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मैक्सिको पर पुर्तगाल की मुश्किल जीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में खेले जा रहे विश्व कप फुटबॉल मैच में बुधवार को पुर्तगाल ने मैक्सिको पर मामूली अंतर जीत दर्ज करके ग्रुप डी में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है. रोमांचक मैच में मैक्सिको ने पुर्तगाल को कड़ी टक्कर दी और उसने ग्रुप डी में दूसरा स्थान हासिल किया. पुर्तगाल की टीम के लिए यह आसान जीत नहीं थी क्योंकि मैक्सिको की टीम में दस खिलाड़ी ही रह गए थे फिर भी उन्होंने अच्छी ख़ासी टक्कर दी. पुर्तगाल के खिलाड़ियों ने खेल शुरू होने के छह मिनट के अंदर ही उस समय बढ़त हासिल कर ली थी जब महीशे ने साइड से हुनर दिखाते हुए गेंद नेट की छत से टकराती हुई गोलपोस्ट के अंदर कर दी. मनीशे के लिए यह गोल सिमाओ सबरोसा ने तैयार किया था और यह एक नपा-तुला हुआ गोल कहा जाएगा. लेकिन मैक्सिको के होज़े फ़ोन्सीका ने बेहतरीन हैडर लगाकर स्कोर बराबर कर दिया. लेकिन उसके थोड़ी ही देर बाद मैक्सिको के लुइस पेरेज़ को रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया, उसके बाद मैक्सिको की टीम दस ही खिलाड़ियों के साथ खेली फिर भी कड़ी टक्कर दी. पुर्तगाल के कोच लुइस फिलिप स्कॉलरी ने उन पाँच खिलाड़ियों को इस मैच में आराम दिया जिन्हें ग्रुप डी के शुरूआती मैच में पीला कार्ड दिखाया गया था. हालाँकि उन पाँच खिलाड़ियों की कमी टीम को कुछ ख़ास नहीं खली क्योंकि यूरो 2004 प्रतियोगिता में फ़ाइनल में पहुँचने वाली पुर्तगाल की टीम ने पहले 24 मिनट में ही दो गोल कर दिए थे. इन दोनों गोल में मिडफील्डर सबरोसा की महत्वपूर्ण भूमिका रही. इस मैच में सबरोसा ने पुर्तगाल के लिए कुल मिलाकर आठवाँ गोल किया. छठे मिनट में ही सबरोसा मैक्सिको के गोलपोस्ट के पास आ गए और उन्होंने गेंद मनीशे को इस तरह से पास की कि उसे मैक्सिको को गोलकीपर ओसवाल्डो सांचेज़ भी नहीं रोक सके. गोल के लिए कशमकश पुर्तगाल की तरफ़ से दूसरा गोल किया गया जब सांचेज़ ने ने सबरोसा की पैनल्टी पर अपना हुनर दिखाया और यह इतना तेज़ी से हुआ कि मैक्सिको का गोलकीपर गेंद को छू भी नहीं सका.
आधा घंटे का खेल पूरा होने से पहले ही मैक्सिको ने भी एक गोल करके बढ़त को कम कर दिया यानी इस समय तक स्कोर था पुर्तगाल के दो गोल और मैक्सिको का एक गोल. मैक्सिको की तरफ़ से पावेल पार्डो ने कॉर्नर बनाया जिस पर फ़ोन्सेका ने हैडर लगाकर इस मौक़े को गोल में तब्दील कर दिया. मध्यांतर के बाद पुर्तगाल को मैक्सिको से ख़ासी कड़ी टक्कर मिली क्योंकि मैक्सिको ने स्कोर बराबर करने की कोशिश में दबाव बनाए रखा. एक घंटे का खेल होने के समय एक बार ऐसा लगा कि मैक्सिको की टीम स्कोर बराबर कर देगी जब उन्हें एक पैनल्टी मिली. लेकिन उसमें ब्रेवो गेंद को सही तरीके से गोल पोस्ट में नहीं डाल सके और गेंद ऊपरी बार से होकर गुज़र गई. एक शानदार मौक़ा हाथ से निकल गया. उसके थोड़ी ही देर बाद मैक्सिको ने पैनल्टी के लिए अपील की जब मिगुएल (पुर्तगाल) और पेरेज़ (मैक्सिको) भिड़ गए. रैफ़री लुबोस मिशेल ने फ़ैसला दिया कि पेरेज़ ने डाइव लगाया और उसे पीला कार्ड दिखा दिया. पुर्तगाल की टीम ने मिगुएल को हटाकर पाउलो फरेरा को मैदान में उतार दिया. उधर दस खिलाड़ियों के साथ भी मैक्सिको की टीम ने पुर्तगाल को ख़ासा छकाने वाला खेल दिखाया. अब दूसरे दौर में पुर्तगाल ग्रुप सी की उपविजेता टीम से खेलेगी और यह मैच रविवार को न्यूरमबर्ग में होगा. मैक्सिको ग्रुप सी की विजेता टीम से भेड़ेगी और यह मैच शनिवार को लाइपसिग में होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व कप के कारण परीक्षाएँ स्थगित29 मई, 2006 | खेल विश्व कप फ़ुटबॉल: वेश्यावृत्ति पर चिंता20 फ़रवरी, 2006 | खेल फ़ुटबॉल अफ़्रीकी कप मिस्र ने जीता10 फ़रवरी, 2006 | खेल फ़ुटबॉल कोच स्टिंग ऑपरेशन में15 जनवरी, 2006 | खेल ईस्ट बंगाल के कोच जेल पहुँचे03 दिसंबर, 2005 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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