विश्व मुक्केबाज़ी से मिलेगा रियो का टिकट

शिव थापा

इमेज स्रोत, AP

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

दोहा में मंगलवार से विश्व एमेच्योर मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप शुरू होने जा रही है.

यह अगले साल होने वाले रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाइंग चैंपियनशिप भी है.

भारत के लिए भी इसका विशेष महत्व है क्योंकि उसके 6 मुक्केबाज़ भी वहां अपना दमख़म दिखाएंगे.

इनमें एल देवेंद्रो सिंह 49 किलो, मदन लाल 52 किलो, शिव थापा 56 किलो, मनोज कुमार 64, विकास कृष्णन 75 और सतीश कुमार 91 किलो से अधिक भार वर्ग में हिस्सा लेंगे.

इस विश्व चैंपियनशिप के माध्यम से 10 विभिन्न भार वर्ग में रियो ओलंपिक के 23 कोटा स्थान तय होंगे.

जीते है कांस्य

विजेन्दर सिंह

इमेज स्रोत, AFP

उल्लेखनीय है कि विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में आज तक भारत के केवल दो मुक्केबाज़ ही पदक जीत सके हैं.

विजेंदर सिंह ने साल 2009 में मिलान, इटली में कांस्य पदक जीता.

उनके बाद साल 2011 में विकास कृष्णन यादव ने अज़रबैजान में हुई विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.

इस विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाज़ अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ के झंडे तले उतरेंगे क्योंकि इन दिनों भारतीय मुक्केबाज़ी संघ निलंबित है.

ऐसी स्थिति को लेकर टीम के कोच गुरबक्श सिंह संधू कहते है कि यह भारत के लिए मुश्किल दौर है.

ऐसे में पहले से तय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने में मुश्किल होती है. कोच संधू को उम्मीद है कि भारतीय मुक्केबाज़ इसके बावजूद शानदार प्रदर्शन करेंगे.

बढ़ी मुश्किलें

शिव थापा

इमेज स्रोत, Reuters

उल्लेखनीय है कि एशियन चैंपियनशिप में किए गए प्रदर्शन के आधार पर भारत के 6 मुक्केबाज़ो ने विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में जगह बनाई.

ऐसा पहली बार हुआ जब विश्व चैंपियनशिप के लिए भी मुक्केबाज़ों को क्वालिफाई करना पड़ा.

एशियन चैंपियनशिप के माध्यम से भारत के अलावा कज़ाखिस्तान के 9, उज़्बेकिस्तान के 8 मुक्केबाज़ों ने विश्व चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>