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धक्का-मुक्की वाले मैच में पुर्तगाल जीता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व कप के एक ज़बरदस्त नाटकीय मैच में पुर्तगाल ने हॉलैंड को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश किया. मैच में खिलाड़ियों को 16 पीले कार्ड और चार रेड कार्ड दिखाए गए, जो विश्व कप में एक रिकॉर्ड है. ज़बरदस्त नाटकीय और विवाद से भरे मैच का एकमात्र गोल पहले हाफ़ में मनीश ने किया. इसी गोल के कारण विश्व कप में डार्क हॉर्स कही जाने वाली हॉलैंड की टीम को बाहर का रास्ता देखना पड़ा. यूरोप की दो शक्तिशाली टीमों के बीच शानदार मैच देखने की आस लेकर स्टेडियम में आए दर्शकों और टीवी सेट से सटे फ़ुटबॉल प्रेमियों को एक अलग तरह का मैच देखने को मिला. गोल करने और मैच जीतने की आस में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने दूसरे हाफ़ में इतना बेढंगा खेल दिखाया कि चार खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर करना पड़ा. खिलाड़ी चाहे पुर्तगाल के हों या फिर हॉलैंड के- दोनों टीमों के खिलाड़ियों में खेल भावना से अलग एक-दूसरे को धक्का देने और गिराने की होड़ सी लगी थी. धक्का-मुक्की दूसरे हाफ़ में एक गोल से बढ़त लेकर चल रही पुर्तगाल की टीम जहाँ गोल बचाने के चक्कर में थी, वहीं हॉलैंड के खिलाड़ियों में गोल करने की हताशा देखी जा सकती थी.
लेकिन अपनी हताशा से पार पाने और रणनीति को क़ामयाब बनाने के लिए खिलाड़ियों ने जो तरीक़ा अपनाया, उसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. पुर्तगाल के डेको और कोस्टिना को मैदान से बाहर किया गया तो हॉलैंड के ब्रॉन्कोर्स्ट और बोलारूज़ को रेड कार्ड दिखाकर निकाला गया. रूस के रेफ़री इवानोफ़ पर भी सवाल उठे. पूरे मैच के दौरान 12 खिलाड़ियों को पीला या लाल कार्ड दिखाया गया. पुर्तगाल की ओर से इस मैच में एकमात्र गोल मनीश ने 23वें मिनट में किया. डेको के मूव पर पॉलेटा ने मनीश को गेंद बढ़ाई और मनीश ने जगह बनाकर ज़बरदस्त शॉट लगाया और डच गोलकीपर के पास कोई मौक़ा नहीं था. पुर्तगाल को उस समय तगड़ा झटका लगा जब उसके युवा और तेज़-तर्रार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मांसपेशियाँ खिंच जाने के कारण 36वें मिनट में ही मैदान छोड़ना पड़ा. इसके बाद हॉलैंड की टीम को गोल करने का एक शानदार अवसर मिला जब रूड वैन पर्सी ने एक अच्छा शॉट लगाया लेकिन वे चूक गए. इसके बाद दूसरे हाफ़ में गोल करने या गोल बचाने से ज़्यादा दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से धक्का-मुक्की करके लोगों का ध्यान खींचा.
कोच मार्को वैन बास्टेन के लिए यह काफ़ी निराशाजनक रहा. कोच के रूप में उनकी ये पहली हार थी. जबकि पुर्तगाल के कोच स्कोलारी के लिए विश्व कप में उम्मीदें क़ायम हैं. पिछली बार वे विजेता टीम ब्राज़ील के कोच थे. इस बार वे पुर्तगाल के कोच हैं और इस जीत के साथ उनकी उम्मीदें बरक़रार हैं. अब एक जुलाई को क्वार्टर फ़ाइनल में पुर्तगाल का मुक़ाबला इंग्लैंड से होगा. जिसने एक अन्य मैच में इक्वाडोर को 1-0 से हराया था. |
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