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दूरदर्शन पर चौथे वनडे का सीधा प्रसारण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली हाई कोर्ट ने निंबस कम्युनिकेशन को भारत और श्रीलंका के बीच चौथे एकदिवसीय मैच का सीधा प्रसारण दूरदर्शन को मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. भारत और श्रीलंका के बीच चौथा मैच 17 फ़रवरी को विशाखापत्तनम में खेला जाना है. अब तक निंबस दूरदर्शन को सात मिनट की देरी से मैच का प्रसारण उपलब्ध करवा रहा था. पिछले दिनों केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के ज़रिए भारत और भारत के बाहर होने वाले राष्ट्रीय महत्व के सभी खेलों का प्रसारण प्रसार भारती पर अनिवार्य कर दिया था. निंबस ने इस अध्यादेश को कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद केंद्र ने निंबस को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था और कहा था कि निंबस के लाइसेंस अधिकार क्यों न रद्द कर दिए जाएँ. इस नोटिस के बाद निंबस ने गुरुवार को अदालत में प्रस्ताव रखा कि अगर केंद्र उनके ख़िलाफ़ कारण बताओ नोटिस के आधार पर कोई कार्रवाई न करने का आश्वासन दे तो वो भारत और श्रीलंका के बीच चौथे मैच का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के लिए मुहैया कराएंगे. सरकार ने यह आश्वासन दिया जिसके बाद कोर्ट ने सरकार से नौ मार्च तक कोई कार्रवाई नहीं करने को कहा है. इसी दिन इस पूरे मामले की अगली सुनवाई होनी है. निंबस ने सरकार के कारण बताओ नोटिस से बचाव के लिए हाई कोर्ट में अपील की थी और इसी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निंबस से चौथे मैच का सीधा प्रसारण दूरदर्शन को मुहैया कराने के निर्देश दिए. | इससे जुड़ी ख़बरें क्रिकेट मैच प्रसारण का सौदा तय हुआ17 फ़रवरी, 2006 | खेल क्रिकेट मैच प्रसारण का विवाद उलझा22 जनवरी, 2007 | खेल दूरदर्शन पर प्रसारण सात मिनट देर से23 जनवरी, 2007 | खेल मैचों प्रसारण विवाद पर सुनवाई टली09 फ़रवरी, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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