|
...तो कैन छोड़ देंगे सचिन का कैच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बरमुडा के लियोनेल कैन सचिन के दीवाने हैं. इस कदर कि उनके कप्तान को डर है कि मैच में अगर सचिन ने उनकी तरफ कैच उछाला तो वे उसे छोड़ भी सकते हैं. विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही बरमूडा टीम के कप्तान को इन दिनों यह अजीब-सी चिंता सता रही है. वो दुआ कर रहे हैं कि भारत के ख़िलाफ़ मैच में सचिन तेंदुलकर कोई शॉट उनके खिलाड़ी लियोनेल कैन की तरफ़ न खेलें वरना बड़ी मुश्किल होगी. स्कूल अध्यापकों, पुलिसवालों और इंजीनियरों से भरी बरमुडा की टीम विश्वकप में खेलने का मौक़ा पा कर ख़ुशी से फूली नहीं समा रही है. उनके उत्साह का आलम यह है कि यहाँ अपने होटल में भारत और श्रीलंका के खिलाड़ियों को साक्षात देख कर उन्हें अपनी आँखों पर भरोसा नहीं हो रहा. यहाँ तक कि उनके कुछ खिलाड़ियों को इन दोनों दक्षिण एशियाई टीमों के स्टार खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ़ माँगते तक देखा गया है. बरमुडा के कप्तान इर्विन रोमेन ने बताया कि लियोनेल कैन सचिन के ऐसे दीवाने हैं कि अगर सचिन ने उसकी तरफ़ हवा में कोई शॉट खेला तो उन्हें डर है वो कैच छोड़ देंगे, ताकि सचिन को और खेलते देख सकें. रोमेन ने कहा, "ईमानदारी से बता रहा हूँ कि हमारे ऑलराउंडर लियोनेल कैन को भारत से इतना प्यार है कि उन्होंने पिछले साल पैदा हुए अपने बच्चे का नाम तक इंडिया रखा है."
कप्तान ने कहा, "सचिन तो उसके लिए भगवान है. इस समय मैं बस यही उम्मीद कर रहा हूँ कि सचिन कैन की तरफ़ कोई कैच न उछाले वरना मुझे डर है कैन वो कैच छोड़ देगा ताकि सचिन को खेलते देखता रहे." उन्होंने बताया कि उनके देश की जनसंख्या इतनी है कि पूरा देश भारत के एक क्रिकेट स्टेडियम में समा जाए यानी 60 हज़ार. जिसमें से सिर्फ़ 30 से 45 लोग क्रिकेट को गंभीरता से लेते हैं. पेशेवर नहीं इर्विन रोमेन कहते हैं कि देश में क्रिकेट के प्रति लगाव है लेकिन जब तक खिलाड़ी प्रोफ़ेशनल नहीं बनेंगे तब तक अच्छी टीम तैयार करना मुश्किल होगा. वो कहते हैं, "हम अपना पेट भरने के लिए अन्य काम करते हैं. काम के बाद रोज़ दो घंटे अभ्यास कर पाते हैं और सही मायने में क्रिकेट तो सिर्फ़ शनिवार और रविवार को ही खेल पाते हैं." बरमूडा की टीम में एक खिलाड़ी ऐसा भी है जो देखने में आज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की परछाई भी नहीं लगता. ड्वेन लेवरोक का वज़न 120 किलो है, वो भी जूतों के बिना. लेवरोक के बारे में उनके कप्तान कहते हैं, "लेवरोक एक पुलिसवाला है और उसे भागने दौड़ने का मौक़ा तभी मिलता है जब वो अपराधियों के पीछे भाग रहा होता है." भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश के साथ बरमुडा ग्रुप बी में है. बरमुडा का पहला मैच श्रीलंका से 15 मार्च को त्रिनिदाद में होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें पहले ही मैच में पाकिस्तान धराशायी13 मार्च, 2007 | खेल विश्व कप क्रिकेट की रंगारंग शुरुआत11 मार्च, 2007 | खेल 'विश्व कप में खेलने का पूरा भरोसा था'10 मार्च, 2007 | खेल पाकिस्तान के खिलाड़ी उर्दू में जवाब देंगे10 मार्च, 2007 | खेल संसद ने खेल विधेयक पारित किया09 मार्च, 2007 | खेल 'मध्यक्रम पर है ज़्यादा दारोमदार'08 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||