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पहला टेस्ट बराबरी पर छूटा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और बांग्लादेश के बीच चटगाँव में खेला गया पहला टेस्ट बराबरी पर छूटा. दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में भारत हावी तो रहा लेकिन बारिश ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. चटगाँव टेस्ट के पाँचवें और अंतिम दिन भारत ने दूसरी पारी 100 रनों पर घोषित कर दी और बांग्लादेश को जीतने के लिए 250 रनों का लक्ष्य दिया. बांग्लादेश ने शहरयार नफ़ीस का विकेट 12 के योग पर ही गँवा दिया लेकिन उसके बाद भारतीय गेंदबाज़ हावी नहीं हो सके. जिस समय मैच ड्रॉ कराने का फ़ैसला हुआ उस समय बांग्लादेश ने दो विकेट पर 104 रन बना लिए थे. जावेद उमर 52 और राजिन सालेह सात रन बनाकर नाबाद रहे. भारतीय बल्लेबाज़ी सोमवार की रात मैदान गीला होने के कारण पूरे एक सत्र का खेल नहीं हो सका. इसके बाद मैच भारतीय समयानुसार करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ. भारत ने जल्दी-जल्दी रन बनाने की कोशिश की चौथे दिन के स्कोर दो विकेट पर 44 रन से आगे खेलते हुए दूसरी पारी 100 रन के स्कोर पर समाप्त घोषित कर दी. उसके छह विकेट गिर चुके थे.
सबसे ज़्यादा स्कोर सचिन ने किए और 31 रन बना कर रफ़ीक़ के शिकार बने. बांग्लादेश की ओर से मोहम्मद रफ़ीक़ ने तीन, शहादत हुसैन ने दो और मशरफ़े मुर्तज़ा ने एक विकेट लिए. भारत ने पहली पारी सचिन और सौरभ के सैंकड़ें की बदौलत 387 रन बना कर घोषित कर दी थी. सचिन तेंदुलकर का यह 36 वाँ टेस्ट शतक था जबकि सौरभ गांगुली ने अपने टेस्ट जीवन का 13वाँ शतक लगाया था. गांगुली ने चौथे विकेट के लिए सचिन तेंदुलकर के साथ 189 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की थी. बांग्लादेश की बल्लेबाज़ी बांग्लादेश की पारी के दौरान एक समय ऐसा लग रहा था कि वह फॉलोऑन भी नहीं बचा पाएगा लेकिन पुछल्ले बल्लेबाज़ मशरफ़े मुर्तज़ा (79) और शहादत हुसैन (31) ने अच्छी बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को इस संकट से उबार लिया. तीसरे दिन का पूरा खेल बारिश की भेंट चढ़ने के बाद चौथे दिन के शुरुआती खेल में बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों को भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी का सामना करने में काफ़ी मुश्किल हुई. सलामी बल्लेबाज़ी करने उतरे जावेद उमर सात रन बनाकर आरपी सिंह के शिकार बने. हालाँकि दूसरे छोड़ से शहरयार नफ़ीस ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन वे भी 32 रनों के निजी योग पर ज़हीर ख़ान की गेंद पर चलता बने.
कप्तान हबीबुल बशर खाता भी नहीं खोल पाए और आरपी सिंह की गेंद पर सचिन को कैच थमा बैठे. इसके बाद राजिन सालेह और शक़ीबुल हसन ने अर्धशतकीय साझीदारी कर पारी संभालने की कोशिश की. लेकिन टीम का स्कोर जब 114 रन था तब 27 रनों के निजी स्कोर पर शक़ीबुल वीआरवी सिंह के शिकार बन गए. टीम के खाते में दो ही रन और जुड़े थे कि राजिन सालेह भी 40 रन बनाकर पोवार की गेंद पर सौरभ गांगुली को कैच थमा बैठे. इसके बाद खालिद मसूद (दो रन) और मोहम्मद रफ़ीक़ (9) भी सस्ते में पैवेलियन लौट गए. लेकिन गेंदबाज़ी में अपना जौहर दिखाने वाले मुर्तज़ा ने बल्ले से मोर्चा संभाला और शहादत हुसैन के साथ 77 रनों की साझीदारी कर फॉलोऑन का ख़तरा टाल दिया. भारत की ओर से आरपी सिंह और वीआरवी सिंह ने तीन-तीन विकेट लिए. |
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