यशस्वी जायसवाल छक्का मार कर शतक पूरा कर सकते थे, लेकिन क्यों नहीं किया

यशस्वी जायसवाल

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    • Author, मोहम्मद शाहिद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

"हम इसके (बल्लेबाज़ी) आदी हो गए हैं, हम जानते हैं कि यशस्वी जायसवाल क्या कर सकते हैं. जब वो बल्लेबाज़ी करते हैं तो गेंदबाज़ जानते हैं कि पावरप्ले में वो कैसी बल्लेबाज़ी करते हैं. वो उसको काफ़ी एंजॉय करते हैं."

पोस्ट मैच सेरेमनी में ये शब्द थे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन के. राजस्थान ने गुरुवार को कोलकाता नाइटराइडर्स के ख़िलाफ़ 9 विकेट से मैच जीत लिया और इस मैच के सबसे बड़े हीरो रहे यशस्वी जायसवाल.

हालांकि, कोलकाता नाइटराइडर्स को 149 रनों पर रोकने में उसके गेंदबाज़ों और फ़ील्डर्स की ख़ासी बड़ी भूमिका रही और उसके स्पिनर युज़वेंद्र चहल ने 25 रन देकर 4 विकेट लिए. वो आईपीएल में सबसे अधिक विकेट (187) लेने वाले गेंदबाज़ भी बन गए हैं.

इन सबके बावजूद सिर्फ़ एक ही नाम जो कल कोलकाता के ईडन गार्डंस में गूंजता रहा.. वो था यशस्वी जायसवाल का.

यशस्वी ने 13 गेंदों में छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से अर्धशतक ठोक डाला जो कि आईपीएल का सबसे तेज़ अर्धशतक का रिकॉर्ड है. इससे पहले ये रिकॉर्ड केएल राहुल और पेट कमिंस के नाम था जो उन्होंने 14 गेंदों में बनाया था.

यशस्वी ने गुरुवार के मैच में 47 गेंदों में 12 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 98 रन बना डाले. उन्होंने 208 के स्ट्राइक रेट से ये रन बनाए.

इसके साथ ही इस आईपीएल सीज़न में उनके 575 रन हो गए हैं और वो ऑरेंज कैप की दावेदारे में सिर्फ़ एक रन पीछे हैं.

इस समय ऑरेंज कैप के सबसे तगड़े दावेदार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान फ़ाफ़ डुप्लेसी हैं जिनके 576 रन हैं.

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यशस्वी का यश

कोलकाता नाइटराइडर्स ने जब राजस्थान रॉयल्स को 150 रनों का लक्ष्य दिया तब लग रहा था कि ये लक्ष्य आराम से पाया जा सकता है. पर यह इतना आराम से पा लिया जाएगा, इसका अंदाज़ा बिलकुल भी नहीं था.

पहले ओवर में यशस्वी ने जैसे ही नीतीश राणा की गेंदों का सामना किया तो उन्होंने उनको कोई मुरव्वत नहीं बख़्शी. उन्होंने पहले ही ओवर में 26 रन बना डाले. अगले ओवर में राजस्थान के जॉस बटलर रन आउट हो गए, लेकिन इसके बाद कोई विकेट नहीं गिरा.

'पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं' ये मिसाल यशस्वी जायसवाल पर एकदम सटीक बैठती है. यशस्वी को यश ज़रूर आईपीएल से मिला हो, लेकिन उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाज़ी का लोहा मनवाया है.

यशस्वी केवल घुमाकर हवा में बल्ला चलाने वाले बल्लेबाज़ नहीं हैं बल्कि वो पूरी टेक्नीक से बैटिंग करते हैं.

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ का कहना है कि 'यशस्वी जायसवाल प्रॉपर गेम खेलते हैं, वो सूर्यकुमार यादव की तरह वीडियो गेम खेल नहीं खेलते हैं. उन्होंने हर गेंद पर कट, ड्राइव जैसे शॉट खेले जो ये बताता है कि उनके पास कमाल की टेक्नीक है, वो सामने फ़्रंट में गेम खेलते हैं.'

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यशस्वी जायसवाल सिर्फ़ एक गेम के खिलाड़ी नहीं हैं, वो लगातार हर मैच और हर सिरीज़ में चलते हैं.

साल 2020 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से अपना आईपीएल डेब्यू किया था. उस साल उन्होंने सिर्फ़ 3 मैच खेले थे और 40 रन बनाए थे, लेकिन ये सिर्फ़ शुरुआत थी क्योंकि उन्होंने धीरे-धीरे अपनी बल्लेबाज़ी को धार दी है.

2021 में यशस्वी ने 10 मैच खेले जिसमें उन्होंने 148 के स्ट्राइक रेट से 249 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने अपनी पहली आईपीएल फ़िफ़्टी भी लगाई. उनकी बल्लेबाज़ी में लगातार निखार आता गया.

साल 2022 में उन्होंने 10 मैच खेले जिसमें 132 के स्ट्राइक रेट से 258 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने एक फ़िफ़्टी भी मारी.

