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टोटी के पेनल्टी शॉट से इटली जीता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इटली के फ़्रांसेस्को टोटी ने मैच के 75वें मिनट में मैदान में क़दम रखा लेकिन पेनल्टी शॉट पर निर्णायक गोल करके अपनी टीम को क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचा दिया. ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच ख़त्म होने से ठीक पहले हुए इस गोल के कारण हार कर विश्व कप प्रतियोगिता से बाहर हो गई. दूसरे हाफ़ का ज़्यादातर समय इटली ने 10 खिलाड़ियों के बूते पर खेला क्योंकि मैतेरात्ज़ी को 51वें मिनट में रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया था. इटली ने मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से बेहतर खेल दिखाया और गेंद भी उनके पाले में ज़्यादा रही. इसके बावजूद वे गोल नहीं कर पा रहे थे. दूसरे हाफ़ में इटली के युवा खिलाड़ी लूका टोनी को गोल करने का सुनहरा अवसर मिला. इसके बाद इटली को दूसरा झटका उस समय लगा जब मार्को ब्रेसियानो के ख़िलाफ़ फ़ाउल करने के कारण मैतेरात्ज़ी को मैदान से बाहर कर दिया गया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से टिम काहिल और मार्को ब्रेसियानो ने भी गोल करने के लिए अच्छे मूव बनाए लेकिन वे कुछ ख़ास नहीं कर पाए. प्रदर्शन इन इक्का-दुक्का अवसरों के अलावा इटली के गोलकीपर बुफ़ो को कोई ख़ास मेहनत नहीं करनी पड़ी. भले ही इस मैच में इटली की आक्रमण पंक्ति उतनी तेज़-तर्रार नहीं दिख रही थी, उसका डिफ़ेंस देखने लायक़ था.
मैच का नतीजा किसी के पक्ष में जाते नहीं दिख रहा था और ऐसा लग रहा था कि इस मैच का भी फ़ैसला कही अतिरिक्त समय में न हो. लेकिन मैच ख़त्म होने से ठीक पहले इटली को पेनल्टी मिल गया. इटली के फ़ेबियो ग्रोसो गेंद लेकर आगे बढ़े और ऑस्ट्रेलिया के गोल क्षेत्र में आगे बढ़े. लेकिन लूकास नेली ने उन्हें गिरा दिया. मैच में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतारे गए फ़्रांसेस्को टोटी ने मैच के इस आख़िरी शॉट को गोल में बदलकर अपनी टीम को क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचा दिया. कोच मार्सेलो लिपी ने टोटी को इस मैच में शुरू से मैदान में नहीं उतारा क्योंकि पिछले तीन मैचों में उनका अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था. इटली के लिए गोल मारकर उसे क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचाने वाले टोटी ने मैच के बाद कहा कि उन्होंने अपने शॉट से आलोचकों को जवाब दे दिया है. टोटी ने कहा, "अब आलोचकों को मेरे बारे में बात करने दीजिए. अभी तक उन्होंने मुझ पर सिर्फ़ हल्ला बोला है. मुझे अब पूरा भरोसा है कि वे अब ख़ुश नहीं होंगे." मैच का निर्णय आख़िरी क्षण में होने के बाद कोच लिपी ने कहा कि उन्हें इसका कोई डर नहीं था कि मैच अतिरिक्त समय में चला जाएगा या फिर मैच का फ़ैसला पेनल्टी शूट आउट में होगा. |
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