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विश्व कप फ़ुटबॉल: वेश्यावृत्ति पर चिंता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस साल जर्मनी में विश्व कप फ़ुटबॉल का आयोजन होने जा रहा है. लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के अलावा यूरोपीय संघ को चिंता सता रही है- इस दौरान बड़े पैमाने पर होने वाली वेश्यावृत्ति की. चेतावनी दी गई है कि विश्व कप के दौरान पूर्वी अफ़्रीकी देशों की हज़ारों महिलाओं को वेश्यावृत्ति में ढकेला जा सकता है. ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक हो रही है और उनसे कहा गया है कि वे इसे रोकने के उपायों पर भी चर्चा करें. जर्मनी का भी कहना है कि विश्व कप के दौरान दुनियाभर के फ़ुटबॉल प्रेमी वहाँ जुटेंगे और इस दौरान वेश्यावृति में बड़े पैमाने पर बढ़ोत्तरी हो सकती है. इस बात की भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि शायद खेल प्रेमियों के साथ-साथ अलग-अलग शहरों में कुछ 'मोबाइल वेश्याघर' भी मौजूद रहे. इस बात पर स्वीडेन की सरकार भी चिंतित है. सरकार का कहना है कि जर्मनी में वेश्यावृत्ति भले की क़ानूनी हो लेकिन वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं को वहाँ ले जाना तो क़ानूनी नहीं. पुलिस ख़ुफ़िया सूत्रों का आकलन है कि रूस और पूर्वी यूरोप से हज़ारों महिलाएँ सफ़ाई और खाना बनाने के काम के नाम पर जर्मनी आएँगी लेकिन उन्हें वेश्यावृत्ति में ढकेला जा सकता है. यूरोपीय संघ के मंत्री नए वीज़ा प्रतिबंधों पर भी विचार कर रहे हैं. बीबीसी के यूरोप संपादक मार्क मार्डेल के मुताबिक़ उन्हें एक सूत्र ने बताया है कि ये नैतिकता का सवाल नहीं बल्कि संगठित अपराध रोकने की बात है. इससे अपराधी जम पर पैसा बनाते हैं और फिर ये नशीली दवाओं की तस्करी और इस तरह के काम में इस्तेमाल होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें मधुसूदनपुर में वेश्यावृत्ति ज़िंदगी का हिस्सा 30 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस अभिनेत्रियाँ और मॉडल कर रही हैं देह व्यापार?12 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस मर्द भी हैं देह व्यापार के बाज़ार में15 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस कपड़े उतार कर प्रदर्शन होगा नेपाल में18 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस थाईलैंड में वेश्यावृत्ति को लेकर बहस27 नवंबर, 2003 | पहला पन्ना बाल वेश्यावृत्ति पर यूनिसेफ़ की चिंता29 अक्तूबर, 2003 | पहला पन्ना वेश्यावृत्ति का फैलता जाल | भारत और पड़ोस देह व्यापार के दर्द की अभिव्यक्ति25 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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