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बांग्लादेश के हाथों भारत की शर्मनाक हार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश जैसी कमज़ोर टीम से परास्त होने के बाद भारत के विश्व कप अभियान को झटका लगा है. अब सुपर आठ में जाने के लिए उसे कड़ी मशक्कत करनी होगी. पहले मैच में ही विश्व चैम्पियन बनने का ख़्बाव देख रही भारतीय टीम बेआबरू हुई और ऐसी कि बांग्लादेश ने पहले तो उसे 200 (191 पर) से कम पर आउट किया और फिर पाँच विकेट के नुक़सान पर ही जीत हासिल कर लिया. शनिवार को ही खेले एक अन्य मुक़ाबले में आमना-सामना था विश्व कप की रैंकिंग में चौथे नंबर की टीम पाकिस्तान और आयरलैंड के बीच. नतीज़ा आयरलैंड की तीन विकेट से अप्रत्याशित जीत. बांग्लादेश के तमीम इक़बाल ने भारतीय गेंदबाज़ों की जम कर धुनाई की. चौके लगाए, छक्के लगाए और ज़रूरत पड़ी तो एक-एक रन भी लिए. 51 रन बनाकर तमीम गए, तो मोर्चा संभाला सक़ीबुल हसन और मुशफ़िक़ुर रहीम ने. परेशान भारतीय गेंदबाज़ एक-एक विकेट के लिए तरसते रहे. सक़ीबुल 53 रन बनाकर आउट हुए.
लेकिन तब तक बांग्लादेश की टीम 192 रनों के लक्ष्य के काफ़ी क़रीब थी. मुशफ़िक़ुर रहीम ने मोर्चा संभाले रखा और बांग्लादेश को दिलाई शानदार जीत. मुनाफ़ और सहवाग को दो विकेट मिले. जबकि ज़हीर ख़ान के खाते में एक विकेट आया है. भारत ग्रुप बी में है. इस ग्रुप में भारत और बांग्लादेश के अलावा श्रीलंका और बरमूडा की टीमें है. पहले मैच में श्रीलंका ने बरमूडा को हराया था. भारत का अगला मैच बरमूडा से 19 मार्च को है जबकि उसे 23 मार्च को श्रीलंका से खेलना है. भारतीय पारी बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत की पूरी टीम 191 रन बनाकर आउट हो गई. बांग्लादेश के कम अनुभवी गेंदबाज़ों ने अनुभव का पुलिंदा लेकर मैदान पर उतरे भारत के शीर्ष खिलाड़ियों को नाको चने चबवाया. सबसे पहले आउट हुए वीरेंदर सहवाग. भारी दबाव में सौरभ गांगुली के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे सहवाग पहले तो रन आउट होते-होते बचे. लेकिन भाग्य ने उनका साथ ज़्यादा नहीं दिया.
एक ख़राब शॉट खेलने की कोशिश कर रहे सहवाग मशरफ़ मुर्तज़ा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए. उन्होंने सिर्फ़ दो रन बनाए. रॉबिन उथप्पा नंबर तीन पर आए. विश्व कप का दबाव उन पर दिख रहा था भले ही सामने बांग्लादेश की टीम थी. उथप्पा पहले घबराए, ग़लतियाँ की, पैड पर कई बार गेंद आकर लगी, बाद में एक चौका भी लगाया लेकिन ज़्यादा नहीं टिके और नौ रन बनाकर पवेलियन की ओर लौट गए. सचिन भी नाकाम दूसरे छोर पर अपने साथी खिलाड़ियों को बिछड़ता देख रहे सौरभ गांगुली का साथ देने जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पहुँचे, तो लगा अनुभव का कमाल दिखेगा.
लेकिन कमाल तो नहीं दिखा, हाँ दबाव में सचिन भी झुकते नज़र आए. गेंदों को छोड़ना शुरू किया, लेकिन भारी दबाव दिखा. ख़ैर चौका लगाकर भरोसा लौटा और लगा सौरभ का साथ निभाकर सचिन भारत को मुसीबत से निकालेंगे. लेकिन एक गेंद पर चकमा खा गए. गेंद उनके बल्ले से लगी, पैड से टकराई और विकेटकीपर की ओर गई और सचिन कैच आउट हो गए. कप्तान द्रविड़ जब पिच पर आए तो विश्वास से भरे नज़र आ रहे थे. अच्छे शॉट लगाए लेकिन एक ग़लती और वो भी वापस पवेलियन में लौटे. उस समय भारत का स्कोर था चार विकेट पर 72 रन. लेकिन उसके बाद सौरभ गांगुली और युवराज सिंह ने अच्छी साझेदारी की और ये दिखाया कि संयम से खेलें तो विपरीत परिस्थिति में भी रन बनाए जा सकते हैं. गांगुली ने अपना अर्धशतक पूरा किया. लेकिन युवराज 47 रन पर आउट हो गए और 85 रनों की साझेदारी टूट गई. उनके आउट होने के बाद सौरभ भी जल्द ही आउट हो गए. उन्होंने 66 रन बनाए. इसके बाद एक बार फिर भारतीय पारी लड़खड़ा गई. धोनी, हरभजन सिंह और अजित अगरकर खाता खोले बिना ही आउट हो गए. लेकिन आख़िरी विकेट के लिए 32 रन जोड़े ज़हीर ख़ान और मुनाफ़ पटेल ने. भारतीय पारी 49.3 ओवर में 191 रन बनाकर आउट हो गई. बांग्लादेश की ओर से मशरफ़ मुर्तज़ा ने चार विकेट लिए जबकि अब्दुर्रज़्ज़ाक़ और मोहम्मद रफ़ीक़ ने तीन-तीन विकेट लिए. | इससे जुड़ी ख़बरें एक ही ओवर में छह छक्के16 मार्च, 2007 | खेल लारा के साथ होड़ नहीं: सचिन16 मार्च, 2007 | खेल संघर्ष से क्या घबराना: श्रीसंत15 मार्च, 2007 | खेल ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हारा स्कॉटलैंड15 मार्च, 2007 | खेल ज़िम्बाब्वे-आयरलैंड मैच टाई, श्रीलंका जीता15 मार्च, 2007 | खेल ...तो कैन छोड़ देंगे सचिन का कैच 14 मार्च, 2007 | खेल विश्व कप क्रिकेट की रंगारंग शुरुआत11 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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