|
पाकिस्तान के नए होनहार गेंदबाज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रावलपिंडी टेस्ट में पाकिस्तान की तेज़ गेंदबाज़ी की बागडोर किसके हाथ में रहेगी? फ़ज़ले अकबर, राणा नवीदुल हसन राव इफ़्तिख़ार अंजुम या फिर अब्दुल रऊफ़ ख़ाँ. हमने 17 खिलाड़ियों की सूची में शामिल इन चार तेज़ गेंदबाज़ों से इस्लामाबाद में बात की. गेंदबाज़ी में तेज़ आक्रमण की बदौलत भारतीय टीम को शिकस्त देने की बात करने वाले पाकिस्तानी टीम के कप्तान इंज़मामुल हक़ और कोच जावेद मियाँदाद के लिए टीम के घायल खिलाड़ियों को लेकर परेशानियाँ बढ़ती ही जा रही है. शब्बीर अहमद और दूसरे टेस्ट मैच के सितारे उमर गुल तो तीसरे और निर्णायक टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे, मोहम्मद समी भी कमर दिर्द से परेशान हैं और उनका खेल पाना भी तय नहीं है. ऐसे में पाकिस्तान को अपने चार उदीयमान तेज़ गेंदबाज़ों में से तीन या कम से कम दो गेंदबाज़ों को चुनना होगा. इन चारों तेज़ गेंदबाज़ों ने जब रविवार को नेट अभ्यास किया तो जावेद मियाँदाद ने उनपर भरोसा भी जताया.
फ़ज़ले अकबर अब तक चार टेस्ट मैचों में दस विकेट हासिल करने वाले फ़ज़ले अकबर से जब मैंने पूछा कि अगर उन्हें टीम में जगह मिली तो वह क्या करना चाहेंगे तब बिना एक पल रुके अकबर का कहना था, "जो उमर गुल ने दूसरे टेस्ट मैच में किया वही मैं तीसरे में करना चाहूँगा." "अपने मुल्क के लिए मैं जीत हासिल करना चाहता हूँ." फ़ज़ले अकबर कहते हैं कि उनके पास तीन हथियार हैं - आउट स्विंग, इन स्विंग और जो निप करती हैं उनकी गेंदें. अकबर की दिली तमन्ना है कि वह राहुल द्रविड़ को आउट करें. राणा नवीदुल हसन उधर एक दिवसीय श्रंखला के पहले मैच में कराची में खेल चुके हरफ़न मौला राणा नवीदुल हसन को उम्मीद है कि अगर उन्हें टीम में रखा जाता है तो अपनी टीम को जिताने में वो अहम भूमिका निभा सकते हैं. उनका कहना है कि स्वभाविक रूप से फेंके गए उनके आउट स्विंगर भारतीय बल्लेबाज़ों के विकेट गिरा सकते हैं. राणा नवीदुल हसन अपनी लाइन और लेंग्थ दुरुस्त करने में लगे हैं और उनका कहना है कि नेट पर अभ्यास में उनकी गेंदों की काफ़ी तारीफ़ हुई है. हममें से कुछ को ही शायद यह जानकारी हो कि राणा नवीदुल हसन पहले हॉकी खेलते थे और आक़िब जावेद से प्रेरणा लेकर उन्होंने हॉकी को अलविदा कहकर क्रिकेट के मैदान में आए हैं.
इफ़्तिख़ार अंजुम 17 पाकिस्तानी खिलाड़ियों की सूची में राव इफ़्तिख़ार अंजुम का नाम भी शामिल है. अंजुम रावलपिंडी क्रिकेट मैदान पर ही खेलते रहे हैं. अपने घर के शहर की पिच पर हरी घास की ख़बर सुनकर इफ़्तिख़ार उत्साहित तो हैं लेकिन कहते हैं कि घास नहीं भी हो तो अपनी गेंदों को स्विंग करके वह भारतीय बल्लेबाज़ों के होश उड़ा सकते हैं. अंजुम कहते हैं कि अगर उन्हें रावलपिंडी टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला तो विकेट मिलना ही काफ़ी नहीं होगा, मैच में जीत दिलाने वाले खेल का प्रदर्शन करके ही उन्हें तसल्ली होगी. अब्दुल रऊफ़ ख़ाँ रावलपिंडी टेस्ट के लिए 17 की सूची में एक और खिलाड़ी कमर कसे हुए हैं और वो हैं लंबे क़द वाले अब्दुल रऊफ़ ख़ां जो हरी घास वाली पिच को देखकर विकेट लेने के लिए उतावले नज़र आ रहे हैं. उनकी आँखों की चमक में अपने देश और अपनी टीम के लिए कुछ ख़ास कर गुज़रने की तमन्नमा साफ़ झलकती है. रऊफ़ कहते हैं कि मूलतः वह आउट स्विंग करते हैं और ग्रीन विकेट हमेशा ही उनकी मदद करती है. रऊफ़ ने प्रथम श्रेणी के एक मैच में 14 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड भी इसी तरह की विकेट पर फ़ैसलाबाद में बनाया था. रऊफ़ कहते हैं, "अगर इस बार मुझे भारत के ख़िलाफ़ खेलने का मौक़ा मिला तो मैं उसी तरह का प्रदर्शन करने की कोशिश करुंगा." रऊफ़ कहते हैं कि जिस तरह की आउट स्विंग को खेलने में सचिन और सहवाग को परेशानी होती है वह उसी तरह की गेंदें डालना चाहेंगे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||