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कपड़े उतार कर प्रदर्शन होगा नेपाल में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के पश्चिमी इलाक़े की यौनकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे राजधानी काठमांडू में कपड़े उतार कर प्रदर्शन करेंगी. उनकी मांग है कि या तो उन्हें नेपाली नागरिक का दर्जा दिया जाए या फिर वेश्यावृत्ति को क़ानूनी तौर पर मान्यता मिले. इन महिलाओं का कहना है कि वे कई तरह से अपनी मांगें सरकार के सामने रख चुकी हैं और अब उनके पास अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है. इन महिलाओं की हिमायत कर रही एक ग़ैरसरकारी संस्था के कमल बहादुर रोकाया का कहना है कि इस प्रदर्शन का मक़सद सरकार को इस बारे में सोचने के लिए बाध्य करना है. इन महिलाओं को नागरिक का दर्जा न मिलने की वजह यह है कि वे यौनकर्मियों की संतानें हैं जिनके पिता का कुछ अतापता नहीं है. नेपाल के संविधान के मुताबिक नागरिकता पाने के लिए पिता या पति का नाम दर्ज कराना ज़रूरी है. बाड़ी समुदाय से जुड़ी इन यौनकर्मियों को डर है कि उनके बच्चों को भी यही परेशानी भुगतनी पड़ेगी. उनका कहना है कि यदि सरकार अपने नागरिकता क़ानूनों में बदलाव नहीं कर सकती तो उसे वेश्यावृत्ति को क़ानूनी दर्जा दे देना चाहिए. पश्चिमी नेपाल के पाँच ज़िलों में बाड़ी समुदाय की लगभग तीन हज़ार महिलाएँ देह व्यापार से जुड़ी हुई हैं. |
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