पॉइंट्स टेबल
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इस साल के आईपीएल में वो 12 मैच खेल चुके हैं और अब तक उन्होंने 575 रन बना डाले हैं. इसमें उनका एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं.

यशस्वी की बल्लेबाज़ी का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मुंबई इंडियंस जैसी धाकड़ टीम के ख़िलाफ़ अपना पहला आईपीएल शतक जड़ा. उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम में 124 रनों की शानदार पारी खेली थी.

यशस्वी ने इस आईपीएल सीज़न में अब तक 344 गेंदों का सामना किया है जिसमें 74 चौके और 26 छक्के शामिल हैं. उनका ऐवरेज 52.27 और स्ट्राइक रेट 167.15 का रहा है, जो उनकी काबिलियत को बयान करता है.

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शतक क्यों नहीं लगा पाए यशस्वी

गुरुवार के मैच में जब राजस्थान को जीत के लिए सिर्फ़ 3 रन चाहिए थे और यशस्वी जायसवाल 94 रन के स्कोर पर खेल रहे थे तब 12वें ओवर की आख़िरी गेंद पर संजू सैमसन ने रन नहीं लिया. ऐसा लग रहा था कि सैमसन ने जान-बूझ कर स्ट्राइक यशस्वी के लिए छोड़ी ताकि वो छक्का मारकर अपना शतक पूरा कर लें.

संजू सैमसन ने इशारों-इशारों में यशस्वी को लंबा शॉट खेलने के लिए भी कहा, लेकिन यशस्वी ने छक्का न मारकर सिर्फ़ चौका मारा और मैच को जिता दिया.

पोस्ट मैच सेरेमनी के दौरान यशस्वी से क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पूछा कि क्या उनके दिमाग़ में शतक के बारे में कुछ नहीं चल रहा था?

इस सवाल पर यशस्वी ने कहा, "मैं यही सोचकर चल रहा था कि हमारी टीम का नेट रन रेट हाई रहे क्योंकि मैं और संजू भाई ये बात कर रहे थे कि अगर हम तेज़ी से स्कोर करते हैं तो हमारा नेट रन रेट हाई रहेगा. तो मैं वहीं शॉट मार रहा था जहां पर मैं मार सकता था."

इसी मैच के दौरान जॉस बटलर के शॉट मारने के बाद तालमेल की कमी से बटलर रन आउट हो गए.

इस रन आउट को लेकर जब यशस्वी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ऐसा खेल में होता है और हर कोई जान-बूझ कर ऐसा नहीं करता है. इसने और ज़िम्मेदारी डाल दी कि खेल को जारी रखा जाए. मैं सोच रहा था तभी संजू भाई ने आकर कहा कि कोई फ़िक्र मत करो और सिर्फ़ अपना गेम खेलो."

यशस्वी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बताया कि जब उन्होंने फ़िफ़्टी मारी तो उन्हें मालूम नहीं था कि ये सबसे तेज़ फ़िफ़्टी है और उनको मैच के बाद ये बात पता चली जिसको उन्होंने काफ़ी एंजॉय किया.

मैच

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प्लेऑफ़ की तस्वीर अभी भी धुंधली

इसी जीत के साथ ही राजस्थान रॉयल्स पांचवें पायदान से तीसरे पायदान पर पहुंच गई है. लेकिन अभी तक ये साफ़ नहीं हो पाया है कि प्लेऑफ़ में कौन-कौन सी टीमें पहुंचने वाली हैं.

आईपीएल में अब हर मुक़ाबले के बाद प्लेऑफ़ की तस्वीर साफ़ होती चली जाएगी. गुरुवार की हार के बाद कोलकाता नाइटराइडर्स छठे पायदान से सातवें पायदान पर पहुंच गई है जबकि उसके दो मैच बचे हैं.

वहीं सनराइज़र्स हैदराबाद नौवें पायदान पर है और दिल्ली कैपिटल्स 10वें पायदान पर है.

हैदराबाद के अभी पूरे चार मैच बचे हैं और दिल्ली के भी तीन मैच बचे हैं. अगर ये टीमें भारी रन रेट से सभी मैच जीत जाती हैं तो ये अभी भी प्लेऑफ़ में पहुंच सकती हैं.

इस सूरत में अभी किसी भी टीम के लिए कुछ भी साफ़-साफ़ नहीं कहा जा सकता है. कोई भी टीम आईपीएल में किसी भी पायदान पर पहुंच सकती है ये भी साफ़ हो चुका है.

अगर मैचों की बात करें तो आज मुंबई इंडियंस का मुक़ाबला गुजराज टाइटंस से होगा. गुजरात इस समय 16 पॉइंट्स के साथ टॉप टीम बनी हुई है और मुंबई के 12 पॉइंट्स हैं और वो पॉइंट्स टेबल में चौथे पायदान पर आ गई है.

अभी भी ये साफ़तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि गुजरात प्लेऑफ़ में है क्योंकि अभी भी बाकी टीमों के तीन से चार मैच बचे हुए हैं.

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