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शनिवार, 24 जून, 2006 को 17:32 GMT तक के समाचार
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जर्मनी क्वार्टर फाइनल में पहुँचा
पोडोल्सकी
पोडोल्सकी ने दो बेहतरीन गोल किए
ल्यूकास पोडोल्सकी की दो बेहतरीन गोल की बदौलत जर्मनी ने विश्व कप फुटबॉल के दूसरे दौर के मैच में स्वीडन को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है.

पोडोल्सकी ने खेल शुरू होने के 12 मिनट के अंदर ही दो गोल कर दिए थे जिसके बाद स्वीडन की टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया जो आख़िर तक बरक़रार रहा.

स्वीडन की टीम दस खिलाड़ियों के साथ खेली.

जर्मनी के 21 वर्षीय स्ट्राइकर पोडोल्सकी ने पहला गोल तो चार मिनट के अंदर ही कर दिया था और दूसरा गोल उसके आठ मिनट बाद यानी खेल शुरू होने के 12वें मिनट में कर दिया.

जर्मनी तीन बार विश्व कप फुटबॉल जीत चुकी है. अब क्वार्टर फाइनल में जर्मनी की भिड़ंत अर्जेंटीना से शुक्रवार को बर्लिन में होगी.

पूरे खेल में जर्मनी की टीम ख़ासी मज़बूत और एकजुट नज़र आई शुरूआती बढ़त के बाद से ही बुलंद हौंसले के साथ खेलती रही.

दो गोल की बढ़त से मज़बूत जर्मनी के टोर्स्टन फ्रिंग्स और माइकल बलाक ने खेल की रफ़्तार तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बीच मैदान में ज़्यादातर वे ही नज़र और स्वीडन के खिलाड़ी अक्सर वहाँ छितरे-बितरे ही रहे.

जर्मनी के क्लोज़ ने पहला गोल तैयार किया. क्लोज़ को जब हवा में गेंद मिली तो उसने उसे अपने क़ब्ज़े में लेकर दो डिफेंडरों को दरकिनार करते हुए शॉट लगाया. उसके शॉट को रोक दिया गया मगर पोडोल्सकी ने शॉट को आगे बढ़ाया और हालाँकि ल्यूसिक ने उसे रोकने की कोशिश मगर गेंद आख़िरकार गोल पोस्ट में चली गई.

दूसरा गोल भी क्लोज़ ने ही तैयार किया जब उसने कई खिलाड़ियों को छकाते हुए पोडोल्सकी को पास दिया और पोडोल्सकी ने इस मैच का दूसरा और इस विश्व कप का अपना तीसरा गोल दागने में कोई देर नहीं की.

स्वीडन के खिलाड़ी जैसे मनोबल कमज़ोर कर बैठे थे. उन्हें अपने एक खिलाड़ी टैडी ल्यूसिक को 35वें मिनट में बाहर भेजना पड़ा.

बदक़िस्मत ल्यूसिक ने ओलोफ़ मेलबर्ग के साथ मिलकर क्लोज़ और पोडोल्सकी की बढ़त को रोकने की कुछ कोशिश की और उस कोशिश में ही उसे आठ मिनट के अंदर दो बार पीले कार्ड दिखा दिए गए.

मध्यांतर के बाद के खेल में हैनरिक लारस्सन ने एक पैनल्टी गँवा दी और इससे उन्हें बहुत झटका लगा.

ऐसा लगा की स्वीडन की टीम खेल के आख़िर तक इस झटके से नहीं उबर सकी और कोई गोल नहीं बना सकी.

अगर स्टेडियम की भी बात करें तो जर्मनी के प्रशंसक की संख्या स्वीडन के प्रशंसकों से कहीं ज़्यादा नज़र आई.

स्वीडन की टीम के लिए विश्व कप में 2002 की स्थिति को दोहराने जैसा माहौल था जब दूसरे दौर से ही ये टीम सेनेगल से हारकर बाहर हो गई थी.

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