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शतक लगाने वाला पहला अंपायर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलकाता के ईडेन गार्डेन में भारत व पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में और कोई रिकार्ड बने या नहीं, एक रिकार्ड तो तय है. वो यह कि मैच वेस्ट इंडीज के अंपायर स्टीव बकनर का सौंवा मैच है. बकनर इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले अंपायर हैं. मैच शुरू होने के पहले मैदान में आईसीसी व भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से उनका अभिनंदन किया गया. यह एक दिलचस्प संयोग ही कहा जाएगा कि बकनर ने जमैका में अपने कैरियर के जिस पहले टेस्ट और एंटीगुआ में जिस पहले एक दिवसीय मैच में अंपायरिंग की थी, उनमें एक टीम भारत की थी. यह वर्ष 1988-89 के दौरान हुआ. अब सौंवे मैच में भी वही टीम है. बकनर चार विश्वकप फाइनल्स में अंपायरिंग कर चुके हैं. लंबी पारी वह कहते हैं कि वर्ष 2007 में वेस्ट इंडीज में होने वाले विश्वकप के बाद ही वे अपने भविष्य के बारे में कोई फैसला करेंगे. बकनर कहते हैं कि "16 वर्षों से मैदान में डटे रहना अच्छी बात है. लेकिन मैं किसी रिकार्ड के बारे में नहीं सोच रहा हूं. इसका असर अंपायरिंग पर पड़ सकता है."
टेस्ट व एकदिवसीय मैंचों में कई बार विवादास्पद तरीके से सचिन तेंदुलकर को आउट देने वाले बकनर कहते हैं कि "वह (सचिन) एक महान खिलाड़ी होने के साथ ही एक अच्छे इंसान भी हैं. वे अगर ईडेन में 35वां शतक लगाते हैं या 10 हजार रन पूरे करते हैं,तो मैं भी उनको बधाई दूंगा. हालांकि अंपायर के तौर पर मेरी भी कुछ सीमाएं हैं." बकनर मानते हैं कि उन्होंने भी कई बार गलतियां की हैं.वे इसके लिए दो बार संबंधित खिलाड़ियों से माफी भी मांग चुके हैं. वे कहते हैं कि "आखिर मैं भी तो इंसान ही हूं." जमैकावासी 58 वर्षीय बकनर कहते हैं कि "भारतीय उपमहाद्वीप में शोरगुल, गर्मी व आर्द्रता के कारण अंपायर पर काफी दबाव रहता है. " बकनर मानते हैं कि खेल में तकनीक के बढ़ते चलन ने अंपायरों को सहूलियत ही दी है. वे कहते हैं कि कई बार बहुत मुश्किल स्थिति में कोई फैसला लेने के बाद मैं पेवेलियन में लौट कर टीवी पर देख सकता हूं कि मेरा फ़ैसला सही था या नहीं. लगाव क्रिकेट में शतक जमाने के कगार पर खड़े स्टीव को फुटबाल से भी काफी लगाव है. वे कहते हैं,"मैं इसी साल मई में जमैका में एक फ़ुटबाल अकादमी खोलने की भी योजना बना रहा हूं. '' वे फुटबाल विश्वकप के क्वालीफाइंग मुकाबलों में रेफरी भी रह चुके हैं. बकनर ईडेन में भारत-पाक मुक़ाबले के लिए मानसिक तौर पर तैयार हो रहे हैं. यह भी एक संयोग ही है कि पांच साल पहले इसी मैदान पर दोनों टीमों के बीच हुए आखिरी मैच में भी बकनर ही अंपायर ही थे. तब शोएब अख्तर से टकराकर सचिन के आउट हो जाने के बाद दर्शकों ने काफी हंगामा किया था. नतीजतन स्टेडियम खाली कराने के बाद ही मैच खेला जा सका था. |
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