| यूनूस के पठानी जज़्बे ने मदद की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के ख़िलाफ़ बंगलौर टेस्ट में दूसरा दिन 267 रन बनाने वाले पाकिस्तान के उपकप्तान यूनुस ख़ान के नाम रहा. उनसे ख़ास बातचीत करने का मौक़ा मिला. सवाल – यूनुस, इतनी बढ़िया पारी खेलने के लिए मुबारक हो. कितना अहम मानते हैं इस पारी को. जवाब – शुक्रिया, बड़ा मज़ा आ रहा है क्योंकि टीम को इसकी ज़रूरत थी. पिछले चार पाँच मैचों में हो ये रहा था कि हम अच्छी स्थिति में होने के बावजूद रन नहीं बना पाते थे, कोई न कोई आउट हो जाता था. आज मेरी कोशिश थी कम से कम मैं वहाँ खड़ा रहूँ और टीम को एक अच्छा स्कोर दे पाऊँ. सवाल – आपने अपने पहले टेस्ट में ही शतक लगाया था, लेकिन आपका करियर उतार चढ़ाव से भरा रहा है. आप टीम से अंदर बाहर होते रहे हैं लेकिन हर बार ज़ोरदार वापसी करने में कामयाब रहते हैं, कहीं इस जज़्बे के पीछे वो पठानी ख़ून तो नहीं, जो आपकी रगों में दौड़ रहा है. जवाब – ये गुण मुझसे परिवार से ही आया है. मेरी माँ ने जो सिखाया उसकी वजह से मुझे कभी नीचा नहीं देखना पड़ा. वो हमेशा मेरा उत्साह बढ़ाते हैं. मेरे वालिद ने भी काफ़ी सख़्त वक़्त बिताया है इसलिए वो मुझसे भी कहते थे कि डटे रहो. बस वहीं से ये बातें मेरे अंदर भी आ गईं. सवाल – साढ़े ग्यारह घंटे आप क्रीज़ पर खड़े रहे, थके नहीं, कोई मुश्किलें नहीं पेश आईं. जवाब – जब आप अपनी टीम और मुल्क़ के बारे में सोचते हैं तो सब दर्द भूल जाते हैं. मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही थी क्योंकि कई बार तो बहुत धीमा खेलना पड़ रहा था. मन तो कर रहा था कि मैं भी सहवाग और आफ़रीदी की तरह शॉट खेलूँ लेकिन टीम को मेरी ज़रूरत थी और मैं ख़तरा नहीं उठा सकता था. बस ये सब तकलीफ़ें बर्दाश्त कर गया क्योंकि टीम के बारे में सोच रहा था. सवाल – किस बल्लेबाज़ को ध्यान में रख कर आप क्रिकेट खेलते आए हैं. जवाब – मैं सचिन, लारा, इंज़माम और रिकी पॉंटिंग को पसंद करता हूँ लेकिन मैंने हमेशा इमरान भाई को फॉलो किया है. जब छोटा था तो उनकी किताबें पढ़ता था, दूसरे लोगों से और वसीम भाई से उनके बारे में पूछता था. मैं कोशिश करता हूँ कि उन्हीं की तरह रहूँ और उन्हीं की तरह नेतृत्व करूँ. सवाल – आपकी टीम ने 570 रन तो बना लिए हैं लेकिन पिच को देखते हुए डर नहीं लग रहा कि अगर ये मैच ड्रॉ हो गया तो आप सीरीज़ 0-1 से हार जाएँगे. जवाब – आपने देखा होगा कि सुबह हमारे दो विकेट जल्दी जल्दी गिर गए थे और बाद में भी लगातार गिरते रहे. इस विकेट में दरारें अब खुलने लगी हैं और अगर सहवाग और द्रविड आउट हो जाते हैं तो फिर भारत के लिए मुश्किल हो सकती है. |
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