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शनिवार, 24 जून, 2006 को 21:52 GMT तक के समाचार
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रोमांचक भिड़ंत में अर्जेंटीना की जीत
मैक्सी रोड्रिग्ज़
अतिरिक्त समय में गोल रोड्रिग्ज़ ने किया
विश्व कप फुटबॉल में शनिवार को हुए एक बहुत ही रोमांचक मुक़ाबले में अर्जेंटीना ने मैक्सिको एक के मुक़ाबले दो गोल से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है.

क्वार्टर फाइनल में अब अर्जेंटीना का मुक़ाबला जर्मनी से होगा जिसने शनिवार को ही एक दिलचस्प मुक़ाबले में स्वीडन को 2-0 से हराया.

इससे पहले निर्धारित डेढ़ घंटे के समय में दोनों टीमें 1-1 गोल से बराबरी पर रही थीं जिसके बाद नतीजे की उम्मीद में उन्हें आधा घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया.

अतिरिक्त समय में जब खेल शुरू हुआ तो आठवें मिनट में पहला गोल अर्जेंटीना की तरफ़ से हुआ जिसे मैक्सी रोड्रिग्ज़ ने किया और उन्हें इस गोल के लिए फीफा ने मैन ऑफ़ द मैच भी घोषित किया.

अतिरिक्त समय की यह बढ़त आख़िर तक रही और बेहद दिलचस्प मुक़ाबले में मैक्सिको को हार का मुँह देखना पड़ा हालाँकि अतिरिक्त समय का खेल भी बेहद रोमांचक रहा.

इससे पहले मैक्सिको ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए छठे मिनट में उस समय बढ़त हासिल कर ली थी जब रफ़ैल मारक्वेज़ ने गोल कर दिया.

उससे थोड़ी ही देर बाद यानी दसवें मिनट में हर्नन क्रेस्पो ने गोल करके अर्जेंटीना को बराबरी पर ला खड़ा किया और उसके बाद तो दोनों टीमों ने जैसे अपने पूरे दमख़म के साथ-साथ तमाम हुनर खेल में झोंक दिया.

रोमांच पूरे मैच के दौरान बना रहा. इस विश्व कप में यह पहला मौक़ा था कि अर्जेंटीना गोल के मामले में किसी टीम से पीछे रही हो.

मैक्सिको के पावेल पार्दो ने दाहिनी तरफ़ से एक फ्री किक मारी जिसे मारियो मेंदेज़ ने हैडर के ज़रिए मारक्वेज़ को दिया जो उस समय गोलपोस्ट के पास ही मंडरा रहे थे. मारक्वेज़ ने गेंद को नॉक किया और अर्जेंटीना के गोलकीपर रोबर्तो को छकाते हुए गेंद सीधे गोलपोस्ट में पहुँचा दी.

अर्जेंटीना ने भी चार मिनट बाद गोल करके बराबरी हासिल कर ली. जुआँ रोमन ने दाहिनी तरफ़ से गेंद सरकाई जिसे क्रेस्पो ने आसानी से नैट के अंदर पहुँचा दिया.

मैक्सिको के पहले गोल से अर्जेंटीना पर काफ़ी दबाव बन गया था लेकिन क्रेस्पो के गोल के बाद अर्जेंटीना ने कुछ राहत की साँस ली और उसके बाद खेल ने एक सधी हुई रफ़्तार पकड़ ली.

कड़ा मुक़ाबला

मैक्सिको ने अपनी रक्षा पंक्ति काफ़ी मज़बूत रखते हुए आक्रामक रणनीति भी अपनाई जबकि अर्जेंटीना का ज़्यादा वक़्त गेंद को छीनने और उसे अपने क़ब्ज़े में रखने में गुज़रा.

अर्जेंटीना और मैक्सिको के बीच मैच
मुक़ाबला बहुत दिलचस्प रहा

अर्जेंटीना के क्रेस्पो को 23वें मिनट में भी गोल करने का एक बेहतरीन मौक़ा मिला लेकिन गेंद मैक्सिको के गोलकीपर ओसवाल्दो सांचेज़ के ऊपर से होकर निकल गई.

25वें मिनट में बोरगेट्टी ने क़लीब 20 मीटर की दूरी से शॉट मारा लेकिन उसे रोबर्तो ने बार के ऊपर से निकाल दिया.

मैक्सिको को 38वें मिनट में एक उस समय झटका लगा जब हुनरमंद खिलाड़ी पावेल पार्दो को टांग की चोट की वजह से बाहर भेजना पड़ा और उनके स्थान पर गैराडो तोरादो को बुलाया गया.

उसके बाद तो दोनों टीमों के बीच जैसे आँख मिचौली का खेल चलता रहा, मौक़े मिलते रहे और ख़ाली जाते रहे.

दो बार के विश्व चैम्पियन रह चुके अर्जेंटीना ने 1998 में क्वार्टर फाइनल में हार का सामना किया था और चार साल पहले तो यह टीम पहले दौर में ही बाहर हो गई थी.

इस बार टीम ज़ोरदार खिलाड़ी के रूप में ऊभरी है और अपने ग्रुप में सबसे ऊँचे स्थान पर रही है. इसे जीतने की संभावना वाली टीमों की श्रेणी में रखा जा रहा है.

मैक्सिको लगातार चौथी बार दूसरे दौर तक पहुँची लेकिन चारों बार हार का मुँह देखा है. 1986 में यह क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थी. मैक्सिको की टीम कभी भी सेमीफाइनल तक नहीं पहुँच सकी है.

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