 रन बनाए. फ़ॉलोऑन का झटका मेजबान टीम फ़ॉलोऑन के सदमे से आख़िर तक नहीं उबर सकी. पहली ही गेंद पर ज़हीर ने जावेद उमर को विकेट के पीछे कैच करा दिया. ज़हीर का जलवा जारी रहा और अगले ही ओवर में उन्होंने कप्तान हबीबुल बशर को राहुल द्रविड़ के हाथों कैच कराकर पवेलियन का रास्ता दिखाया. बशर पाँच रन ही बना सके. इसी स्कोर पर शहरयार नफ़ीस भी चलते बने. आरपी सिंह ने उन्हें महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराया.
मोहम्मद अशरफ़ुल कुछ अलग हटकर ही मैदान पर आए थे. उन्होंने मोर्चा संभालते ही ज़ोरदार स्ट्रोक्स खेलने शुरू किए. फ़ॉलोऑन के दबाव के बावजूद उन्होंने महज 26 गेंदों पर ही अपनी हाफ़ सेंचुरी पूरी की. अशरफ़ुल ने नौवें ओवर में सबसे कामयाब गेंदबाज़ ज़हीर की गेंद को एक्स्ट्रा कवर क्षेत्र में सीमा रेखा के बाहर भेजा और अगली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया. अशरफुल यहीं नहीं रुके और नए नवेले गेंदबाज़ इशांत शर्मा के एक ओवर में तीन चौके जड़े. लेकिन 67 के निजी स्कोर पर कुंबले ने उन्हें अपना शिकार बनाया. कुंबले ने अशरफ़ुल को तेंदुलकर के हाथों कैच कराया. अशरफ़ुल ने अपनी पारी में 12 चौके और दो छक्के लगाए. चायकाल से ठीक पहले रमेश पोवार ने बांग्लादेश को पाँचवां झटका दिया. उन्होंने राजिन सालेह को अपनी फ़िरकी में उलझाकर सौरव गांगुली के हाथों कैच कराया. सालेह ने 46 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से 42 रन बनाए. उन्होंने अशरफ़ुल के साथ चौथे विकेट के लिए 81 रन भी जोड़े. चायकाल के बाद पोवार ने मेजबान टीम को झकझोरा और शकीब अल हसन और ख़ालिद मसूद को भी पैविलियन का रास्ता दिखाया. बांग्लादेश की पहली पारी बांग्लादेश ने रविवार की सुबह पाँच विकेट पर 58 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ख़ासकर ज़हीर के आगे उनकी एक न चली. बांग्लादेश ने अपने शेष पाँच विकेट 60 रन के अंतराल पर गँवा दिए. ज़हीर ने रविवार की सुबह भी अपनी गेंदों की धार कुंद नहीं पड़ने दी. उन्होंने अकेले दम पर संघर्ष कर रहे शकीबुल हसन को पगबाधा आउट कर मेजबान टीम को छठा झटका दिया.
इस वक़्त टीम का स्कोर 58 रन था. शकीब ने 47 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 30 रन बनाए और बांग्लादेश की ओर से सबसे ज़्यादा रन बनाए. इसके बाद स्कोरबोर्ड ने 17 रन और जुड़े थे कि मोहम्मद शरीफ़ आउट हो गए. शरीफ़ ने 13 रन बनाए और अनिल कुंबले की गेंद पर एलबीडब्लू हो गए. शरीफ़ के बाद बल्लेबाज़ी करने आए मशरफ़ी मुर्तजा को मात्र दो रन के निज़ी स्कोर पर इशांत शर्मा ने कुंबले के हाथों कैच करा कर टेस्ट करियर की पहली सफलता हासिल की. ज़हीर ने मोहम्मद रफ़ीक़ के रूप में पारी का अपना पाँचवाँ शिकार किया. उन्होंने रफ़ीक़ को बोल्ड आउट किया. अंतिम विकेट कुंबले की झोली में गया. उन्होंने ख़ालिद मसूद को विकेट के पीछे कैच कराया. मसूद ने 64 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 25 रन बनाए. भारतीय पारी बांग्लादेश ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी करने के लिए कहा जिसके जवाब में भारतीय बल्लेबाज़ों ने रिकार्ड बल्लेबाज़ी की. भारत की ओर से शुरुआती चार बल्लेबाज़ों ने शतक लगाए और मात्र तीन विकेट पर 610 रनो का विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया. भारत की ओर से वसीम जाफर ( 138 ), दिनेश कार्तिक ( 129), कप्तान राहुल द्रविड़ (129) और सचिन तेंदुलकर ने 122 रन बनाए जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने ताबड़तोड़ 51 रनों का योगदान किया. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत विशाल स्कोर की ओर25 मई, 2007 | खेल पहला टेस्ट बराबरी पर छूटा22 मई, 2007 | खेल भारत जीता, सिरीज़ पर भी क़ब्ज़ा12 मई, 2007 | खेल जीता भारत......अंतत:10 मई, 2007 | खेल दक्षिण अफ़्रीका को भी पछाड़ा बांग्लादेश ने07 अप्रैल, 2007 | खेल बांग्लादेश के हाथों भारत की शर्मनाक हार17 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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