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बच्चों के मोबाइल की सेंसरशिप
ब्रितानी मोबाइल ऑपरेटरों ने फ़ैसला किया है कि वे साथ मिलकर कोशिश करेंगे कि बच्चों को मोबाइल पर अश्लील सामग्री उपलब्ध न हो. फ़िलहाल मोबाइल पर इंटरनेट के ज़रिए बहुत सी सामग्री सभी के लिए उपलब्ध है और सिनेमा की तरह इसमें उम्र की कोई बंदिश नहीं है. ब्रिटेन की मोबाइल कंपनियों, ऑरेंज, ओ-2, टी मोबाइल, वोडाफ़ोन, वर्जिन और थ्री ने मिलकर फ़ैसला किया है कि वे वयस्कों की सामग्री अब 18 वर्ष से कम उम्र वाले नहीं देख पाएँगे. ब्रितानी सरकार में ई-कॉमर्स के मंत्री स्टीफ़न टिम्स का कहना है कि यह आत्मनियंत्रण का अच्छा उदाहरण है.
इस प्रतिबंध के तहत तस्वीरों, जुआ, वीडियो, गेम्स, चैटरुम और नेट कनेक्शन की अनुमति नहीं होगी. लेकिन यह रोक एसएमएस पर लागू नहीं होगी लेकिन उस पर एक समिति की नज़र भी रहेगी. मोबाइल ऑपरेटर पिछले 12 महीनों से मोबाइल पर आने वाली सामग्री पर रोक लगाने के लिए फ़्रेमवर्क बनाने में लगे हुए थे. इस फ़्रेमवर्क के बाद से कई सुविधाएँ तभी किसी को उपलब्ध हो सकेंगी जब यह मोबाइल उपयोग करने वाला इनमें से किसी भी ऑपरेटर को यह सबूत दे देगा कि वह 18 साल या उससे अधिक उम्र का है. एक स्वतंत्र समिति इस फ़्रेमवर्क पर काम करेगी और इसे दूसरे मीडिया उद्योगों में भी लागू करने की कोशिश करेगी. बच्चों पर काम कर रही संस्थाओं ने इस प्रतिबंध का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि यह स्थायी इंटरनेट कनेक्शनों पर भी लागू होगा. बच्चों की एक संस्था एनसीएच के निदेशक जॉन कार का सवाल है, ''अब लोग पूछने वाले हैं कि यदि मोबाइल कंपनियाँ ये कर सकती हैं तो इंटरनेट कंपनियाँ क्यों नहीं.'' दरअसल, नई तकनीक वाले आधुनिक मोबाइल फ़ोनों के आने के बाद से यह चिंता व्यक्त की जा रही थी कि रंगीन स्क्रीन वाले इन मोबाइलों के रास्ते पता नहीं बच्चे क्या-क्या देखेंगे. |
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