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सहवाग के दोहरे शतक से फॉलोऑन टला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगलौर टेस्ट में पाकिस्तान के 570 रन के जवाब में भारत ने 6 विकेट पर 379 रन बना लिए हैं. भारत अब भी पाकिस्तान से 191 रन पीछे है और उसके 4 विकेट बाक़ी हैं. मैच के तीसरे दिन भी काफ़ी समय बल्लेबाज़ों का बोलबाला रहा, पहला दिन इंज़माम, दूसरा दिन यूनुस ख़ान तो तीसरा वीरेन्दर सहवाग ने अपने नाम किया. सहवाग ने अपनी आतिशी बल्लेबाज़ी से खेल में जान डाल दी. 261 गेंदों पर 28 चौकों और 2 छक्कों सी मदद से उन्होंने 201 रन बनाए और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बिल्कुल उसी अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की जिसके लिए वो मशहूर हैं. पर ऐसा क्यों है कि टेस्ट हो या वनडे, उनका बल्ला एक ही रफ़्तार जानता है. सहवाग कहते हैं, ये तो मेरा स्वाभाविक खेल है और मैं ऐसे ही खेलना पसंद करता हूँ. जब अपने इसी खेल के दम पर मैं अच्छा प्रदर्शन कर पा रहा हूँ तो फिर बदलने की क्या ज़रूरत है. हार का डर? टेस्ट मैचों में ये सहवाग का पहला दोहरा शतक है. पिछले साल पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मुल्तान में ही उन्होंने तिहरा शतक लगाया था जब वो 309 पर आउट हुए थे और भारत ने वो मैच जीत लिया था. लेकिन इस मैच में उनके दोहरे शतक के बावजूद भारत पाकिस्तान से 191 रन पीछे और उसके 6 विकेट गिर चुके हैं लेकिन सहवाग को हार का डर नहीं. वो कहते हैं, हार का डर नहीं है. अगर हम चौथे दिन लंच तक खेल जाते हैं तो दबाव पाकिस्तान पर होगा क्योंकि हम 500 के आसपास होंगे और तब फ़ैसला पाकिस्तान को करना होगा कि वो कब तक खेलें और हमें कितना लक्ष्य दें.
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज़ राजा का भी मानना है कि इस मैच में अभी बहुत कुछ बाक़ी है. वो कहते हैं, इंज़माम के इरादे साफ़ लग रहे हैं. वो इस मैच में नतीजा चाहते हैं क्योंकि सीरीज़ तो वो 1-0 से हार ही रहे हैं इसिलए अगर ये मैच हार भी गए तो बस उनकी हार का अंतर बढ़ेगा. इसलिए वो हर ख़तरा मोल लेने को तैयार होंगे. एक और रिकॉर्ड अपना 34वाँ मैच खेल रहे सहवाग ने इस पारी के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन भी पूरे कर लिए. इतनी तेज़ गति से कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ अब तक 3000 तक नहीं पहुँचा था. अभी तक चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच पर गेंदबाज़ी मुश्किल साबित हो रही है लेकिन फिर भी सहवाग और 51 रन पर नॉट आउट लक्षमण को छोड़ कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर नहीं बना पाया. तेंदुलकर 41 पर आउट हो गए और एक बार फिर 35 शतकों के रिकॉर्ड से चूँक गए. सहवाग ने इस पर दुख जताते हुए कहा, पिच आसान थी इसलिए सचिन अगर खेलते रहते और अपना रिकॉर्ड 35वाँ शतक बना लेते तो मुझे ज़्यादा ख़ुशी होती. अब उन्हें या तो दूसरी पारी तक या अगली सीरीज़ तक इंतज़ार करना होगा. कप्तानी पर ख़तरा कप्तान सौरभ गांगुली की कप्तानी पर मंडरा रहे संकट के बादल और गहरे हो गए जब वो सिर्फ़ 1 रन बना कर दानिश कनेरिया की गेंद पर स्टंप आउट हो गए. क्रिकेट प्रेमी उनकी ख़राब फॉर्म से कितने नाराज़ हैं, ये तब पता चला जब आउट हो कर पैवेलियन लौटते समय गांगुली को दर्शकों के ताने सुनने पड़े. हालाँकि सहवाग ने इस पिच का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए दोहरा शतक जड़ दिया है लेकिन वो इसे एक ख़राब टेस्ट पिच मानते हैं. वो कहते हैं, तीन दिन में इस पिच पर क़रीब 900 रन बन गए हैं और सिर्फ़ 16 विकेट गिरे हैं तो ये विकेट टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी कैसे हो सकती है. गेंदबाज़ी दिन के शुरू में सहवाग के बल्ले की मार झेलने वाले पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने शाम होते होते वापसी की भारत के 6 विकेट झटक लिए, जिनमें से 3 दानिश कनेरिया, 2 मोहम्मद समी और 1 विकेट शाहिद आफ़्रीदी को मिला. बंगलौर टेस्ट में अब भी नतीजे की उम्मीद ख़त्म नहीं हुई हैं. कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि अगर भारत ने पाकिस्तान को पहली पारी में बढ़त दी तो चौथे और पाँचवें दिन कुछ भी हो सकता है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि उस सूरत में दबाव भारत पर होगा. |
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