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दानिश कनेरिया से ख़ास बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मोहीली में पहले टेस्ट में भारत के 6 विकेट चटकाने वाले स्पिनर दानिश कनेरिया पाकिस्तानी टीम के इकलौते हिंदू खिलाड़ी हैं. वो भारत आकर कई मंदिरों में पूजा अर्चना कर चुके हैं और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने की भी इच्छा रखते हैं. पेश हैं कनेरिया से ख़ास बातचीत के कुछ अंश: सवाल – मोहाली टेस्ट में आपने 6 विकेट लिए थे लेकिन कोलकाता में आप नाकाम क्यों रहे? जवाब – मैंने गेंदबाज़ी तो कोलकाता में भी अच्छी की थी लेकिन शायद मैं थोड़ा थक गया था, शरीर में पानी की कमी हो गई थी. मेरा आत्मविश्वास कम नहीं था बस थोड़ी तबीयत थोड़ी ढीली थी. सवाल – दो टेस्ट मैचों में प्रदर्शन के आधार पर जब भारत और पाकिस्तान के स्पिनरों की तुलना की जाए तो लोग कहते हैं कि भारत का पलड़ा भारी है, पाकिस्तानी स्पिनरों को अभी काफ़ी कुछ सीखना है. क्या ये सुन कर बुरा लगता है. जवाब – बुरा क्यों लगेगा, लोगों का तो काम है बातें करना. अब कुंबले हैं, वो मुझ से ज़्यादा मैच खेले हुए हैं और यहाँ अपनी ज़मीन पर खेलने का उन्हें फ़ायदा मिल रहा है. कुंबले की ज़्यादातर विकटें अपने घरेलू मैदानों पर ही हैं. मुझे ख़ुद पर और भगवान पर पूरा भरोसा है कि एक दिन मेरी गिनती भी दुनिया के शीर्ष स्पिनरों में होगी. सवाल – जब मैंने सीरीज़ से पहले आपसे पाकिस्तान में बात की थी तब आपने कहा था कि आप राहुल द्रविड को निशाना बनाएँगे क्योंकि वही आपकी टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. दूसरे टेस्ट के बाद तो आपकी बात बिल्कुल सही साबित हो गई. जवाब - द्रविड एक महान बल्लेबाज़ हैं और बहुत अनुभवी हैं. वो बहुत सुलझे हुए बल्लेबाज़ हैं और मैंने हमेशा उन्हें सम्मान दिया है. उनके जैसे अच्छे बल्लेबाज़ को बोलिंग करने से आत्मविश्वास और बढ़ता है, मज़ा आता है. जब एक अच्छे बल्लेबाज़ और एक अच्छे गेंदबाज़ के बीच मुक़ाबला होता है तो लोग भी मज़ा लेते हैं. मैं कभी डरता नहीं, ज़्यादा से ज़्यादा एक ओवर में छ छक्के ही मारेंगे न, जान से तो नहीं मार देंगे न. सवाल – अब बहुत से क्रिकेट पंडित कहने लगे हैं कि सचिन या लारा नहीं बल्कि राहुल द्रविड दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ हैं, आप सहमत हैं.
जवाब – लारा की अपनी क्लास है और सचिन की अपनी लेकिन मैं मानता हूँ कि द्रविड सर्वश्रेष्ठ हैं. सवाल – आप यहाँ आने से पहले अपनी कुछ तमन्नाएँ पूरी करना चाह रहे थे जैसे मंदिर जा कर पूजा करना, क्या पूरी हुईं. जवाब – हाँ, बिल्कुल. मैं एक हिंदू हूँ और हिंदुस्तान में मेरा धर्म इतने व्यापक तौर पर फैला हुआ है. यहाँ ऐसी कई जगहें हैं जहाँ जाना अच्छा लगता है, मंदिर जाना भी अच्छा लग रहा है. पूजा की हर जगह जाना अच्छा लगता है. जब तक भगवान के दरबार से बुलावा न आए तब तक कैसे जा सकता हूँ. जहाँ जहाँ भगवान का बुलावा आया, मैं वहाँ गया. अब और जहाँ जहाँ बुलाएँगे वहाँ भी जाऊँगा. सवाल – कितने मंदिर देख लिए अब तक. जवाब – कम से कम पाँच छह मंदिर देख लिए हैं मैंने अब तक, हर शहर में एक-दो मंदिर देख लिए हैं. और भी देखने की इच्छा है. सवाल – क्या अन्य धर्मिक जगहें जैसे गंगा, काशी और मथुरा जाने की इच्छा है. जवाब – इच्छा तो है लेकिन जब तक बुलावा नहीं आता तब तक कैसे जा सकता हूँ. इन्सान की इच्छाएँ तो बहुत होती हैं और सारी कहाँ पूरी होती हैं. सवाल – आप पहली बार भारत के इतने लंबे दौरे पर आए हैं, सबसे अच्छी बात यहाँ क्या लगी. जवाब – पाँच साल के बाद दौरा हो रहा है, अच्छा है और काफ़ी मज़ा आ रहा है. जब भारत की टीम पाकिस्तान आई थी तो हमने ख़ूब ख़ातिरदारी की थी और अब वही हमें वापस मिल रहा है. ये तो दुनिया का उसूल है एक हाथ दे तो दूसरे हाथ ले. |
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