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ख़िताबी जीत से जश्न में डूबा इराक़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ ने सऊदी अरब को 1-0 से हराकर पहली बार एशिया कप फ़ुटबॉल प्रतियोगिता जीत ली है. अपने देश की जीत की ख़बर सुनते ही हज़ारों इराक़ी सड़कों पर उतर आए. सेमी फ़ाइनल में इराक़ की जीत के बाद ख़ुशी से सड़कों पर निकले कई लोगों कार बम धमाके में मारे गए थे. इसलिए फ़ाइनल से पहले इराक़ में कर्फ़्यू लगा दिया गया था. लेकिन अपने देश की जीत की ख़बर मिलते ही कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए. इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुआफ़क अल रुबाई ने कहा कि आख़िरकार किसी अच्छी चीज़ पर इराक़ में जश्न हो रहा है. उन्होंने कहा कि इराक़ी राजनेताओं को फ़ुटबॉल की टीम की एकता से सबक लेना चाहिए. क्योंकि इस टीम में शिया, सुन्नी और कुर्द सभी हैं. उन्होंने टीम के सभी खिलाड़ियों को 10-10 हज़ार डॉलर पुरस्कार देने की घोषणा की. टीम की जीत का जश्न मनाने वालों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे. ख़ुशी में गोलियाँ चलाई गई और नारे लगाए गए.
जकार्ता में हुए फ़ाइनल मैच में कप्तान यूनिस महमूद की गोल की बदौलत इराक़ ने तीन बार के विजेती सऊदी अरब को 1-0 से मात दी. फ़ाइनल मैच में दोनों टीमों में कड़ी टक्कर हुई. लेकिन कप्तान यूनिस महमूद ने 71वें मिनट में हावर मोहम्मद के कॉर्नर किक पर हेडर से गोल कर दिया. फ़ाइनल में इराक़ ने बड़े शानदार तरीक़े से सऊदी अरब का सामना किया. फ़ाइनल में गोल करके यूनिस महमूद ने पूरी प्रतियोगिता में कुल चार गोल किए. उनके साथ-साथ सऊदी अरब के यासिर अल क़तानी और जापान के नाओहिरो तकाहारा ने भी चार-चार गोल किए हैं. प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में शानदार फ़ुटबॉल का प्रदर्शन करने वाले इराक़ ने पूरी प्रतियोगिता के दौरान सिर्फ़ दो गोल खाए. इस प्रतियोगिता में इराक़ ने ऑस्ट्रेलिया को 3-1 और दक्षिण कोरिया को सेमी फ़ाइनल में मात दी थी.
सेमी फ़ाइनल में इराक़ ने पेनल्टी शूट आउट में दक्षिण कोरिया को मात दी थी. सेमी फ़ाइनल में जीत के बाद ख़ुशी मना रहे लोगों का जश्न उस समय मातम में बदल गया था जब कार बम धमाके में 50 से ज़्यादा लोग मारे गए. इस कारण फ़ाइनल से पहले इराक़ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. लेकिन जीत की ख़बर मिलते ही हज़ारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और ख़ुशी से झूमने लगे. जश्न में सुरक्षाकर्मियों ने भी उनका साथ दिया. इराक़ की जीत में कोच जोरवन विएरा का अहम योगदान माना जा रहा है. 54 वर्षीय विएरा ने सिर्फ़ दो महीने के लिए इराक़ी फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन के साथ अनुबंध किया था. फ़ाइनल से पहले उन्होंने कहा था कि वे अनुबंध ख़त्म होने के बाद अपना पद छोड़ देंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें एलए गैलेक्सी में बेकम का पहला मैच22 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया ब्राज़ील फिर कोपा अमरीका चैंपियन16 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया डेविड बेकम पहुँच गए हैं अमरीका13 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया एसी मिलान बना चैम्पियंस लीग विजेता23 मई, 2007 | खेल की दुनिया डेम्पो ने फिर जीती राष्ट्रीय फ़ुटबॉल लीग19 मई, 2007 | खेल की दुनिया मैनचेस्टर यूनाइटेड बना चैम्पियन06 मई, 2007 | खेल की दुनिया रियाल मैड्रिड बना सबसे धनी क्लब08 फ़रवरी, 2007 | खेल की दुनिया सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ी बने कैनावारो19 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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