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संसद ने खेल विधेयक पारित किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय संसद ने खेल प्रसारण विधेयक पारित कर दिया है. इसके तहत राष्ट्रीय महत्व के खेलों का सीधा प्रसारण प्रसार भारती के चैनलों पर सुनिश्चित होगा. विधेयक के अमल में आते ही निजी टेलीविज़न चैनलों को सीधा प्रसारण का फीड प्रसार भारती को भी उपलब्ध कराना होगा. यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगी जो पिछले दिनों श्रीलंका और वेस्टइंडीज़ के साथ हुए मैचों के दूरदर्शन पर प्रसारण को लेकर उठे विवाद के बाद जारी किया गया था. निजी चैनलों ने प्रसार भारती को सीधा प्रसारण का फीड नहीं देने का फ़ैसला करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी और सरकार की डाउनलिंकिंग और अपलिंकिंग नीतियों पर सवाल उठाए थे. निजी चैनलों का कहना था कि सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर दिखाए जाने से उन्हें विज्ञापन से होने वाली आय घट सकती है जबकि वे खुद बोली लगा कर प्रसारण अधिकार खरीदते हैं. संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा ने शुक्रवार को नए विधेयक को मंजूरी दे दी. लोकसभा से यह गुरुवार को ही पारित हो गया था. इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि यह विधेयक सिर्फ़ क्रिकेट तक सीमित नहीं होगी और बाक़ी खेलों का प्रसारण भी सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह विधेयक उन आम लोगों के हित में है जिनके पास केबल टेलीविज़न सेवा नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रसारण मसले पर विवाद निराधार: पवार06 मार्च, 2007 | खेल दूरदर्शन पर चौथे वनडे का सीधा प्रसारण15 फ़रवरी, 2007 | खेल मैचों प्रसारण विवाद पर सुनवाई टली09 फ़रवरी, 2007 | खेल दूरदर्शन पर प्रसारण सात मिनट देर से23 जनवरी, 2007 | खेल क्रिकेट मैच प्रसारण का विवाद उलझा22 जनवरी, 2007 | खेल ईएसपीएन-स्टार को प्रसारण का अधिकार10 दिसंबर, 2006 | खेल क्रिकेट मैच प्रसारण का सौदा तय हुआ17 फ़रवरी, 2006 | खेल एकदिवसीय मैच दूरदर्शन पर भी30 जनवरी, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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