मुक्केबाज़ों के पेट पर लात मारी जा रही है...

जय भगवान
इमेज कैप्शन, भारतीय मुक्केबाजों पर प्रतिबंध से बॉक्सर्स में हताशा है.

भारत के उभरते हुए युवा मुक्केबाज जय भगवान काफी निराश हैं. उनके मनोबल को काफी धक्का पहुंचा है और इसकी वजह, भारतीय मुक्केबाजों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध का लगना है.

ये प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ यानी एआईबीए ने लगाया है.

एआईबीए की मांग है कि भारतीय मुक्केबाजी संघ के चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जाएं और उसमें सरकार का दखल ना हो. जब तक ऐसा नहीं किया जाएगा तब तक भारतीय मुक्केबाज़ों पर ये प्रतिबंध जारी रहेगा.

मनोबल को धक्का

बीबीसी से खास बात करते हुए मुक्केबाज जय भगवान ने कहा, "ये तमाम मुक्केबाज़ों के पेट पर लात मारने जैसा फैसला है. अप्रैल में एशियन चैंपियनशिप है. कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप है. हमें इनमें हिस्सा लेने ही नहीं दिया जाएगा तो भला हमारे पास क्या लक्ष्य रहेगा. देश के लिए अच्छा करने की भावना ही हमें प्रेरित करती है. जब हमें तिरंगे झंडे के खेलने का मौका ही नहीं मिलेगा तो मुक्केबाज़ी करना बेकार है."

जय भगवान ने ये भी कहा कि मुक्केबाजों के सामने ये भी समस्या है कि भला वो अपनी बात कहां और किसके पास पहुंचाए. कौन उनकी मांगो की सुनवाई कर पाएगा. हमारा फेडरेशन ठीक से काम नहीं कर रहा है.

जय भगवान जैसी ही राय वरिष्ठ मुक्केबाज़ अखिल कुमार रखते हैं.

वो कहते हैं, "अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ की जो मांगे हैं वो तुरंत पूरी करनी चाहिए. हमारी फेडरेशन ठीक से काम नहीं कर रही है तो सरकार को दखल देना चाहिए. वर्ना खिलाड़ियों के मनोबल को ज़बरदस्त धक्का पहुंचेगा. पटियाला में नेशनल कैंप ज़रूर लगा हुआ है. लेकिन जब हम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं ले पाएंगे तो ट्रेनिंग में कैसे फोकस करेंगे."

फेडरेशन का बचाव

वहीं बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने इस मामले पर काफी संभल कर प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी संघ के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा. वो इसका दोष अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ को देते हैं.

वो कहते हैं, "विश्व बॉक्सिंग फेडरेशन जो हम पर लगातार दबाव बना रही है वो ठीक बात नहीं है. हमारी फेडरेशन की कोई ग़लती नहीं है. मुझे लगता है मुक्केबाजों को आगे ज़्यादा मुसीबत नहीं होनी चाहिए. और उन्हें बिना परेशान हुए ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए."

इस साल सितंबर महीने में जापान में बॉक्सिंग की विश्व चैंपियनशिप भी होनी है.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल के अंत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक महासंघ ने भारतीय ओलंपिक संघ को भी चुनाव में गड़बड़ी के आरोप में रद्द कर दिया था.